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खून को पतला करने वाली दवाओं के दुष्‍प्रभाव से कैसे बचें

खून को पतला करने वाली दवाओं के कारण, ब्‍लीडिंग, सीने में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, डायरिया जैसी समस्‍या हो सकती है, इसलिए इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

विभिन्न By Nachiketa Sharma / Jul 25, 2014

खून का पतला होना

अगर आपको दिल और रक्‍त वाहिका रोग या फिर दिमाग तक रक्‍त संचार सही तरीके से नहीं हो रहा है तो चिकित्‍सक आपको सलाह देंगे कि आप अपने खून को पतला करने की कोशिश करें। पतला रक्‍त दिल के दौरे की संभावना को कम करता है, क्‍योंकि इसकी वजह से रक्‍त वाहनियों और ध‍मनियों में खून के थक्‍के नहीं जमेंगे। लेकिन अगर आपका रक्‍त पतला हो चुका है तो इसके कारण ब्‍लीडिंग की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इसलिए इसके दुष्‍प्रभावों से बचने के लिए जरूरी है कुछ सावधानी बरतें।

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क्‍या हैं दुष्‍प्रभाव

खून को पतला करने वाली दवाओं का सबसे बड़ा दुष्‍प्रभाव यह होता है कि इसके कारण कभी भी ब्‍लीडिंग यानी रक्‍तस्राव हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को खून को पतला करने वाली दवाओं का सेवन कभी नहीं करना चाहिए। अगर आप खून पतला करने की दवा ले रहे हैं तो इसके कारण उल्‍टी, सीने में दर्द, बदन दर्द, मांसपेशियों में दर्द, डायरिया, त्‍वचा में चकत्‍ते पड़ना आदि समस्‍या हो सकती है।

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चिकित्‍सक के अनुसार दवायें लें

खून को पतला करने वाली दवा अगर आप ले रहे हैं तो उसे चिकित्‍सक के निर्देशानुसार ही लें। अगर आप एक दिन दवा लेना भूल गये हैं तो अगले दिन 2 गोलियों का सेवन न करें। इसकी एक गोली दिन में एक ही बार खायें दो बार बिलकुल न खायें। हालांकि चिकित्‍सक इसकी दवा के लिए आपको अन्‍य निर्देश भी दे सकता है।

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विटामिन-के की मात्रा को देखें

विटामिन के शरीर में खून के थक्‍के बनाता है जिससे ब्‍लीडिंग होने की संभावना कम होती है। लेकिन रक्‍त को पतला करने वाली दवायें शरीर में विटामिन के की सक्रियता को कम कर देती हैं जिसके कारण खून पतला होने लगता है। विटामिन के पत्‍तेदार सब्जियों जैसे - पत्‍ता गोभी, पालक आदि में पाया जाता है। अगर खून के पतले होने के कारण आपको समस्‍या हो रही है तो अपने आहार में विटामिन के की मात्रा को बढ़ायें।

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खेल में अधिक हिस्‍सा न लें

स्‍पोर्ट्स गतिविधियों में अधिक हिस्‍सा न लें, क्‍योंकि इससे रक्‍त संचार बढ़ सकता है और ब्‍लीडिंग इसके कारण हो सकती है। सुबह अगर व्‍यायाम भी कर रहे हैं तो धीरे-धीरे करें।

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खून की जांच करायें

खून को पतला करने वाली दवायें खून को पतला तो करती हैं लेकिन वे पूरी तरीके से खून के थक्‍के को बनने से रोक नहीं पाती हैं। इसलिए महीने में एक बार खून की जांच अवश्‍य करायें, खून की जांच जिसे आईएनआर (इंटरनेशनल नॉर्मलाइज रेशियो) कहते हैं, इसके आधार पर चिकित्‍सक आपको सही सलाह दे पायेगा।

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साथ में अन्‍य दवायें न लें

अगर आप खून को पतला करने वाली दवा ले रहे हैं तो साथ में अन्‍य एंटीबॉयटिक्‍स का सेवन बिलकुल भी न करें, क्‍योंकि ये एंटीबॉयटिक शरीर में विटामिन के की मात्रा को बढ़ा सकते हैं साथ ही इन दवाओं से शरीर के अंदर खून में संक्रमण भी हो सकता है। इसलिए अन्‍य दवाओं का सेवन बंद कर दीजिए।

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अधिक मेहनत न करें

अगर आप खून को पतला करने वाली दवायें ले रहे हैं तो ऐसे काम न करें जिसमें अधिक प्ररीश्रम हो। अधिक परिश्रम वाले काम के दौरान ब्‍लीडिंग की संभावना होती है जो कि आपके लिए हानिकारक है। इसलिए उस दौरान ज्‍यादा मेहनत वाले काम करने से बचें।

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यात्रा के दौरान

हवाई जहाज से यात्रा के दौरान और कार या बस से लंबी यात्रा के दौरान आपको समस्‍या हो सकती है। अगर आप एक सप्‍ताह या उससे अधिक समय के लिए जा रहे हैं तो खून की जांच करायें। दवाओं का सेवन नियमित रूप से करें और अपने खानपान पर ध्‍यान दें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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