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जानें धूम्रपान पर प्रतिबंध से कैसे बचायी जा सकती है जिंदगियां

विश्व स्वास्थ्य संघटन की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 92 देशों के लगभग 2.3 अरब लोगों को धूम्रपान पर किसी न किसी प्रकार लगाए प्रतिबंधों से फायदा पहुंचा है। मसलन धूम्रपान पर प्रतिबंध से लाखों-करोड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

तन मन By Rahul SharmaMay 24, 2016

धूम्रपान पर प्रतिबंध से बचेंगी जानें


सीधी सी बात है - धूम्रपान एक ऐसी बुरार्इ है, जो इंसान को वक्त से पहले ही मौत के दरवाज़े पर लेजाकर खड़ा कर देती है। विश्व स्वास्थ्य संघटन (WHO) के अनुसार धूम्रपान के चलते हर साल लगभग 60 लाख लोगों की मौत हो जाती है, जिनमें से अधिकतर मौतें कम या मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संघटन ने पनामा में हुए एक सम्मेलन में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यदि हालत ऐसे ही रहे तो वर्ष 2030 में प्रति वर्ष धूम्रपान की वजह से मारे जाने लोगों की संख्या बढ़कर 80 लाख हो जाएगी और इनमें से 80 प्रतिशत मौतें कम और मध्यम आय वाले देशों में ही होंगी। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया कि 92 देशों के लगभग 2.3 अरब लोगों को धूम्रपान पर किसी न किसी प्रकार लगाए प्रतिबंधों से फायदा पहुंचा है। मसलन धूम्रपान पर प्रतिबंध से लाखों-करोड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।  
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विश्व धूम्रपान निषेध दिवस से फायदा


विश्व धूम्रपान निषेध दिवस या कहिए कि अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस को तम्बाकू से होने वाले नुकसान को देखते हुए साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सदस्य देशों ने एक प्रस्ताव द्वारा 7 अप्रैल 1988 से मनाना शुरू करने का निर्णय लिया था। इसके बाद से ही प्रति वर्ष 31 मई को तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद धूम्रपान के सेवन से होने वाली हानियों और जोखिमों से विश्व जनमत को अवगत कराके इसके उत्पाद एवं सेवन को कम करना है।  
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट


तम्बाकू से संबंधित बीमारियों के कारण प्रति वर्ष तकरीब 5 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है। जिनमें लगभग 1.5 मिलियन महिलाएं शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 80 प्रतिशत पुरुष तम्बाकू का सेवन करते हैं, लेकिन कुछ देशों की महिलाओं में तम्बाकू सेवन की प्रवृत्ति तेज़ी से बढ़ी है। वहीं दुनियाभर के धूम्रपान करने वालों का करीब 10 प्रतिशत भारत में हैं।
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कितना बड़ा नुकसान बच सकेगा


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया के 125 देशों में तम्बाकू का उत्पादन होता है। वहीं पूरी दुनिया में हर साल तकरीबन 5.5 खरब सिगरेट का उत्पादन होता है और एक अरब से अधिक लोग इसका सेवन करते हैं। भारत की बात करें तो यहां लगभग 10 अरब सिगरेट का उत्पादन होता है। भारत में 72 करोड़ 50 लाख किलो तम्बाकू की पैदावार होती है और तम्बाकू निर्यात के मामले में हमारा देश, ब्राज़ील, चीन, अमरीका, मलावी और इटली के बाद छठे स्थान पर आता है।  लेकिन दुनिया के किसी अन्य देश की तुलना में भारत में तम्बाकू से होने वाली बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। इसलिए तंबाकू पर पाबंदी हर लिहाज से सही है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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