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जानें, किन कारणों से होता है आपकी मांसपेशियों में दर्द

मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन तीस से चालीस वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं में यह समस्‍या तेजी से बढ़ रही है। मांसपेशियों में जरूरत से ज्‍यादा दबाव पड़ने के कारण उनमें दर्द होता है।

दर्द का प्रबंधन By Rashmi Upadhyay / Jan 25, 2018

मांसपेशियों में दर्द को दूर करने के उपाय

आजकल की व्‍यस्‍त और भाग-दौड़ भरी दिनचर्या में मांसपेशियों में दर्द एक आम समस्‍या बन गई है। वैसे तो मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन तीस से चालीस वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं में यह समस्‍या तेजी से बढ़ रही है। मांसपेशियों में जरूरत से ज्‍यादा दबाव पड़ने के कारण उनमें दर्द होता है। इसके कारण मात्र कुछ विशेष मांसपेशियों में दर्द होता हे जो काम करते समय या इसके बाद शुरू हो सकता है। कामकाजी युवक-युवतियों के इसकी चपेट में आने से कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है। यहां ऐसे कुछ नुस्खे दिए जा रहे हैं, जिन्हें आजमाकर आपको दर्द से राहत मिल सकती है।
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मालिश

थकान भरी शारीरिक गतिविधियों के बाद ऑक्सीजन की कमी से मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हो सकती है। मांसपेशियों में खिंचाव के कारण वह सिकुड़ जाती हैं, जिससे उनमें रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता। और उनमें दर्द होने लगता है। लेकिन सही तरीके से दर्द वाले स्‍थान पर मालिश करने से रक्‍त प्रवाह में सुधार होता है और दर्द से राहत मिलती है।
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दर्द निवारक दवाएं

ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं जैसे इबुप्रोफेन या एसिटामिनोफेन मांसपेशियों में दर्द को दूर करने में आपकी मदद कर सकती हैं। इबुप्रोफेन नॉन-स्‍टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेंटरी दवा है, जो सूजन को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, क्रीम या औषधीय दर्द से राहत देने वाले पैच जैसे अर्निका, बेंगे, टाइगर बाम, सलोपस भी मांसपेशियों में दर्द से राहत दिलाने में कारगर होते हैं। अमेरिकन अकादमी आफ फैमिली फिजिशियन के डॉक्‍टरों की रिपोर्ट के अनुसार, ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक स्‍वस्‍थ वयस्‍कों में मांसपेशियों में दर्द और पीड़ा को दूर करने के लिए सु‍रक्षित होती है।
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स्ट्रेचिंग

वैसे तो मांसपेशियों में दर्द होने पर हिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन मसल्‍स को हल्‍के-हल्‍के स्‍ट्रेच करने की कोशिश करें।  स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है, साथ ही इसे नियमित करने पर जोड़ों व मांसपेशियों की सक्रियता और गतिशीलता बनी रहती है और इससे आपको दर्द में राहत मिलेगी।  
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प्राकृतिक उपाय

अदरक एक प्राकृतिक दर्द निवारक है। इसलिए इसे बीमारियों में उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। अदरक दर्द भगाने की सबसे कारगर दवा है। 'फूड्स दैट फाइट पेन' पुस्तक के लेखक आर्थर नील बर्नार्ड के अनुसार, अदरक में दर्द मिटाने के प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं। यह बिना किसी दुष्प्रभाव के दर्दनिवारक दवा की तरह काम करती है। अदरक का रस मांसपेशियों की सूजन और दर्द कम कर करने में मदद करता है। मांसपेशियों में दर्द होने पर तेल में अदरक का रस मिलाकर या अदरक का पेस्‍ट दर्द पर लगाने से दर्द और तनाव से राहत मिलती है।
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प्रोटीन

मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन की कमी से भी मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। भारी-भरकम शारीरिक गतिविधियों के बाद शरीर में ऊर्जा के स्‍तर को बनाये रखने के लिए मांसपेशियों को प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसे में प्रोटीनयुक्त प्राकृतिक खाद्य उत्पादों का सेवन करना चाहिए। इसके लिए आप अपने आहार में अंडे, चिकन, मछली, स्प्राउट्स और दालें आदि को शामिल करें।
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पानी भी है जरूरी

पानी हमारी मांसपेशियों में नमी को बनाये रखने में मदद करता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में जकड़न, दर्द आदि हो सकता है, जो वर्कआउट के दौरान बाधा बन सकता है। इसके अलावा, पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। इसके लिए छोटे व्यायाम सत्र में थोड़ा-थोड़ा कर पानी पिएं। आपको दिन में भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने की आदत डालनी चाहिए खासतौर पर सोने से पहले। क्योंकि सोते समय शरीर तरल पदार्थों को काफी मात्रा में खोता है।
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मिनरल की कमी से बचें

मांसपेशियों में दर्द मिनरल जैसे कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की वजह से होता है। इसलिए शरीर में मिनरल की कमी बिल्कुल न होने दें। दैनिक जरूरत के हिसाब से कैल्शियम लगभग 1 हजार मिलीग्राम और पोटेशियम की 4.7 ग्राम मात्रा लेनी चाहिए। केले में उच्च मात्रा में पोटेशियम होता है, साथ ही एवोकाडो, शक्‍करकंदी, पालक और फैट फ्री या स्किम्ड दूध भी इसके अच्छे स्रोत है। आप पोटेशियम की पूर्ति के लिए इसे अपने आहार में शामिल कर सकते है। साथ ही कैल्शियम का भी सेवन करें। दोनों मिनरल शरीर में तरल पदार्थ बनाए रखने के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं।
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एक्‍सरसाइज

रक्‍त की आपूर्ति की कमी से मांसपेशियों में कड़ापन आने से उनमें दर्द होने लगता है। लेकिन नियकित एक्‍सरसाइज से इस समस्‍या से बचा जा सकता है। नियमित व्यायाम करने से रक्त वाहिनियों की सक्रियता बरकरार रहती है। नियमित व्यायाम भले ही लोगों को महत्वपूर्ण न महसूस हो लेकिन इसकी वजह से रक्त की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने में बहुत मदद मिलती है।
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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