पाचन शक्ति को मजबूत करने के लिए इन 7 तरीकों से करें आंतों की सही देखभाल

आतें हमारे पाचन क्रिया के प्रमुख अंगों में से एक हैं, अगर यह सही तरीके से काम करे तो पाचन क्रिया दुरुस्‍त रहती है और अपच की समस्‍या नहीं होती है, आंतें शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को भी बाहर निकालती हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Atul Modi / Sep 12, 2018
आंतों को रखें स्‍वस्‍थ

आंतों को रखें स्‍वस्‍थ

आतों हमारे पाचन तंत्र का महत्‍वपूर्ण अंग हैं, बड़ी और छोटी दोनों आतें हमारे पाचन क्रिया में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आंतें हम जो खाते हैं उनसे स्‍वस्‍थ और पौष्टिक चीजें निकालती हैं और हमारे शरीर से विषाक्‍त पदार्थ बाहर करती हैं। इनको सही तरीके से काम करने के लिए इन्‍हें स्‍वस्‍थ रखना चाहिए, नहीं तो खाना पचने में समस्‍या हो सकती है और पेट संबंधित रोग हो जायेंगे। खानपान और व्‍यायाम के जरिये आंतों को स्‍वस्‍थ रखा जा सकता है।

लीन मीट खायें

लीन मीट खायें

अगर आप मांसाहारी हैं तो लीन मीट खायें, इससे आंतों की गति‍विधियां दुरुस्‍त होती हैं। लीन मीट खाने से यह आसानी से पच जाता है और आंतें अच्‍छे से कार्य करती हैं। इसके अलावा इसमें पौष्टिक तत्‍व होते हैं जो इम्‍यूनिटी को मजबूत करते हैं। लीन मीट जैसे कि मछली का सेवन कीजिए। इसमें प्रोटीन होता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्‍त करने के साथ प्रोटीन की कमी को भी पूरा करता है।

पानी पियें

पानी पियें

पानी पीने के कई फायदे हैं, इससे हम अपने शरीर में मौजूद विषाक्‍त पदार्थों को बाहर निकालते हैं साथ ही अपनी आंतों को भी स्‍वस्‍थ रखते हैं। अगर आप फाइबर की अधिक मात्रा में लेते हैं, और इसके साथ पर्याप्‍त पानी नहीं पीते हैं तो आपकी आंतों को नुकसान हो सकता है। इसलिए पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करना फायदेमंद है। रोज 8-10 गिलास पानी का सेवन करने से आंतें स्‍वस्‍थ रहती हैं। 

रेड मीट न खायें

रेड मीट न खायें

रेड मीट का सेवन करने से बचें, इससे पाचन संबंधी समस्‍या तो होती है साथ ही यह आंतों को भी नुकसान पहुंचाता है। रेड मीट में संतृप्‍त वसा की मात्रा अधिक होती है जिससे शरीर का वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला कोलेस्‍ट्रॉल आंतों पर बुरा प्रभाव डालता है। इसका अधिक सेवन करने से अपच की समस्‍या भी हो सकती है।

प्रोबॉयोटिक्स का सेवन कीजिए

प्रोबॉयोटिक्स का सेवन कीजिए

हमारी आंतों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए प्रोबॉयोटिक्‍स को अपने आहार में शामिल कीजिए। कई शोधों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि प्रोबॉयोटिक्‍स आंतों की बीमारियों और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारियों को दूर करने में मददगार होता है। हमारी आंतों में असंख्य बैक्टीरिया होते हैं, इनमें से कुछ रोग का कारण भी हो सकते हैं और जो अच्छे होते हैं, वे आहार को पचाने का काम करते हैं। ये हमारी पाचन क्रिया को संतुलित भी रखते हैं। प्रोबॉयोटिक मुख्यत: डेयरी उत्‍पादों में ही होता है, जैसे दूध व दही।

अधिक न खायें

अधिक न खायें

अपनी भूख से अधिक खाने से कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य की समस्‍यायें हो जाती हैं। अधिक खाने से न केवल वजन बढ़ता है साथ ही इससे हमारी आंतों की सक्रियता कम हो जाती है, क्‍योंकि अधिक खाने को पचाने में आंतों को अधिक मेहनत करना पड़ता है। इसलिए आंतों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए स्‍वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन कीजिए।

फाइबर का अधिक सेवन करें

फाइबर का अधिक सेवन करें

अपने आहार में उच्‍च फाइबरयुक्‍त आहार को शामिल कीजिए, यह आसानी से पच जाता है, और आंतों को अधिक सक्रिय भी रखता है। वसायुक्त और संसाधित खाद्य पदार्थो से दूर रहें, ये कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को जन्‍म देती हैं। इनकी जगह फाइबर युक्त संतुलित खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें। सब्जियां, फल, अनाज और नट्स में मौजूद फाइबर आपकी आंतों को ठीक प्रकार से कार्य करने में मदद करते हैं।

नियमित व्‍यायाम करें

नियमित व्‍यायाम करें

अगर आप चाहते हैं कि आपके शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम करें और आप बीमारियों से बचें रहें तो इसका एक ही तरीका है, नियमित व्‍यायाम। नियमित व्‍यायाम करने से पाचन क्रिया दुरुस्‍त होती है और आंतों की क्षमता भी बढ़ती है। इसलिए आंतों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए रोज 30-40 मिनट तक व्‍यायाम करना जरूरी है।

थोड़ा आराम करें

थोड़ा आराम करें

आंतों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए आराम भी जरूरी है। आपकी आंतें मस्तिष्‍क से जुड़ी हैं, शरीर में मौजूद लगभग 95 प्रतिशत सेरोटोनिन आपके आंत्र पथ को अपनी एक अलग मस्तिष्क संबंधी प्रणाली में रखता है। इसलिए आंतों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए मस्तिष्‍क का स्‍वास्‍थ्‍य होना जरूरी है। अगर आप तनाव ग्रस्‍त होते हैं तो इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है और पाचन क्रिया बिगड़ जाती है। इसलिए शांत जगह पर सिर्फ 5 मिनट आंखें बंद करके सांस लेने पर आप अपनी आंतों में काफी सुधार कर सकते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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