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गर्मी में पेट और पाचन की समस्याओं से पाएं छुटकारा, अपनाएं ये 8 आसान उपाय

गर्मी के मौसम में पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं। तापमान में गर्मी होने के पाचनतंत्र धीरे काम करता है, जिससे भोजन ठीक से पचता नहीं है। यही कारण है कि इस मौसम में लोगों को सर्दियों की अपेक्षा भूख कम लगती है। तला-भुना और मसालेदार भोजन करने पर समस्या बढ़

अन्य़ बीमारियां By अनुराग अनुभव / Apr 16, 2015

गर्मी में पेट की समस्याएं

गर्मी के मौसम में पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं। तापमान में गर्मी होने के पाचनतंत्र धीरे काम करता है, जिससे भोजन ठीक से पचता नहीं है। यही कारण है कि इस मौसम में लोगों को सर्दियों की अपेक्षा भूख कम लगती है। तला-भुना और मसालेदार भोजन करने पर समस्या बढ़ जाती है क्योंकि इसे पचाना पेट के लिए आसान नहीं होता है। गर्मी के मौसम में कब्ज, एसिडिटी, गैस, बदहजमी, पेट दर्द और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इनसे बचाव के लिए जरूरी है कि आप अपने खान-पान में कुछ बदलाव करें।

इस मौमस में कम खाएं

गर्मियों के दौरान आपका पाचन तंत्र सही तरीके से काम नहीं करता और बहुत ज्‍यादा खाना आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए गर्मियों की पाचन संबंधी समस्‍याओं से बचने के लिए भूख से थोड़ा कम ही खायें। एक साथ इकट्टा न खाकर थोड़ी-थोड़ी देर में खायें। इससे पाचन क्रिया सही ढंग से काम करेगी और आपको जल्‍दी भूख भी नहीं लगेगी। इस समय हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फल खाइये, जो कि आसानी से पच जाए। और आपको हाइड्रेट रखने में भी मदद करेगें।

तले और मसालेदार आहार से बचें

गर्मी के दौरान पेट में जलन बहुत ही आम होती है। इसलिए गर्मियों में अपने आहार में मसालेदार भोजन लेने से बचें। यह कमजोर तिल्‍ली के कारण होने वाली पेट की जलन को रोकने में मदद करता है। जहां तक संभव हो ताजा भोजन करें। साथ ही रोगजनक गर्मी और तिल्‍ली और पेट को मजबूत बनाने के लिए अपने आहार में बींस, लोटस रूट और गाजर को शामिल करें।

तरल पदार्थों को अधिक सेवन

पाचन समस्‍याओं और गर्मी के कारण कई लोगों का गर्मियों के दौरान ज्यादा खाने का मन नहीं करता है। लेकिन गर्मियों के दौरान आपको स्‍वयं को डीहाइड्रेशन से बचाने के लिए तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए क्‍योंकि पसीने के कारण शरीर का सारा पानी निकल जाता है। कोल्ड ड्रिंक का कम सेवन कीजिये। ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी को महत्व न देते हुए नींबू पानी, ताजे फलों का जूस, कच्चेआम का पना, छाछ, गन्ने के रस को प्राथमिकता दें। इससे आपको ऊर्जा तो मिलेगी ही आप शीतलता का अहसास भी करेंगे।

जूसी फलों को शमिल करें

गर्मी में पाचन समस्‍याओं से बचने के लिए अपने आहार में मौसमी फलों को शामिल करें। इसके लिए अपनी डाइट में टमाटर, सेब, खीरा, शकरकंद, तरबूज और खरबूजा शामिल करें। गर्मी में आम, खरबूजा, तरबूज, संतरा, मौसंबी, अंगूर एवं ककड़ी बहुतायत में मिलती हैं। इनके सेवन से आपको गर्मी से सुकून तो मिलेगा ही साथ ही आपको तरोताजा बनाए रखने में भी ये मददगार साबित होंगे।

फाइबर का अधिक सेवन

फाइबर से भरपूर आहार जैसे साबुत अनाज, सब्जियां, फलियां और फल भी गर्मी में पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते है। रेशेदार खाद्य पदार्थ पचाने में आसान और कब्ज को रोकने में मदद करते हैं। इसके अलावा, उच्च फाइबर आहार विभिन प्रकार की पाचन संबंधी समस्‍याएं जैसे हेमोर्रोइड्स और इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम को कम करता है। फाइबर के कुछ बेहतरीन स्रोत गेहूं की भूसी, सब्जियों, जई, नट, बीज और फलियां हैं।

समय पर खायें

अपने पाचन तंत्र को दुरुस्‍त रखने के लिए खाने का नियमित समय पर सेवन करना बहुत जरूरी होता है। प्रत्येक दिन एक ही समय के आसपास नाश्ता, दोपहर का भोजन, रात का खाना और नाश्ता करने का प्रयास करें। समय से खाने से गर्मी के दौरान भी आपका पाचन तंत्र पर अच्छा रहता है और एसिड की समस्‍या भी नहीं होती।

दही का सेवन करें

गर्मी में दही का सेवन पाचन के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इससे पेट में होने वाली बीमारियां अपने आप खत्म हो जाती हैं। दही खाने से पाचनक्रिया सही रहती है, जिससे खुलकर भूख लगती है और खाना सही तरह से पच भी जाता है। दही खाने से शरीर को अच्छी डाइट मिलती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है।

मसाले और जड़ी बूटियों को शामिल करें

अपनी पाचन क्रिया को ठीक रखने के लिये धनिया, मेथी, सौंफ, दालचीनी, अदरक, जीरा आदि अपने आहार में शामिल करें। इसके अलावा गर्मियों में पुदीना ठंडक और आराम पहुंचाने वाले होता है। यह हमारी पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करता है। उल्टी और मिचलाने के एहसास को कम करता है। इसके अलावा लीवर और गॉलब्लैडर की क्रिया प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। यदि ज्यादा भोजन कर लिया जाये तो पुदीना उसे पचाने के लिए लाभदायक होता है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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