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घरेलू उपचार जो करें फूड एलर्जी का काम तमाम

आमतौर पर गंभीर खाद्य एलर्जी के मामले में डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इससे बचने घरेलू उपचार प्रभावी साबित हो सकते हैं। और तो और इन्‍हें उपयोग करना भी बेहद आसान होता है।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja SinhaDec 06, 2014

क्यों होती है फूड एलर्जी

किसी खाद्य पदार्थ के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को फूड एलर्जी कहते है। यह गंभीर समस्‍या है। इसके लक्षणों में शरीर पर लाल चकत्ते, खुजली और उल्टी की समस्या शामिल हैं। आमतौर पर कुछ खास खाद्य पदार्थो में एलर्जिक गुण पाए हैं। लोगों को जिन खाद्य पदार्थो में सबसे अधिक एलर्जी होती है, उनमें दूध, मछली, अंडा, गेहूं आदि शामिल हैं। फूड एलर्जी की समस्या यूं तो बच्चों में अधिक होती है लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकती है। यह समस्या 40 साल से कम उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती है। कुछ सावधानियां बरतकर आप इस समस्‍या से बच सकते हैं।
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फूड एलर्जी के लिए घरेलू उपाय

आमतौर पर गंभीर खाद्य एलर्जी के मामले में डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इससे बचने घरेलू उपचार प्रभावी साबित हो सकते हैं। और तो और इन्‍हें उपयोग करना भी बेहद आसान होता है। घरेलू उपायों का आमतोर पर कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता। इसके साथ ही ये जीवन की गुणवत्‍ता को भी सुधार सकते हैं।

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एलर्जिक आहार से दूरी

खाद्य एलर्जी के इलाज का सबसे अच्छा तरीका एलर्जिक आहार लेने से बचना है। जिन बच्चों को दूध, अंडे, गेहूं और सोयाबीन से एलर्जी है, अगर वह पांच साल की उम्र तक इन चीजों को न खाएं, तो बाद में यह समस्या खत्म हो सकती है। लेकिन मूंगफली, सूखे मेवे की एलर्जी सारी उम्र रहती है। जिन्हें लैक्टोज से एलर्जी है वह सोया मिल्क ले सकते हैं। साथ ही इस बात की जांच करें कि आपको किस आहार से एलर्जी होती है। और शरीर की प्रतिक्रियाओं पर निगरानी रखें। फिर उन्‍हें अपने आहार से हटा दें।
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केला

केला लाभकारी पोषक तत्‍वों से भरपूर होने के साथ फूड से होने वाली एलर्जी के लक्षणों को कम करने में भी बहुत अच्‍छा होता है। केला त्‍वचा के चकत्‍तों और पेट की समस्‍याओं और शरीर की चयापचय को विनियमित करने में मदद करता है। हालांकि पर्याप्‍त मात्रा में केले का सेवन एलर्जी का इलाज नहीं हैं, लेकिन एलर्जी प्रतिक्रियाओं की गंभीरता या आशंका को कम करने में मदद करता है।
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विटामिन सी

प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने से भी खाद्य पदार्थों से एलर्जी होने लगती है। रक्षा प्रणाली में खराबी कुछ प्रोटीन की गलत ढंग से प्रतिक्रिया के कारण होती है। प्रतिरक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य में प्रभावी ढंग से सुधार करने के लिए विटामिन सी और फलों और सब्जियों में मौजूद अन्य लाभकारी विटामिन और मिनरल का प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन ध्‍यान रहे कि किसी भी फल या सब्जी से आपको एलर्जी न हो, क्‍योंकि इससे पूरी प्रक्रिया पर उल्‍टा असर पर सकता है।
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केस्टर ऑयल

लंबे समय से विभिन्‍न खाद्य पदार्थो से होने वाली एलर्जी के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। यह पेट की शक्ति और प्रतिरोधकता में सुधार करने में सहायक होता है। केस्‍टर ऑयल (अरंडी का तेल) आपके अमाशय के ऊपर एक परत बनकर फूड एलर्जी की प्रतिक्रिया के गंभीर प्रभाव को कम करने में मदद करता है। अरंडी का तेल थोड़ी सी मात्रा यानी एक कप पानी में तेल की 5 से 10 बूंदे डालकर, खाली पेट हर सुबह पीने से एलर्जी में फायदा होता है।
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विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ

विटामिन ई एंटी-एलर्जिक के रूप में जाना जाता है और यह आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। कहा जाता है कि जिन बच्चों की मां में विटमिन ई की कमी होती है, उन्हें एलर्जी जल्दी होती है। इसलिए अपने आहार में विटामिन ई समृद्ध खाद्य पदार्थ जैसे टोफू, पालक, बादाम, सूरजमुखी के बीज, एवोकाडो, झींगा, जैतून का तेल और ब्रोकोली को शामिल करें।
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अलसी का तेल और पैन्‍टोथेनिक एसिड

केले की तरह, अलसी का तेल भी शरीर के लिए एंटी-एलर्जिक व्‍यवहार को बढ़ाने में बहुत प्रभावी होता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को सकारात्‍मक रूप से प्रभावित करता है। इसके साथ ही यह प्रोटीन और खाद्य वस्तुओं की एक विस्तृत विविधता के लिए शरीर की प्रणाली की सहनशीलता में सुधार करने में मदद करता है। पैन्टोथेनिक एसिड एंटी-एलर्जिक गतिविधि के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है, इसे विटामिन बी-5 के रूप में भी जाना जाता है। विटामिन B5 के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थो में मशरूम, मछली का तेल (ट्राउट), पनीर, अंडे, एवोकाडो, मीट, वील, बीफ, चिकन और शक्‍करकंदी शामिल हैं।
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नींबू

नींबू के रस को पानी और शहद के साथ मिलाकर लेने से यह शरीर के लिए ए‍क शक्तिशाली डेटोक्सीफाइंग पदार्थ के रूप में काम करता है। इस मिश्रण को कुछ सप्‍ताह तक पीने से शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को दूर किया जा सकता है। यह विषाक्‍त पदार्थ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भ्रमित कर, प्रोटीन पाचन के साथ इन समस्‍याओं के पैदा होने का कारण बनते हैं।  
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गाजर का रस

गाजर के रस में एंटीऑक्‍सीडेंट और पोषक तत्‍व पाए जाते हैं, साथ ही इसमें विटामिन सी भी होता है। यह हमारे इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूती देकर शरीर को रोगों से दूर रखने में मदद करता हैं। फूड एलर्जी के लिए गाजर और खीरे के रस का मिश्रण बहुत प्रभावी उपचार है। इन दोनों सब्जियों में मौजूद एंटी-एलर्जिक तत्‍व फूड एलर्जी की समस्‍या से लड़ने के लिए अद्भुत विकल्‍प है। इस मिश्रण में आप चुकंदर का जूस भी शामिल कर सकते हैं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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