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च्‍युइंग गम के साइड-इफेक्‍ट

च्‍यूइंग गम बहुत से लोगों की पसंद है, और कुछ लोग अपनी भूख और प्‍यास दूर करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं, लेकिन यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बहुत ही नुकसानदेह हो सकता है।

तन मन By Nachiketa Sharma / Sep 16, 2014

नुकसानदेह है च्‍यूइंग गम

च्‍यूइंग गम को टाइम पास करने का सबसे बेहतर स्‍वीटनर माना जाता है, और इससे दीवानों की कमी पूरी दुनिया में नहीं है। लोगों इसके लिए मौके नहीं तलाशते बल्कि जब भी मूड होता है मुंह में च्‍यूइंग गम डाल लेते हैं। लेकिन आपको शायद ही पता हो कि च्‍यूइंग गम खाने के कई नुकसान हैं। अगर आप इसे कभी-कभी खाते हैं तो इसका नुकसान बिलकुल नहीं है, लेकिन रोजाना च्‍यूइंग गम खाने से इसका साइड-इफेक्‍ट भी पड़ता है।

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जंक फूड खाने की इच्‍छा बढ़ती है

हालांकि च्‍यूइंग गम खाने से भूख मरती है, यह आपके खाने की इच्‍छा को कम कर देता है। लेकिन यह जंक और फास्‍ट फूड खाने की इच्‍छा को बढ़ाता है। 2013 में अमेरिका में हुए एक शोध में यह बात सामने आयी। इस शोध में यह बात सामने आयी कि जो लोग च्‍यूइंग गम खाते हैं उन्‍हें फास्‍ट फूड और कैंडी खाने की इच्‍छा होती है, जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक है।

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जबड़ों की समस्‍या

च्‍यूइंग गम खाने से जबड़ों में समस्‍या हो सकती है। यह जबड़ो में टीएमजे (टेंपोरोमंडीबुलर ज्‍वाइंट डिसऑर्डर) नामक समस्‍या पैदा कर सकता है। अगर आप अपने जबड़े के एक तरफ ही च्‍यूइंग गम चबाते हैं तब यह समस्‍या होने की संभावना अधिक होती है। इसके कारण सिर दर्द, दांतों में दर्द, जबड़े में दर्द की समस्‍या हो सकती है।

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पेट की समस्‍या

इससे पेट संबंधित कई प्रकार की समस्‍यायें हो सकती हैं। जब भी आप च्‍यूइंग गम चबाते हैं तब आपके पेट में अधिक हवा जाती है जो कि पेट में दर्द, गैस जैसी समस्‍या का कारण बनती है। इसके कारण पेट में एसिड का निर्माण अधिक होता है जिससे पेट में सूजन हो सकती है। यह पाचन क्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।

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दांतों को नुकसान

अगर आप शुगरयुक्‍त च्‍यूइंग गम खा रहे हैं तब तो शुगर के कारण दांतों में समस्‍या होना स्‍वाभाविक है, लेकिन अगर आप शुगर फ्री च्‍यूइंग गम चबा रहे हैं तब भी दांतों को नुकसान हो सकता है। दरअसल शुगर मुक्‍त च्‍यूइंग गम में भी एसिडिक फ्लेवर होता है जो दांतों के बीच में कटाव कर सकता है।

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फिलिंग से मर्करी निकालता है

अगर आपकी दांतों में पहले से कैविटी या अन्‍य कारणों से फिलिंग की गई है तो च्‍यूइंग गम नुकसानदेह हो सकती है, क्‍योंकि यह फिलिंग में मौजू‍द मर्करी को बाहर निकालता है। 1996 में नेशनल सेंटर फॉर बॉयोटेक्‍नोलॉजी इंफार्मेशन में छपे एक शोध में यह बात सामने आयी। इस शोध में यह भी निष्‍कर्ष निकला कि यह मर्करी पेट के जरिेये रक्‍त में मिल जाता है और फिर ऊतकों में भी मिल जाता है।

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सिरदर्द की समस्‍या

च्‍यूइंग गम चबाने से सिरदर्द की भी समस्‍या होती है। किशोरों और बच्‍चों में यह समस्‍या बहुत देखी जाती है। नेशनल सेंटर फॉर बॉयोटेक्‍नोलॉजी इंफार्मेशन में 2014 में छपे एक शोध के अनुसार, च्‍यूइंग गम चबाने से 6 से 19 साल के बच्‍चों में क्रोनिक माइग्रेन और तनाव की समस्‍या अधिक देखने को मिलती है। इसस शोध में यह बात भी सामने आयी कि च्‍यूइंग गम के कारण होने वाले सिरदर्द के लिए टीएमजे ही जिम्‍मेदार है।

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कृत्रिम स्‍वीटनर का प्रयोग

च्‍यूइंग गम में कई प्रकार के आर्टिफिशियल स्‍वीटनर का प्रयोग किया जाता है, जो स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही नुकसानदेह है। ये स्‍वीटनर रक्‍त के जरिये ऊतकों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। यह पाचन क्रिया को भी नुकसान पहुंचाते हैं, और इसके कारण पेट संबंधित समस्‍या भी होती है। कुछ लोगों को लगता है कि शुगरमुक्‍त च्‍यूइंग गम अच्‍छा होता है, लेकिन उसमें भी कुछ आर्टिफिशियल स्‍वीटनर होते हैं जो नुकसानदेह हैं।

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च्‍यूइंग गम की सामग्री है नुकसानदेह

कई ब्रांड अपने आप को बेहतर बनाने के लिए कई प्रकार के स्‍वीटनर का प्रयोग करते हैं, ये स्‍वीटनर च्‍यूइंग गम का स्‍वाद तो बढ़ाते हैं लेकिन यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बहुत ही हानिकारक हो जाते हैं। इसमें पाया जानी वाली सामग्री बीएच (Butylated Hydroxytoluene) अमेरिका सहित कई देशों में प्रतिबंधित है, यह बहुत ही नुकसानदेह विषाक्‍त पदार्थ है।

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