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तनाव से पहुंचता है आपके बालों और त्वचा को नुकसान

तनाव ना सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक रुप से भी आपको नुकसान पहुंचाता है। इससे सौंदर्य संबंधी कई समस्याएं भी होती हैं। जानिए तनाव से होने वाली समस्याओं के बारे में।

फैशन और सौंदर्य By Bharat Malhotra / Sep 29, 2014

तनाव का असर

तनाव सिर्फ हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को ही प्रभावित नहीं करता। लेकिन, साथ ही हमारे स्वास्थ्य और सौंदर्य को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे हमारी गाड़ी पटरी से उतर जाती है। कम सोना, पानी की कमी, और जंक फूड के सेवन का सीधा संबंध तनाव से माना जाता है। और यही सब कारण मिलकर अंत में स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए हैरानी की कोई बात नहीं कि जो तनाव आपकी त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचाता है, वही आपकी त्वचा के लिए भी अच्छा नहीं होता।

नींद की कमी

तनाव का असर हमारी नींद पर पड़ता है। और यह तो आप जानते ही हैं कि अच्छी नींद हमारी त्वचा और शरीर के लिए अच्छी होती है। तनाव के साथ नींद की कमी हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है। इससे शरीर की रासायनिक प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है। इससे आपकी त्वचा भी मुरझा जाती है और साथ ही आंखें भी डल हो जाती हैं।

स्किन इरिटेंट्स

तनाव के कारण शरीर में हॉर्मोन्स का अजीब स्राव होता है। इसके कारण शरीर का रक्त त्वचा के स्थान पर अन्य मांसपेश‍ियों और अंगों की ओर बहने लगता है। अगर आपको लगातार गंभीर तनाव बना रहता है, तो इसका अर्थ यह है कि इससे न केवल आपकी त्वचा से जरूरी ऑक्सीजन कम हो रही है, बल्कि इससे आपके शरीर में पौष्ट‍िक तत्त्वों की भी कमी होती है। और कहीं अगर आपको एक्ने और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्यायें हैं, तो तनाव इस परिस्थिति को और बिगाड़ सकता है।

रूखापन

तनाव का एक अन्य नकारात्मक असर यह भी है इससे आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पानी की इस कमी से शरीर में सूजन, जलन, हाइपर पिग्मेंटेशन, बेजान और एक्ने जैसी समस्यायें हों सकती हैं। जब आप तनाव में होते हैं, तो त्वचा की सतह पर मौजूद मृत कोश‍िकाओं की परत पतली हो जाती है। इससे त्वचा में छिद्र हो जाते हैं, इससे सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों के ख‍िलाफ उसकी प्रतिरक्षा कमजोर हो जाती है। इससे न केवल त्वचा को नुकसान होता है, बल्कि इससे स्किन कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं इससे त्वचा की कोश‍िकाओं में पानी की कमी हो जाती है, जिससे त्वचा पर लकीरें, झुर्रियां और असमान रंगत का खतरा भी बढ़ जाता है।

झुर्रियां

आपने शायद गौर न किया हो, लेकिन तनाव का असर न केवल आपकी त्वचा, बालों बल्कि नाखूनों पर भी पड़ता है। तनाव आपके शरीर में कोरटिसोल जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन का स्राव करता है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है, इससे धड़कन बढ़ जाती है। धड़कन बढ़ने से रक्तवाहिनियों पर अध‍िक दबाव पड़ता है, इससे रक्त त्वचा को छोड़कर अन्य अंगों का रुख करता है। इससे हमारी त्वचा का गुलाबीपन कम हो जाता है और झुर्रिया और बारीक लकीरें नजर आने लगती हैं।

बालों का झड़ना

जैसे-जैसे रक्तवाहिनियां सिकुड़ने लगती हैं, बालों की जड़ों में ऑक्सीजन कम मात्रा में पहुंचती है। इससे बालों की जड़ों को मिनरल और विटामिन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते। ये सभी तत्त्व स्वस्थ बालों के लिए जरूरी है। तनाव के कारण शरीर को अध‍िक ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में हमारा शरीर जरूरी विटामिन और न्यूट्रीएंट्स को हृदय, फेफड़े और मस्त‍िष्क जैसे उन अंगों की ओर प्रवाहित कर देता है, जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में स्कैल्प को इन जरूरी तत्वों का लाभ भी नहीं मिल पाता। और परिणामस्वरूप बाल झड़ने लगते हैं।

बालों की अन्य समस्यायें

तनाव के कारण हमारे बाल न केवल झड़ने लगते हैं, बल्कि उन्हें बालों की अन्य समस्यायें भी होने लगती हैं। तनाव हमारे बालों को कमजोर बनाता है, उन्हें पतला बनाता है और साथ ही उनकी चमक को भी कम करता है। ऐसे में शरीर में एलोपेकिया और सोराइसिस जैसी समस्यायें हो जाती हैं। ये दोनों ही कमजोर और बेजान बालों का कारण होते हैं। इनकी वजह से बाल आसानी से टूटने लगते हैं।

अन्य आदतें

कई बार तनाव के कारण हमें कई बुरी आदतें भी जाती हैं। तनाव के कारण हम कई बार अपने बालों को मोड़ने का काम करने लगते हैं। या फिर आपने देखा होगा कि तनाव के कारण कई लोग नाखून चबाने लगते हैं। बालों को ऐसे मोड़ने से उन्हें बहुत नुकसान पहुंचता है। इससे बाल टूटने लगते हैं और कई बार तो बाल झड़ने की परेशानी भी हो सकती है। तो, इन सब चीजों से बचने के लिए तनाव के कारणों को पहचानें और उन्हें दूर करने का प्रयास करें।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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