• shareIcon

स्तनों में दूध कैसे बढ़ाएं

कभी-कभी शिशुओं की माताओं के स्तनों में कई कारणों, जैसे तनाव, डीहाइड्रेशन, अनिद्रां आदि के कारण दूध का उत्पादन कम हो जाता है, हांलाकि स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाना संभव है।

महिला स्‍वास्थ्‍य By Rahul Sharma / Sep 26, 2014

स्तनों के दूध का उत्पादन

शिशु को स्तनपान कराने वाली मां के लिए तब बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है, जब उनके स्तन में पर्याप्त दूध का उत्पादन नहीं हो पता है। ऐसी स्थिति में शिशु भूखा रह सकता है। ब्रेस्‍ट मिल्‍क का उत्पादन कम होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे, तनाव, डीहाइड्रेशन, अनिद्रां आदि। हालांकि स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाना संभव है और इसके लिए हानिकारक दवाइयां भी नहीं लेनी पड़तीं। तो चलिये जानें की स्तनों के दूध को कैसे बढ़ाया जाए।
Image courtesy: © Getty Images

पंप का उपयोग

विशेषज्ञ का मानना है कि स्तनपान के दौरान पम्पिंग सेशन लेने से स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ सकती है। इसके सही इस्तेमाल के लिए दूध की अंतिम बूंद के बाद करीब 5 बार स्तन को पंप करना होता है। जब स्तन से अधिक दूध लेने की कोशिश की जाती है तो शरीर को ज्यादा दूध उत्पादित करने का संदेश मिलता है।
Image courtesy: © Getty Images

स्तनपान कराते समय स्तनों को बदलती रहें

स्तनपान कराते समय स्तन को बरा-बर बदलते रहना चाहिए। इससे शरीर में दूध का उत्पादन बढ़ता है। ऐसा करने पर शिशु भी आराम से स्तनपान कर पाता है। दरअसल ऐसा करते रहने से स्तन खाली होता रहता है और ज्यादा दूध उत्पादित हो पाता है। अतः स्तनपान कराते वक्त कम से कम दो से तीन बार स्तनों को बदलें।
Image courtesy: © Getty Images

पौष्टिक भोजन करें

स्तनपान कराने वाली महिलाएं एक दिन में कम से कम 1,800 कैलोरी का उपभोग करें और 6 ग्लास तरल लें। ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक भोजन खाएं। दूध उत्पादन के लिए शरीर को अच्छे खानपान की बहुत जरूरत होती है। विटामिन, फाइबर, प्रोटीन और कैल्शियम आदि युक्त भोजन लें। मिल्‍क प्रोडक्‍ट, जैसे घी, बटर, चीज़ या कुछ स्वस्थ तेलों के सेवन भी करें।
Image courtesy: © Getty Images

स्तन पर दबाव डालें

स्तनपान कराते वक्त स्तनों पर हल्के से दबाव डालें। हाथों से हल्के से स्तन को आगे की दबाएं। ऐसा करने पर एक बार स्तनपान कराने पर स्तन पूरी से तरह से खाली हो जाता है, और दोबारा से दूध का उत्पादन करन के लिए तैयार हो जाता है।
Image courtesy: © Getty Images

मेथी

मेथी कई स्वास्थ्य वर्धक गुणों से भरपूर होती है। इसका सेवन शरीर के लिए बेहद लाभदायक होता है, खासतौर पर शिशु के जन्म के बाद। मेथी के बीज खाने से स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ता है। हालांकि इससे कभी-कभी गैस की भी समस्या हो सकती है, इसलिए सावधान भी रहें।
Image courtesy: © Getty Images

लहसुन

लहसुन खाने से भी दूध के उत्पादन की क्षमता बढ़ती है। कच्‍चा लहसुन खाना सबसे ज्यादा लाभ पहुंचाता है, लेकिन इसकी महक और स्वाद के चलते कई बार इसे कच्चा खाने में परेशानी होती है। तो आप उसे मीट, करी, सब्‍जी या दाल में डाल कर खा सकती हैं। यदि आप लहसुन नियमित खाना शुरु करेंगी तो जरुर फायदा होगा।
Image courtesy: © Getty Images

सौंफ का सेवन करें

दूध के कम होने पर सौंफ का सेवन करें। सौंफ खाने से पेट साफ, हृदय को शक्ति, घाव, उल्टी, दस्त, खांसी, जुकाम, बुखार, अफारा, वायु विकार, अनिंद्रा और अतिनिंद्रा, पेट के सभी रोग (अपच, कब्ज आदि) दस्त तथा स्तनों में दूध की कमी आदि समस्याएं दूर होती है।  
Image courtesy: © Getty Images

तनाव कम करें

ऑक्सीटोसिन हार्मोन महिला के स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है। लेकिन तनाव ऑक्सीटोसिन के उत्पादन में रुकावट पैदा करता है। जिस कारण स्तनों मे दूध ठीक से नहीं बन पाता। इसलिए तनाव को दूर करें। इसके लिए योग करें या फिर अपनी मनपसंदीदा फिल्म देखें।
Image courtesy: © Getty Images

बच्चे के साथ सोएं

बच्चे के साथ सोने से स्तनपान का समय बढ़ जाता है। आप जितना ज्यादा स्तनपान कराएंगे, शरीर में दूध का उत्पादन भी उतना ही ज्यादा होगा। कोशशइ करें की आपके और शिशु के शरीर का सीधा संपर्क हो सके। इससे भी दूध के उत्पादन में इज़ाफा होता है।
Image courtesy: © Getty Images

ड्राई फ्रूट्स (मेवा)

बादाम, काजू, अखरोट व पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाते हैं। ये मेवे विटामिन, मिनरल और प्रोटीन आदि से भरपूर होते हैं। इन्‍हें कच्‍चा खाने पर अधिक लाभ होता है। आप इन्हें दूध के साथ भी ले सकती हैं। रोज इसका सेवन करें।
Image courtesy: © Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK