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रोजाना एस्पिरिन लेने के हो सकते हैं कई जोखिम

हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी बीमारियों के लक्षण वाले लोग जोखिम कम करने के लिये रोजाना एस्पिरिन थेरेपी ले सकते हैं, लेकिन स्वस्थ्य लोगों को एस्पिरिन लेके के कई जोखिम हो सकते हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Rahul Sharma / Mar 23, 2015
रोजाना एस्पिरिन लेने के जोखिम

रोजाना एस्पिरिन लेने के जोखिम

वो लोग जो स्वस्थ होते हुए भी हार्ट अटैक रोकने के लिए रोज एस्पिरिन का डोज लेते हैं, वे अपना फायदे के बजाय नुकसान अधिक कर रहे हैं। कुछ शोध बताते हैं कि हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी बीमारियों के लक्षण वाले लोग जोखिम कम करने के लिये रोजाना एस्पिरिन थेरेपी ले सकते हैं, लेकिन स्वस्थ्य लोगों को एस्पिरिन लेके के कई जोखिम हो सकते हैं। तो चलिये जानें क्या हो सकते हैं एस्पिरिन से जुड़े जोखिम।  
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स्वस्थ लोग न लें एस्पिरीन

स्वस्थ लोग न लें एस्पिरीन

ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने अपने एक नए शोध में पाया कि एस्पिरिन लेने से ब्लीडिंग का जोखिम रहता है, इसलिए स्वस्थ व्यक्ति को नियमित एस्पिरीन लेने की सलाह नहीं दी जा सकती है। हालांकि ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के मेडिकल डायरेक्टर प्रफेसर पीटर वीजबर्ग के अनुसार, हार्ट अटैक या स्ट्रोक आदि के लक्षणों वाले लोग जोखिम को कम करने के लिये रोजाना एस्पिरिन की कुछ मात्रा ले सकते हैं।
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लोगों में व्याप्त गलत धारणा

लोगों में व्याप्त गलत धारणा

विशेषज्ञों के अनुसार बहुत से लोग में ये गलत धारणा है कि अगर वे रोज़ना एस्पिरिन लेंगे तो वे दिल के रोगों से बच सकते हैं। हालांकि सच तो ये है कि
दिल के दौरे से बचने के लिए स्वस्थ होते हुए भी एस्पिरिन लेने पर उन्हे फ़ायदे की जगह नुकसान होता है।
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एस्पिरिन फॉर असिम्प्टोमैटिक एथरोस्क्लिरॉसिस का शोध

एस्पिरिन फॉर असिम्प्टोमैटिक एथरोस्क्लिरॉसिस का शोध

किंतु 'एएए' अर्थात एस्पिरिन फॉर असिम्प्टोमैटिक एथरोस्क्लिरॉसिस के एक शोध के अनुसार ऐसे प्रमाण नहीं मिले हैं कि दिल के रोगों से बचने में एस्पिरिन सहायक होती है। तो ये भी विषय की गंभीरता के चलते एक विचार किये जाने वाला बिंदु है। वैसे भी कुछ समय पहले लैंसेट के एक अध्ययन में कहा गया था कि दिल का दौरा और पक्षाघात रोकने के लिए एस्पिरिन की कम ख़ुराक का नियमित प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
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प्रोफ़ेसर पीटर वाइसबर्ग, ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के अनुसार

प्रोफ़ेसर पीटर वाइसबर्ग, ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के अनुसार

लेकिन इस अध्ययन के नतीजे हमारी सलाह से मेल खाते हैं कि जिन लोगों को धमनी या दिल की बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं या दिल की बीमारी नहीं है उन्हे एस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इससे लाभ कम और ख़ून बहने का ख़तरा बढ़ सकता है.
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ड्रग्स एंड थेरेप्यूटिक्स बुलेटिन पत्रिका का शोध

ड्रग्स एंड थेरेप्यूटिक्स बुलेटिन पत्रिका का शोध

ब्रिटेन में प्रकाशित होने वाली ड्रग्स एंड थेरेप्यूटिक्स बुलेटिन पत्रिका में प्रकाशित इस शोध के अनुसार एस्पिरिन के नियमित प्रयोग से आंतरिक रक्तस्राव होने की आशंका रहती है और यह दिल की बीमारी से होने वाली मौत को भी नहीं रोकता है।
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 किसे दी जाती है रोज़ एस्पिरीन

किसे दी जाती है रोज़ एस्पिरीन

जिन लोगों को दिल का दौरा या पक्षाघात हो चुका है उन्हें भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचाने के लिए कम मात्रा में एस्पिरिन दी जाती है। इसे दिल का दौरों की रोकथाम के उपाय के रूप में जाना जाता है और इसके लाभ प्रमाणित हो चुके हैं।
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डॉ आइके इकेनाचो की राय

डॉ आइके इकेनाचो की राय

डीटीबी के सम्पादक डॉ आइके इकेनाचो के अनुसार डीटीबी ने 95,000 रोगियों पर प्रयोग कर पाया कि एस्पिरिन के नियमित इस्तेमाल से आंतों में रक्तस्राव का गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है और हृदय रोग से बचाव भी न के बराबर होता है। डॉ इकेनाचो के मुताबिक “प्राथमिक बचाव के मौजूदा प्रमाण बताते हैं कि एस्पिरिन के फ़ायदे और नुकसान के बीच बहुत बारीक संतुलन है। गोरतलब है कि मधुमेह या उच्च रक्तचाप के शिकार लोगों में दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा अधिक होता है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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