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मांसपेशियों में खिंचाव में ऐसे मिले आराम

मांसपेशियों में खिंचाव आम समस्या है जो भागते-खेलते, कुछ भारी उठाते रखते हो जाती है। ऐसे में मांसपेशियों में काफी दर्द होता है। खिंचाव की स्थिति में आराम करना सबसे जरूरी होता है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Shabnam Khan / Nov 21, 2014

मांसपेशियों में खिंचाव होता है दर्दभरा

कई बार ऐसा होता है कि कोई चीज़ पकड़ते या उठाते हुए, सीढ़ियां चढ़ते हुए या फिर तेज भागने से मांसपेशियां खिंच सकती है। इसे मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव कहा जाता है। मांसपेशियों का ये खिंचाव हाथ, पैर, जोड़ों या पीठ में हो सकता है। इसके अलावा इससे घुटने, कंधे, कोहनी में सूजन या दर्द भी उठ सकता है। मांसपेशियों का दर्द कम और ज्यादा दोनों हो सकता है। लेकिन, ये बात निश्चित है कि ऐसी स्थिति में दिक्कत तो होती ही है। आइये जाने कुछ ऐसे तरीके जिनसे आपको मांसपेशियों के खिंचाव में आराम मिल सकता है।

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आराम

मांसपेशियों में खिंचाव आपने पर सबसे पहले आराम की सलाह दी जाती है। ये आराम एक से पांच दिन तक का हो सकता है। स्थिरीकरण (इम्मोबिलाइजेशन) की आमतौर पर जरूरत नहीं होती है। ऐसा करने से नसें और तन सकती हैं। अगर दिक्कत ज्यादा हो, और डॉक्टर सलाह दे तब स्थिरीकरण किया जा सकता है।

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बर्फ

प्रभावित स्थान पर बर्फ लगाने से सूजन, ब्लीडिंग और दर्द में आराम मिलता है। मांसपेशियों में खिंचाव आने के बाद जितनी जल्दी आप बर्फ लगा सकते हैं, लगा लें। आप कितनी भी बार बर्फ लगा सकते हैं। बस ये ध्यान में रखें कि जब भी बर्फ लगाएं, 15 मिनट से ज्यादा देर के लिए न लगाएं।

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सूजन कम करने वाली दवाएं

मांसपेशियों के खिंच जाने से अक्सर सूजन पैदा हो जाती है। सूजन होने के बाद दर्द और बढ़ जाता है। इसलिए अगर सूजन कम करने की दवा ली जाएं तो दर्द से कुछ हद तक राहत मिल जाती है। इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं, इसलिए इनका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह कर लें।

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स्ट्रेचिंग

मांसपेंशियों में तनाव संबंधी समस्याओं के उपचार का सबसे असरदार तरीका है स्ट्रेचिंग। वे मांसपेशियां जो ज्यादा मजबूत  और लचीली होती हैं, उनमें चोट लगने की संभावना कम होती है।

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स्ट्रेंथनिंग

मांसपेशिंयों में चोट लगने के बाद, ऐथलेटिक गतिविधियों में वापस लौटने से पहले मांसपेशियों की मजबूती वापस पाना जरूरी होता है। चोट और फिर उसके बाद का आराम, मांसपेशियों की मजबूती में कमी ला सकता है। अगर मांसपेशी वापस से अपनी मजबूती हासिल नहीं करेगी तो फिर से चोट लगने का डर रहता है।

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गर्माहट

कुछ अध्ययनों के मुताबिक, तापमान मांसपेशियों के तनाव को प्रभावित कर सकता है। शरीर और मांसपेशियों को गर्माहट देने से, मांसपेशियों को तनाव संबंधी चोट लगने की संभावना होती है।

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मांसपेशियों की थकान से बचें

मांसपेशियां ऊर्जा को अवशोषित करने में मदद करती है और मांसपेशियों के फिर से मजबूत होने से दोबारा चोट लगने से बचाव होता है। थकी हुई मांसपेशियों को चोटिल होने की संभावना अधिक होती है। खासतौर पर खिलाड़ियों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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