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पथरी से बचे रहना है तो इन 10 तरीकों से करें किडनी की सफाई

किडनी का काम हमारे शरीर में मौजूद खून को छानकर साफ करना है। सफाई के बाद जो गंदगी निकलती है, वो पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है। मगर कई बार किडनी के कुछ हिस्सों में ये गंदगी जमा होती रहती है, जो बाद में पथरी या किडनी के दूसरे रोगों का कारण ब

घरेलू नुस्‍ख By Anurag GuptaApr 02, 2018

किडनी की सफाई

किडनी का काम हमारे शरीर में मौजूद खून को छानकर साफ करना है। सफाई के बाद जो गंदगी निकलती है, वो पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है। मगर कई बार किडनी के कुछ हिस्सों में ये गंदगी जमा होती रहती है, जो बाद में पथरी या किडनी के दूसरे रोगों का कारण बनती है। अगर आप किडनी में जमा इस गंदगी को साफ करना चाहते हैं, तो कुछ आयुर्वेदिक तरीकों से ये काम आसान हो सकता है। आयुर्वेद में ऐसे कई आहार बताए गए हैं, जो किडनी और लिवर की अच्छी तरह सफाई करते हैं और आपको पथरी जैसे रोगों से बचाते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसी ही 10 जड़ी-बूटियां।

अमर बेल

अमर बेल का पीला फूल एक कमाल का हर्ब माना जाता है। इस फूल का इस्‍तेमाल कर रक्त की शुद्धि की जा सकती है। इसके अलावा यह लीवर और किडनी के स्‍वास्‍थ्‍य की सफाई कर उन्हें स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।

करौंदा

करौंदे में बहुत सारा एंटी ऑक्‍सीडेंट पाया होता है जो कि किडनी से यूरिक एसिड को बाहर निकालता है। करौंदे को किडनी के लिये सबसे बेस्‍ट हर्ब में से एक माना जाता है। इसमें यूरिक एसिड और यूरिया को निकालने की कमाल की क्षमता होती है।

अजमोद (Parsley)

अजमोद में लूटेओलिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो फ्री रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालने में सहायक होता है। अजमोद में विटामिन ए और सी भी काफी होते हैं। अजमोद को किडनी की सफाई के लिए जाना जाता है। किडनी में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर यह उसे स्वस्थ रखता है।

सिंहपर्णी (Dandelion root)

सिंहपर्णी की जड़ लीवर और किडनी से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने वाली एक बहद असरदार हर्ब है। न केवल किडनी से विषाक्त पदार्थों को बाहर करती है बल्कि रक्त को शुद्ध भी करती है, जिससे लीवर और किडनी की समुचित कार्यक्षमता को बढ़ावा मिलता है।

मंजिष्ठा

मंजिष्‍ठा को आयुर्वेद में एक बेहद महत्वपूर्ण अच्‍छा हर्ब माना जाता है। यह रक्त व किडनी से विषाक्त पदार्थों से दूर कर उन्हें शुद्ध करता है। इसके अलावा इसका प्रयोग प्रतिरक्षा नियामक के रूप में भी किया जाता है।

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भुटकेसी (Bhutkesi)

यह फूल एक रक्त शुद्ध करने वाला और लीवर को मजबूत बनाने वाला वाला होता है। भुटकेसी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्‍व की वजह से आमतौर पर इसका प्रयोग प्राकृतिक चिकित्‍सा में किया जाता है। भुटकेसी कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश आदि में पाया जाता है।

गोल्डनरॉड (Goldenrod)

गोल्डनरॉड, एक प्रकार का पौधा जिसका तना छड़ी जैसा और फूल पीले रंग के होते है। गोल्डनरॉड के अलग अलग तरह से सेवन करने पर किडनी में मौजूद विषाक्त दूर होते हैं और किडनी रोगमुक्त रहती है।

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गुडूची (Guduchi)

शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिये ये हर्ब बेहद कारगर होता है और रक्त को शुद्ध करता है। गुडूची धूम्रपान और शराब पीने वाले लोगों के लिए काफी लाभदायक होता है, क्‍योंकि यह रक्त में पैदा होने वाले विषाक्त पदार्थों को दूर करने में मदद करता है।

धतूरे की जड़

धतूरे की जड़ शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले एसिड और विषाक्तों को बाहर कर रक्त को शुद्ध करता है। इसके अलावा ये किडनी को मजबूत बनाकार  रक्त शुद्धी करने में भी सहायता करता है और पिट्यूटरी ग्रंथि से प्रोटीन को निकालकर हार्मोन संतुलन में सहायता करता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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