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हर्निया से ग्रस्‍त लोगों के लिए वरदान है ये अचूक घरेलू नुस्‍खे

हर्निया एक ऐसी शारीरिक समस्या है, जिस पर सही समय पर अगर ध्यान नहीं दिया जाए तो यह खतरनाक हो सकता है। लेकिन हर्निया के लक्षण पता लगने पर आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja SinhaJun 30, 2017

हर्निया के लिए घरेलू नुस्‍खे

जब पेट की मसल्‍स कमजोर हो जाने से आंत बाहर निकल जाती है तो उसे हर्निया कहते हैं। यानि आंत का एक हिस्सा पेट की मसल्‍स के एक कमजोर हिस्से से बाहर आ जाता है। इसमें पेट की त्वचा के नीचे एक असामान्य उभार आ जाता है, जो नाभि के नीचे होता है। लंबे समय से खांसते रहने या लगातार भारी सामान उठाने से भी पेट की मसल्‍स कमजोर हो जाने से हर्निया की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि इसके कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन कुछ लोग सूजन और दर्द का अनुभव करते हैं, जो खड़े होने पर और मसल्‍स में खिंचाव या भारी सामान उठाने पर बढ़ सकता है।यूं तो बड़ी हर्निया जिसमें सूजन और काफी दर्द हो रहा हो, उसका इलाज बिना सर्जरी के संभव नहीं है। लेकिन हर्निया के लक्षण पता लगने पर आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं।

बर्फ का जादू

बर्फ से हर्निया का इलाज बहुत ही पुराना, आसान और प्रचलित उपाय है। जी हां बर्फ को हर्निया वाली जगह पर लगाने से काफी आराम मिलता है। दर्द के साथ-साथ सूजन भी कम होती है। तो क्‍यों न आज से ही शुरू कर दें बर्फ से हर्निया का इलाज।

कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल को एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है, यह हर्निया के लिए बहुत ही अच्‍छा प्राकृतिक उपाय है। हर्निया की समस्‍या से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है। इस स्थिति में कैमोमाइल की चाय के सेवन से काफी आराम मिलता है। यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है। समस्‍या होने पर एक चम्‍मच सूखे कैमोमाइल को एक कप गर्म पानी में मिलाकर 5 मिनट के लिए ढककर रख दें। फिर इसमें अपने स्‍वादानुसार शहद मिला लें। इस चाय का सेवन दिन में 4 बार करें।

अदरक की जड़

अदरक की जड़ पेट में गैस्ट्रिक एसिड हुए नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है। यह हर्निया से हुए दर्द में भी काम करता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह अन्‍य चीजों की तरह ही प्रभावी है। आप इसका सेवन तरल रूप से कर सकते हैं या इस स्थिति में होने वाले दर्द और असुविधा को कम करने के लिए कच्‍ची अदरक भी खा सकते हैं।

रामबाण मुलेठी

कफ और खांसी में मुलेठी रामबाण की तरह काम करता है लेकिन यह हर्निया के इलाज में भी बेहद ही कारगर है। हर्निया पेट की परत और अणुओं को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन मुलेठी की जड़ शरीर के इन हिस्सों के उपचार उत्तेजक के रूप में लंबे समय से जाना जाता है। मुलेठी की चाय सेवन करने से क्षतिग्रस्त ऊतकों को तेजी से ठीक किया जाता है और अपने एनाल्‍जेसिक गुणों के कारण यह दर्द और सूजन को भी दूर करता है।

एप्‍पल साइडर सिरका

एप्‍पल साइडर सिरका हर्निया के कारण होने वाले लक्षण जैसे हार्टबर्न और एसिडिटी को कम करने का एक उत्‍कृष्‍ट उपाय है। एसिडिक गुण होने के कारण एप्‍पल साइडर सिरका शरीर पर एक क्षारीय प्रभाव छोड़ता है। जब भी आपको एसिडिटी या हार्टबर्न महसूस हो तो एप्‍पल साइडर सिरके की 1 से 2 चम्‍मच को गर्म पानी में मिलाकर, घूट-घूट करके पीएं।

Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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