Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

जिन्हें समझना हो मुश्किल उनसे कैसा हो बर्ताव

इन दिनों लोगों में गुस्‍सा एवं चिड़चिड़ापन स्‍वभाव में सामान्‍य सी बात हो गई है। ऐसे में जरूरी है नकारात्‍मक सोच रखने वाले कठिन लोगों के साथ बेहतर तरीके से पेश आना और उनकी भावनात्‍मक तौर पर मदद करना।

विभिन्न By Shabnam Khan Jan 13, 2015

मुश्किल जीवनशैली बना देती है मिजाज़ चिढ़चिढ़ा

इन दिनों जीवनशैली पहले के मुकाबले बहुत कठिन हो चुकी है, जिसकी वजह से लगभग हर व्यक्ति मानसिक तनाव में जी रहा है। लोगों में गुस्‍सा एवं चिड़चिड़ापन स्‍वभाव में सामान्‍य सी बात हो गई है। यह लोगों के व्‍यवहारिक जीवन पर भी काफी प्रभाव डाल रहा है। कई रिसर्च भी बताती हैं कि नकारात्‍मक सोच न केवल व्यक्ति विशेष, बल्कि दूसरों के जीवन में भी परेशानियां खड़ी कर रही हैं। ऐसे में जरूरी है नकारात्‍मक सोच रखने वाले कठिन लोगों के साथ बेहतर तरीके से पेश आना और उनकी भावनात्‍मक तौर पर मदद करना। इसके लिए आप जो तरीके अपना सकते हैं, वो हम आपको बता रहे हैं।

Image Source - Getty Images

सकारात्‍मक सोच के साथ मिलें

कई शोध बताते हैं कि नकारात्‍मक सोच और व्‍यवहार रखने वाले लोग तनाव और बीमारियों से घिरे होते हैं। नकारात्मकसोच मनुष्‍य की बॉडी लैंग्‍वेज में भी साफ दिखाई देती है। इसका प्रभाव केवल उस व्‍यक्ति पर ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों पर भी पड़ता है। लिहाजा, यह अहम है कि ऐसे लोगों के साथ हमेशा सकारात्‍मक तरीके और सोच के साथ मिलें। उन्‍हें सकारात्‍मक महसूस कराएं।

Image Source - Getty Images

सकारात्मक दायरा तैयार करें

यह अहम है कि कठिन एवं नकारात्‍मक सोच रखने वाले लोगों के आसपास सकारात्‍मक माहौल का दायरा बनाया जाए। उन्‍हें यह अहसास कराया जाए कि कठिन समय और कठिन बातें उनके जीवन पर कोई खास प्रभाव नहीं डाल रहीं। उनके सामने ऐसे उदाहरण पेश करें, जो उन्‍हें और सकारात्मक महसूस कराने में सहायता कर सकते हैं।

Image Source - Getty Images

उनकी बातों और सुझावों को अहमियत दें

कई रिसर्च भी कहती हैं कि अगर आप किसी ऐसे व्‍यक्ति से मिल रहे हों, तो उसकी नकारात्‍मक बातों को पर्सनली न लें। हालांकि ऐसा करना कठिन है, लेकिन व्‍यवहारिक तौर पर यह अहम है। नकारात्‍मक सोच रखने वाले व्‍यक्तियों की बातों और सुझावों को भी अहमियत दें। उनकी सही तथ्‍यात्‍मक बातों का समर्थन करना, उन्‍हें मोरल सपोर्ट भी प्रदान करता है।

Image Source - Getty Images

माहौल को रखें सकारात्मकता से भरपूर

अगर वह आपका दोस्‍त है, तो यह आपका कर्तव्‍य भी बनता है कि आप उसे पॉजीटिव रखने के प्रति पूरी जिम्‍मेदारी निभाएं। यह उसके लिए सबसे अधिक मददगार साबित होगा। ऐसा करना न केवल उसकी बल्कि आपकी भी मदद होगा। ऐसा कर आप अपने आसपास के माहौल को भी सकारात्मकता से भरपूर रख सकते हैं, जो कि एक अच्‍छी कार्यशैली को बढ़ावा देने और माहौल को स्‍वस्थ बनाने में भी बेहद कारगर होगा।

Image Source - Getty Images

ऐसे लोगों के बारे में पूर्वाग्रह से ग्रस्त न हों

कहते हैं, मन के हारे हार है मन के जीते जीत। कई बार आप ऐसे लोगों के बारे में पूर्वाग्रह से ग्रस्त होते हैं। आपकी मानसिक स्थिति कई बार ऐसे लोगों के बारे में तय हो जाती है कि वह कैसा सोचते हैं और वे कितने सनकी और अड़ियल हैं। यह ऐसे लोगों की ताकत भी बढ़ाता है। यह सोचें कि आप ऐसे लोगों से कैस निपट सकते हैं, इससे आप ज़्यादा प्रभावी तरीके से पेश आ सकेंगे।

Image Source - Getty Images

यथार्थवादी उम्मीदें लगाएं

जब लोगों को मालूम होता है कि कभी-कभी किसी परिस्थिति में गड़बड़ हो सकती है तो वो ऐमरजेंसी के लिए तैयार रहते हैं। अगर आप अपनी टीम को कहेंगे कि सब अच्छा होगा, सब आसान होगा, तो वो खुश जरूर होंगे लेकिन जब कुछ गड़बड़ होगी, तो वो किसे जिम्मेदार मानेंगे? जी हां, आपको। इसलिए यथार्थवादी उम्मीदें लगाएं।

Image Source - Getty Images

याद रखें सब कुछ स्थायी नहीं है

अगर आप किसी के खराब व्यवहार से परेशान हैं, लेकिन आप उससे मुलाकात या बातचीत टाल नहीं पा रहे तो जरा धैर्य से काम लें। व्यवहार और मूड स्थायी नहीं होता। साथ ही, जरूरी नहीं कि आपको उस शख्स से फिर से बात करनी ही पड़े। अपना काम पूरा करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

Image Source - Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK