• shareIcon

क्‍यों हमें कुछ आहार नहीं आते हैं पसंद

कई बार हम किसी खाने की गुणवत्‍ता जाने बगैर ही उसे खाने से मना कर देते हैं क्‍योंकि ये हमें बिलकुल ही पसंद नहीं होते हैं, यहां उन आहारों की लिस्‍ट है जिसे आप नापसंद करते हैं।

स्वस्थ आहार By Meera Roy / Oct 01, 2015

खाना न पसंद करने के कारण

आकाश को करेले से सख्त नफरत है तो रितु को भिण्डी कतई पसंद नहीं। मूली के नाम से ही पूजा नाक भौं सिकोड़ती है तो इसी कतार में अमन भी है जिसे चुकंदर जरा भी नहीं पसंद। वास्तव में ये कुछ गिने चुने लोग ऐसे नहीं हैं जिन्हें कुछ आहार विशेष नापसंद है। हर कोई इस सूची का हिस्सा है। दरअसल हम न चाहते हुए भी कुछ आहार विशेष नापसंद करते हैं। जबकि हकीकत ये है कि ये सब स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होते हैं। सवाल ये उठता है कि हम कुछ आहार विशेष को आखिर नापसंद क्यों करते हैं? चलिए आइये हम इस बारे में चर्चा करते हैं।

करेला

ये कहने की जरूरत नहीं है कि ज्यादातर लोग करेले से दूर भागते हैं। वजह साफ है। इसका कड़वापन। इसके अलावा कुछ लोग इसे इसके आकार की वजह से भी नापसंद करते हैं। जबकि करेले में असंख्य खूबियां भरी हुई हैं। करेला मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण इलाज की माफिक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक 10 ग्राम करेले के रस में 6 ग्राम तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पीना लाभकारी होता है। इतना ही नहीं करेला हमारी त्वचा सम्बंधी रोगों के लिए भी हितकर है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना, उल्टी दस्त में फायदेमंद आदि सभी करेले के विशेष गुणों में शुमार है। अतः यदि आप भी करेले को नापसंद करते हैं तो बेहतर है इसे अपनी पसंदीदा सूची में शुमार कर लें।

मछली

अधिकतर लोगों को मछली या सी फूड खाने में बेहद दिक्कत आती है। इसकी एक बड़ी वजह है, इसकी गंध। वास्तव में कई लोग मछली की गंध बर्दाश्त नहीं कर पाते। हद तो तब हो जाती है जब उन्हें इसकी गंध के कारण उल्टी तक हो जाती है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग मछली से परहेज करना पसंद करते हैं। मगर देखा जाए तो मछली के असंख्य लाभ है। मछली में ओमेग-3, फैटी एसिड आदि पाया जाता है। ये तत्व हृदय सम्बंधी बीमारियों को दूर रखने में सहायक है। कहने का मतलब यह है कि मौजूदा जीवनशैली के लिए मछली अनिवार्य आहार के रूप में उभर रहा है। जरूरी यह है कि इसकी गंध को दरकिनार कर सप्ताह में दो बार इसका सेवन अवश्य करें। विशेषज्ञों की राय में मीट की बजाय मछली खाना ज्यादा लाभकर है।

शलजम

शायद शलजम वही खाए जिसे जोरो की भूख लगी हो। असल में शलजम भी बहुत कम पसंद किये जाने वाले आहार विशेष में शुमार है। शलगम नापसंद करने की वजह इसका स्वाद है। साथ ही इसका रंग, रूप, आकार भी खासा आकर्षक नहीं है। यही कारण है कि अकसर लोग बाजार में जाकर शलगम को कम तरजीह देते हैं। जबकि विशेषज्ञों की नजर से देखें तो शलगम विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है। इसमें फाइबर, फोलिक एसिड, मैंग्नीज़, कापर आदि बहुतायत में पाए जाते हैं।

चुकंदर

बच्चे से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति तक चुकंदर का नाम सुनते ही खाने को मना कर देता है। इसकी वजह शायद वे खुद भी नहीं जानते। दरअसल कई आहार विशेष हम इसलिए नापसंद करते हैं क्योंकि वे हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा नहीं होते। चुकंदर ऐसे ही आहार विशेष में से एक है। इसको नापसंद करने की एक बड़ी वजह इसका रंग और आकार है। बहरहाल चुकंदर बेहतरीन सलाद है। इसे खाने से हमें तुरंत ऊर्जा मिलती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट बहुतायत में पाया जाता है। इसके अलावा चुकंदर मैग्नीशियम, कैल्शियम, आइरन, विटामिन ए और सी का बेहतरीन स्रोत है।

बैंगन

लोग अकसर बैंगन इसमें मौजूद बीज के कारण कम खाते। इसके अलावा बैंगन खाने से कई लोगों को एलर्जी होती है जिससे उन्हें अंगुली आदि जगहों में दानें निकल आते हैं। ऐसे में वे बैंगन से दूरी ही बेहतर समझते हैं। लेकिन आपको बता दें कि बैंगन भी पौष्टिक तत्वों से भरपूर है। यह फाइटोन्यूट्रियेंट्स नामक एंटीआक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। इसमें नैसुनिन भी पाया जाता है जो कि सेल मेम्बरेन को क्षति होने से रोकता है।

भिण्डी

भिण्डी दिखने में भी अच्छी लगती है और स्वाद भी इसका बुरा नहीं है। बावजूद इसके अगर भिण्डी तमाम लोगों की नापसंदीदा सूची में शुमार है तो इसके पीछे वजह है, इसका लिजलिजापन। असल में तमाम लोग इसके लिजलिजेपन के चलते इसे खाना पसंद नहीं करते। मगर देखा जाए तो भिण्डी तमाम रोगियों के लिए फायदेमंद है। इसमें अस्थमा से ग्रस्त मरीज भी शुमार है। यदि आपको जोड़ों में दर्द है तो भी भिण्डी आपको हितकर है क्योंकि भिण्डी कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है।

All Images - Getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK