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इन आठ स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं की वजह से हो सकती है अनिद्रा

अनिद्रा जैसी नींद से जुड़ी समस्‍या के लिए शारीरिक, भावनात्मक, या हार्मोन की स्थिति की जिम्‍मेदार होती है जैसे अस्थमा, अवसाद और रजोनिवृत्ति आदि।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja SinhaSep 20, 2014

अनिद्रा के लिए जिम्‍मेदार स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं

अगर आप अनिद्रा से परेशान है? तो इसके लिए आपकी स्‍वास्‍थ्‍य हालत जिम्‍मेदार हो सकती है। हाल ही में हुए एक शोध से पता चला है कि अनिद्रा जैसी नींद से जुड़ी समस्‍या के लिए कुछ स्‍वास्‍थ्य समस्‍याएं जिम्‍मेदार होती है।  

मेडिकल डायरेक्‍टर ऑफ स्लिप डिस्‍आर्डर सेंटर ऑफ जॉर्जिया इन अगस्‍ता के एमडी जेम्स वेलमैन के अनुसार, नींद की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं और रोगों से जोड़ा जा सकता है। नींद की समस्याएं शारीरिक, भावनात्मक, या हार्मोन की स्थिति की वजह से होती है जैसे अस्थमा, अवसाद और रजोनिवृत्ति आदि। यहां पर सबसे आम समस्‍याओं के बारे में बताया गया है। image courtesy : getty images

डिप्रेशन

शोधों के अनुसार, डिप्रेशन से पी‍ड़‍ित लगभग 90 प्रतिशत लोग अनिद्रा की समस्‍या से ग्रस्‍त होते है। चिंता और डिप्रेशन से प्रभावित लोगेां में नींद न आने की समस्‍या सबसे ज्‍यादा देखी जाती है। किसी भी चीज की चिंता सोने में कमी के साथ स्थिति को बदतर बना सकती है। नकारात्मक सोच के कारण भी नींद नहीं आती। इसके अलावा मानसिक और भावनात्मक असुरक्षा भी अनिद्रा की एक बड़ी वजह है। image courtesy : getty images

रजोनिवृत्ति

महिला के मासिक धर्म का अंत, अनिद्रा की शुरुआत हो सकता है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक, लगभग 61 प्रतिशत रजोनिवृत्त महिलाओं को नींद की समस्या होती है। वेलमैन के अनुसार, ऐसा इसलिए होता है, क्‍योंकि रजोनिवृत्ति के दौरान प्रोजेस्टेरोन का स्तर कम होने लगता है। और प्रोजेस्टेरोन नींद को बढ़ावा देने वाला हार्मोंन है। रजोनिवृति के दौरान एस्‍ट्रोजन के स्‍तर के बदलने से बहुत अधिक पसीना, बेचैनी और गर्मी महसूस करना नींद में अवरोध पैदा कर सकता है।  image courtesy : getty images

डायबिटीज

डायबिटीज में अक्‍सर ब्‍लड शुगर के उतार-चढ़ाव, रात के दौरान बहुत अधिक पसीना और बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस होने पर अनिद्रा की परेशानी होती है। हाल ही में 1,741 वयस्कों पर हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, छह घंटे से कम नींद लेने वाले लोगों में अधिक नींद लेने वाले लोगों की तुलना में टाइप-2 डायबिटीज के विकसित होने की संभावना अधिक होती है। image courtesy : getty images

गठिया

गठिया में होने वाला तीव्र दर्द अनिद्रा का कारण बनता है। इसके अलावा, गठिया के जो रोगी रात के दौरान सोने की पोजीशन में बदलाव करते रहते है, वह फिर से मुश्किल से सो पाते हैं। सोने से पहले दर्द निवारक दवाओं को सेवन गाठिया के दर्द को कम करने में मदद करता है। image courtesy : getty images

हृदय रोग

हृदय की दो आम परेशानी, कोरोनरी धमनी रोग और कंजेस्टिव हार्ट फेलियर को नींद न आने की समस्‍या से जोड़ा जाता है। कोरोनरी धमनी रोग में, सिरकेडिन लय में उतार चढ़ाव सीने में दर्द, अनियमित दिल की धड़कन, यहां तक ​​कि सोते समय दिल का दौरा पड़ने का कारण भी हो सकता है। कंजेस्टिव हार्ट फेलियर दिल को शरीर के सभी भागों तक पर्याप्त रक्त पंप करने से रोकता है। इसके परिणामस्‍वरूप लेटने पर फेफड़ों के आसपास अतिरिक्त तरल पदार्थ का जमाव, रात में अनिद्रा का कारण बनता है। image courtesy : getty images

अस्थमा

वेलमैन के अनुसार, अस्थमा से पीड़‍ित लोगों में अक्सर सांस लेने में कठिनाई, घरघराहट, और खांसी के कारण नींद में कमी पाई जाती है। अस्थमा के लक्षण रात के दौरान आमतौर पर और अधिक खराब हो जाते है इसलिए रात के समय अस्थमा के हमलों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, अस्थमा के इलाज के लिए इस्तेमाल दवाओं में से कुछ अनिद्रा और खंडित नींद का कारण बन सकती है।  image courtesy : getty images

किडनी रोग

किडनी रोग होने पर किडनी रक्त में मिले हुए विषैले तथा दूषित पदार्थ को छानने का कार्य करना बंद कर देती है, जिसके कारण अनिद्रा या लेग सिंड्रोम की समस्‍या होने लगती है। वेलमैन के अनुसार, डायलिसिस और गुर्दा प्रत्यारोपण से भी हमेशा नींद सामान्य नहीं होती है। हालांकि ऐसा क्‍यों होता है इस बारे में शोधकर्ता विश्वस्त नही हैं। image courtesy : getty images

थायराइड

अति सक्रिय थायरॉयड ग्रंथि (हाइपरथायरायडिज्म) रात में अत्‍यधिक पसीना के कारण अनिद्रा पैदा कर सकता है, जबकि कम सक्रिय  थायरॉयड ग्रंथि (हाइपोथायरायडिज्म) दिन में अत्‍यधिक सुस्‍ती का कारण बनता है। थायराइड की इन दोनों स्थितियों का निदान एक साधारण रक्त परीक्षण के साथ और इसका इलाज दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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