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कैसे करें वायरल इंफेक्‍शन से ग्रस्‍त बच्‍चे की देखभाल

कीटाणुओं के कारण बच्‍चे को बीमारी होने से रोकना कितना मुश्किल काम है। इसलिए एक अभिभावक के रूप में बच्‍चों में वायरल संक्रमण होने पर आपको यहां दिये उपायों को अपनाने की जरूरत होती है।

परवरिश के तरीके By Pooja Sinha / Oct 08, 2015

वायरल इंफेक्‍शन से ग्रस्‍त बच्‍चे की देखभाल

कीटाणुओं से होने वाले ज्‍यादातर इंफेक्‍शन वायरस और बैक्‍टीरिया के कारण होते हैं। हालांकि आप कीटाणुओं को फैलने से रोकने में कामयाब हो सकते हैं लेकिन हमेशा अपने बच्‍चे को बीमार होने से नहीं रोक पाते। इसलिए माता-पिता के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वायरल इंफेक्‍शन होने पर बच्‍चों की देखभाल कैसे की जायें। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें कि बच्‍चे के वायरल इंफेक्‍शन से ग्रस्‍त होने पर क्‍या करना चाहिए।

भरी हुई नाक के लिए नमक पानी

नेसल कन्जेस्चन के लिए नमक का पानी बहुत ही शानदार उपाय है। नाक को नमक और पानी के घोल से धोने पर बैक्‍टीरिया और वायरस खत्‍म होते हैं। इसलिए अगर आपके बच्‍चे की नाक भरी हुई है तो यह नुस्‍खा जरुर आजमाएं। एक गिलास पानी में एक चम्मच नमक डाल कर उबाल लें। फिर उसे ठंडा होने दें। बस हो गई तैयार आप के बच्‍चे के नाक में डालने की दवा। आवश्यकतानुसार इस की 3-4 बूंदें बच्‍चे के नाक में डालते रहें जिससे उसके नाक में जमा हुया रेशा नर्म होकर छींक के साथ बाहर आ जाएगा और शिशु का नाक खुल जाएगी। वैसे तो नाक में डालने के लिए सेलाइन नेजल ड्राप्स आपको केमिस्ट की दुकान से भी आसानी से मिल सकते हैं।

खांसी के लिए शहद

बच्‍चे को खांसी से राहत देने के लिए आप उसे शहद भी दे सकते हैं। 2 से 5 आयु वर्ग के बच्‍चे को आधा चम्‍मच और 6 से 11 आयु वर्ग के बच्‍चे को पूरा चम्‍मच शहद देना चाहिए। सोते समय शहद देने पर आपके बच्‍चे को सुबह राहत मिल सकती है।

बुखार के ओवर-द-काउंटर दवाएं

6 महीने या उससे कम उम्र के बच्‍चे को बुखार के लिए ओवर-द-काउंटर दवा दी जा सकती है। हालांकि इसे देने के लिए और सही खुराक के बारे में जानने के लिए अपने डॉक्‍टर से जांच करवाना बेहतर रहता है।

सांस का ख्याल रखें

वायरल इंफेक्‍शन के दौरान सांस लेने में तकलीफ होना सबसे आम जटिलताओं में से एक है। बच्‍चे को ठीक से सांस लेने में मदद करने के लिए कमरे को नमी होना  बहुत जरूरी होता है। इसलिए नमी बनाये रखने के लिए बच्‍चे के कमरे में ह्यूमिडिफायर और वेपोराइजर का इस्‍तेमाल करें।

एंटीबायोटिक दवाओं के लिए डॉक्टर से पूछें

वैसे तो एंटीबायोटिक्‍स वायरल संक्रमण के लिए काम नही करती, लेकिन डॉक्‍टर कुछ मामलों में इंफ्लूएंजा के लिए एंटीवायरल दवाओं को लेने के लिए कहते हैं। अगर आवश्‍यक हो तो अपने डॉक्‍टर से इस विषय में सलाह लें।
Image Source : Getty

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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