बार-बार हैंड सैनिटाइजर का इस्‍तेमाल बन सकती है इन 5 बीमारियों की वजह

हाथो को साफ करने के लिए आजकल साबुन से अधिक हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं यह त्‍वचा के लिए बहुत नुकसानदेह है, यह किस तरह नुकसान पहुंचाता है, आइए हम आपको बताते हैं।

तन मन By Atul Modi / Apr 12, 2018
हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग

हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग

क्या आप बाहर निकलने के बाद कुछ भी छूने, किसी चीज को पकड़ने के बाद बार-बार अपने हाथों में सैनिटाइजर मलती हैं? तो सतर्क हो जाइए। यह आदत आपको नुकसान पहुंचा सकती है। यह सही है कि हैंड सैनिटाइजर हाथों को साफ करने का सुविधाजनक तरीका है, लेकिन इस बात का ख्याल रखना भी जरूरी है कि इसका समझदारी से उपयोग किया जाये।

ट्राइक्लोसान

ट्राइक्लोसान

सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसान नामक एक केमिकल होता है, जिसे हाथ की त्वचा तुरंत सोख लेती है। अगर यह रक्त संचार में शामिल हो जाये, तो यह मांसपेशी को-ऑर्डिनेशन के लिए जरूरी सेल-कम्युनिकेशन को बाधित करता है। इसका लंबे समय तक ज्यादा इस्तेमाल त्वचा को सूखा बनाने, बांझपन और हृदय के रोग को न्योता दे सकता है। इसलिए अगर आपको हाथ धोने की जरूरत महसूस हो रही है, तो इंतजार कीजिए और मौका मिलते ही साबुन और पानी से ही अपने हाथों को धोइए।

बच्चों के लिए नुकसानदायक

बच्चों के लिए नुकसानदायक

हम सभी जानते है कि बच्चे ना जाने कैसी-कैसी चीजों को हाथ लगाते रहते है। उनको हैंड सैनीटाइजर का प्रयोग करने अपने सामने ही कराये। । कई बार बच्चों के सैनिटाइजर को निगल लेने का खतरा  ऱहता है। सैनिटाइजर मे एल्कोहल की मात्रा होने की वजह से ये बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। इस तरह के कई मामले सामने आ भी चुके है।

बच्चों की इम्यूनिटी कम करता है

बच्चों की इम्यूनिटी कम करता है

नॉर्थवेस्टर्न रिसर्च के साइंस डेली के अनुसार हैंड सैनिटाइटर के ज्यादा प्रयोग से बच्चों की इम्यूनिटी घट रही है। बच्चों की यूरीन मे इनफ्लेमेटरी तत्व  सी-रिएक्टिव प्रोटीन पाया गया है जो कि इम्यूनिटी को कमजोर करता है। इसका ज्यादा प्रयोग बड़ो को भी नुकासन करता है।

क्लोराइड के प्रभाव

क्लोराइड के प्रभाव

हैंड सैनिटाइजर्स मे बेंजाल्कोनियम क्लोराइड के घटक होते है। ये कीटाणुओ औऱ बैक्टीरिया को हमारे शरीर से बाहर कर देते है। लेकिन यही घटक हमारी त्वचा को भी प्रभावित करते है। इससे जलन और खुजली जैसी समस्याएं हो जाती है। कई सैनिटाइजर्स मे विषैले तत्व होते है।

महक हो सकती है विषैली

महक हो सकती है विषैली

सैंनिटाइजर के प्रयोग करने पर एक मीठी सी खूश्बू आती है। इसके लिए फैथलेट्स नामक रसायन का उपयोग किया जाता है जो एक हानिकारक रसायन है।इस रसायन का उपयोग प्रतिष्ठित कंपनियां भी अपने उत्पाद में करती हैं लेकिन बिल्कुल कम मात्रा में जबकि सस्ते प्रसाधनों में इस रसायन की मात्रा में अधिक होती है। ऐसे प्रसाधनों को लगातार इस्तेमाल करने से लिवर, किडनी, फेफड़े तथा प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचाता हैं। कभी-कभी गुण सूत्रों की संरचना भी प्रभावित होती है।

पूरी तरह से सफाई नहीं

पूरी तरह से सफाई नहीं

हैंड सैनिटाइजर का प्रय़ोग करने के बाद अक्सर हमें लगता है कि हाथ साफ हो गया है। जबकि ऐसा होता नहीं है। इससे फैट्स और शुगर जैसी चीजों नहीं निकलती है। इसलिए आप इसका प्रय़ोग कब कर रहे इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। बटर पॉपकार्न को खाने के बाद सैनीटाइजर काफी नहीं होता है।

त्वचा को खराब

त्वचा को खराब

हैंड सैनिटाइजर का ज्यादा प्रयोग त्वचा को रूखा बना सकता है। इसलिए इसके प्रयोग करने से पहले उसकी आवश्यकता को समझ ले। अगर संभव हो तो पानी से हाथ घुले। इससे आपकी त्वचा भी नहीं खराब होगी और हाथों की ठीक से सफाई हो जाएगी।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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