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पेनकिलर का शरीर पर प्रभाव

किसी भी प्रकार के दर्द को दूर करने के लिए हम बिना सोचे-समझे पेनकिलर लेते हैं, लेकिन इसके दुष्‍प्रभाव बहुत ही खतरनाक होते हैं, इसके कारण एसिडिटी, डायरिया, जैसी समस्‍या हो सकती है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Nachiketa SharmaOct 08, 2014

नुकसानदेह है पेनकिलर

किसी भी प्रकार का दर्द हो हम बिना सोचे-समझे तुरंत पेनकिलर ले लेते हैं। हालांकि यह शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार के दर्द को तुरंत दूर तो कर देता है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव खतरनाक हो सकते हैं। दर्दनिवारक दवा का सेवन करने से लाभ तो मिल जाता है लेकिन इसका शरीर पर विपरीत प्रभाव भी पड़ता है। इसलिए पेनकिलर से दूर रहने की कोशिश करनी चहिए।

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क्‍या होती है समस्‍या

पेनकिलर का सेवन करने से शरीर पर कई तरह के प्रभाव दिखते हैं। इनके अलग-अलग कांबिनेशन के अधिक सेवन से एसिडिटी, उल्टी, डायरिया, पेट दर्द जैसी समस्‍यायें हो सकती हैं। अगर आपने इन दवाओं का सेवन लंबे समय किया तो किडनी और ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्‍या हो सकती है। इनका साइड-इफेक्‍ट हड्डियों पर भी पड़ सकता है।

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जानलेवा भी है

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंटोल में छपे एक रिपोर्ट की मानें तो केवल अमेरिका में ही हर साल लगभग 15 हजार लोगों की मौत पेनकिलर के ओवरडोज के कारण हो जाती है। ऐसे लोग दर्द से छुटकारा पाने के लिए अधिक दवाओं का सेवन करते हैं और इसका साइड-इफेक्‍ट जानलेवा हो जाता है।

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दिमाग पर असर

दर्दनिवारक दवा का सेवन करने के बाद सबसे पहले असर दिमाग पर पड़ता है। ये दवायें दिमाग में स्थित प्रोटीन को अपना शिकार बनाती हैं। पेनकिलर को नशीला पदार्थ भी माना जाता है। ये दवायें दिमाग के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी सहित कई अंगों को प्रभावित करती है।

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दिमाग भ्रमित होता है

पेनकिलर दिमाग को प्रभावित करती है जिससे व्‍यक्ति को लगता है कि उसे तुरंत आराम मिल गया है। लेकिन इसके कारण ही उल्‍टी, अनिद्रा, मानसिक भ्रम, और कब्‍ज की समस्‍या भी होती है। दिमागी भ्रम के कारण ही व्‍यक्ति को लगता है कि उसका दर्द गायब हो गया।

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आदत बन जाती है

पेनकिलर खाने वालों को तुरतं फायदा होता है, जिससे उनको यह बहुत ही प्रभावशाली दवा लगती है। इसके कारण हर समस्‍या में वे इन दवाओं का सेवन करने से पीछे नहीं रहते हैं। इस तरह से व्‍यक्ति के शरीर में पेनकिलर की अधिक मात्रा होती जाती है। इसके कारण व्‍यक्तित्‍व में बदलाव, मति भ्रम, नींद न आना, खांसी, नाक बहना, आखें लाल होने जैसी समस्‍यायें होती हैं।

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गर्भावस्‍था में अधिक नुकसानदेह

गर्भावस्‍था में पेनकिलर का सेवन करने से गर्भ में पल रहे बच्‍चे का विकास रुक सकता है। गर्भपात और बांझपन की समस्‍या भी पेनकिलर से हो सकती है। इसलिए गर्भावस्‍था में इन दवाओं का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए।

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हड्डियों और मांसपेशियों में असर

हालांकि पेनकिलर का सेवन करने से दर्द दूर होता है, लेकिन यह हड्डियों और मांसपेशियों का दर्द बढ़ा देता है। इसके कारण हड्डियों के कुछ हिस्‍सों में दर्द और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत देखी गई है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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