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वजन घटाने के लिए इस तरह से पकाएं भोजन, 10 दिन में कम होगा मोटापा

वजन घटाने के लिए आप कई नुस्‍खों को आजमा चुके हैं, लेकिन वो बेअसर हैं, पर क्‍या आपने खाने को स्‍टीम करके वजन नियंत्रित करने के बारे में कभी नहीं सोचा, तो यहां हम आपको बताते हैं कैसे भाप में पका हुआ खाना वजन कम करने में मददगार है।

वज़न प्रबंधन By Atul ModiMay 24, 2018

स्टीमिंग यानी भाप में पकाना

भाप में भोजन को पकान से पोषक तत्वों को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके लिये ताजी सब्जियां, चावल और दलिया को जहां तक हो कम पानी में भाप में ही पकाएं। सब्जियों को प्रेशर कुकर के भाप में पकाना अच्छा होता है। इसमें तेल की जरूरत भी नहीं होती है, समय भी कम लगता है और विटामिन व दूसरे पोषक तत्व भी सुरक्षित बने रहते हैं। इस तरह से खाना पकाने पर सब्जियों की रंग और चमक भी बरकरार रहेगी और उनमें पोषक तत्वों की मात्रा उतनी ही अधिक रहेगी। साथ ही इस प्रकार तैयार भोजन से आपका अतिरिक्त वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

पकाना क्यों है जरूरी

आमतौर पर खाना पकाने के तरीके में खाने को हम कितना भी सावधानीपूर्वक पकाएं, उसके 10 से 15 प्रतिशत तक पोषक तत्व नष्ट हो ही जाते हैं। लेकिन खाना पकाने के कई फायदे भी हैं, इससे पाचन सुधरता है और पोषक तत्व उस रूप में परिवर्तित हो जाते हैं, जो शरीर में आसानी से अवशोषित हो सकें। कुछ खाद्य पदार्थो को पकाना तो बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें कच्चा नहीं खाया जा सकता।

खाना बनाने की सुरक्षित विधियां

हम क्या खाते हैं, उससे ज्यादा यह जरूरी है कि उसे कैसे खाते और पकाते हैं। खाद्य पदार्थों को दो रूप में खाया जाता है, कच्चा या पकाकर। कई सब्जियों और फलों को कच्चा खाना फायदेमंद होता है, लेकिन हर चीज को कच्चा नहीं खाया जा सकता, इसलिए हम भोजन को पकाते हैं। खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए कई मसाले, शक्कर, घी, तेल और दूसरी चीजें डालकर हम उसके पोषक तत्वों को नष्ट कर देते हैं। लेकिन पकाने की कुछ ऐसी विधियां हैं, जिनसे अधिक से अधिक पोषक तत्वों को सुरक्षित रखा जा सकता है, जिनमें से एक है स्टीमिंग।

पोषक तत्व संरक्षित रहते हैं

स्टीम्ड फूड यानी भाप में पकी सब्जियों में पौष्टिकता की मात्रा भरपूर रहती है और विटामिन और खनिज की दैनिक खुराक मिलती रहती है। खाना पकाने की इस विधी से कोई पोशक तत्व नष्ट नहीं होता है। पानी से बनी भाप सब्जी को खाने लायक गला देती है और इसमें अधिक पानी न होने से पानी को सब्जी से अलग भी नहीं किया जाता और सारी पौष्टिकता उसमें समाई रहती है। जैसा कि स्टीमिंग में तेल की कोई ज़रूरत नहीं होती है, ये भोजन को फ्राई या ग्रील करने से कहीं बेहतर विकल्प होता है। इस तरह खाना पकाने से न तो ये फैट बढ़ाता है और न ही उनका स्वाद ही खराब होता है।

खाना जलता नहीं

खाने को फ्राई करने, उबालने या बेक करने की तुलना में यदि आप एक स्टीमर का उपयोग कर रहे हैं, तो न तो आपका खाना ज्यादा पकता है और न ही जलता है। साथ ही स्टीम करने पर सब्जियों को भी पकाने के लिए कम समय लगेगा।

लो कैलोरी

स्टीमिंग किये भोजन को खाने से कौलोरी भी कम जाती हैं, जिससे आपके मोचे होने और हार्ट डिज़ीज होने का खतरा भी कम होता है। वहीं दूसरी ओर जब आप भोजन को फ्राई किया जाता है तो भोजन में तेल अवशोषित हो जाता है और अधिक फैट और कैलोरी जमा हो जाती हैं। मांस, चिकन व मछली को पकाने के लिए बहुत कम पानी लें और इन्हें भाप में गला लें और बेहद न के बराबर मसालों और तेल में पकाएं। अगर ज्यादा पानी में बना रही हैं तो उस पानी का सूप के रूप में उपयोग करें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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