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मानसून में बिगड़े हाजमे से कैसे निपटें

मानसून में प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोर होने और अस्वास्थ्यकर आहार से पाचन संबंधी विकार जैसे कब्ज, पेचिश, अपच, उल्टी, फूड पॉइजनिंग आदि की समस्‍या हो सकती है। इसलिए आपको अपने हाजमे को दुरुस्‍त रखने के लिए कुछ बातों को ध्‍यान रखना चाहिए।

विभिन्न By Pooja SinhaAug 01, 2014

मानसून से हाजमे पर असर

इस मौसम में प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोर होने और अस्वास्थ्यकर आहार से पाचन संबंधी विकार जैसे कब्ज, पेचिश, अपच, उल्टी, फूड पॉइजनिंग आदि समस्‍यायें हो सकती है। इसके अलावा गैस्ट्रो आंत्र संक्रमण जैसे टाइफाइड, हैजा, मलेरिया, पीलिया और वायरल संक्रमण जैसे सर्दी और खांसी जैसी बीमारियों बहुत ही आम हैं। इससे बचने के लिए आपको कुछ बातों को विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। image courtesy : getty images

मानसून

मानसून की रिमझिम फुहारों ने तपती गर्मी से राहत मिली हैं। लेकिन यह अपने साथ ढेर सारी बीमारियां भी लेकर आता है। इसलिए आहार विशेषज्ञ इस मौसम में संतुलित व साफ आहार लेने की सलाह देते हैं। image courtesy : getty images

साफ पानी

इस मौसम में प्रदूषित पानी की अधिकता रहती है। इसलिए पानी से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए स्वास्थ्य विषेशज्ञ साफ पानी पीने की सलाह देते हैं। इसलिए मानसून में आप सिर्फ फिल्टर्ड और उबला हुआ पानी ही पियें। इसके अलावा आप स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र से क्‍लोरीन की गोलियां लेकर उसे पानी में डाल सकते हैं। इससे भी पानी शुद्ध हो जाता है। image courtesy : getty images

संतुलित आहार

मानसून में उमस के कारण पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। संतुलित आहार का चयन आपको मानसून का असली मजा लेने मे मदद करता है। इस मौसम मे लोगों को सुपाच्य फल, सब्जी और अनाज का सेवन करना चाहिए। image courtesy : getty images

खाने को अच्‍छे से पकाये

मानसून में शरीर भोजन को जल्दी नहीं पचा पाता है। और कच्‍चा या अधपका खाने का मतलब है, कई बीमारियों को दावत देना। इसलिए मानसून में अपने खाने को अच्‍छे से पकाकर खाना चाहिए। यहां तक कि सलाद भी नहीं खाना चाहिए।image courtesy : getty images

स्ट्रीट फूड से दूर रहें

वैसे तो मानसून में स्ट्रीट फूड से खुद को दूर रख पाना थोड़ा मुश्किल काम है। लेकिन फिर भी जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके इससे बचें। स्ट्रीट फूड में कई तरह के बैक्‍टीरिया होते हैं, जो बीमारियों को जन्म देते हैं। image courtesy : getty images

ज्यादा तेल मसाला खाने से बचें

मानसून में ज्यादा तेल मसाला खाने से परहेज करना चाहिए। साथ ही खट्टी चीजे, इमली, अचार आदि भी नही खाना चाहिए। क्‍योंकि इससे शरीर में पानी की मात्रा में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है। जबकि करेला, नीम, तुलसी, मेथी व हल्दी, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहयोग करती हैं। image courtesy : getty images

साफ-सफाई का विशेष ध्‍यान

मानसून में पेट की समस्‍याओं से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी होता है। इसलिए खाना खाने से पहले, खाना खाने के बाद और टॉयलेट से आने के बाद हाथ को अच्छी तरह से धोएं। इसके साथ ही भोजन बनाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फल और सब्जियों को गर्म पानी में धोकर इस्तेमाल करें। image courtesy : getty images

शहद

मानसून पाचन विकार से लड़ने के लिए, हर सुबह एक गिलास गर्म पानी में शहद मिलाकर खाली पेट लेना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में संचित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसलिए मानसून में शहद का सेवन किसी न किसी रूप में जरूर करना चाहिए। image courtesy : getty images

मौसमी फल और सब्जियां

इस मौसम में प्याज और अदरक का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। साथ ही भोजन में रेशेदार फलों का सेवन इस मौसम में लाभदायक रहता है। इसके अलावा नींबू के सेवन से विटामिन सी मिलता है और इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। और पुदीना के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत रहता है। image courtesy : getty images

गर्म पेय का सेवन

हर्बल या ग्रीन चाय, कॉफी, वेजिटेबल सूप जैसे गर्म पेय का सेवन शरीर को ऊर्जा से भर देता है। ये बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस से बचाव करते हैं और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। image courtesy : getty images

थोडे-थोड़े अंतराल पर आहार

एक बार भरपेट भोजन करने की बजाय थोडे-थोड़े अंतराल में थोड़ा-थोड़ा आहार लें। ऐसा करने से मानसून में एक तो आप पाचन संबंधी समस्याओं से दूर रहेंगे, दूसरे आवश्यक पौष्टिक तत्वों की आपूर्ति भी होगी। image courtesy : getty images

ताजा भोजन लें

ताजा और गर्म भोजन ही खाये। 24 घंटे से पहले बने भोजन को न खाये। ऐसा भोजन खाने से आधा घंटा पहले उसे फ्रिज से निकालकर सामान्य ताप में लाये और फिर उसे गर्म करें। साथ ही हमेशा ताजे फलों का ही सेवन करें। मुरझाए, दागी, कटे या ढीले फलों को खाने से बचें, क्योंकि ऐसे फल विषाक्त हो जाते हैं और आपकी पाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। image courtesy : getty images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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