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इन घरेलू उपायों से करें जिंजीवाइटिस का उपचार

जिंजीवाइटिस का इलाज नही किया जाए तो यह दांत और जबड़े के स्थायी नुकसान का कारण बन सकता है। लेकिन बहुत सारे घरेलू उपाय इस समस्‍या के लक्षणों से राहत प्रदान करने में आपकी मदद कर सकते है।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja SinhaOct 17, 2014

क्‍या है जिंजीवाइटिस

जिंजीवाइटिस मसूड़ों की बीमारी का एक प्रकार है। इसके परिणामस्‍वरूप मसूड़ों में सूजन, कोमतला और लालिमा आ जाती है। जब प्लेक (चिपचिपा पदार्थ जिसका मुंह में कीटाणु की उपस्थिति के कारण लगातार गठन होता है और लार, खाद्य कणों और दांतों की सतह पर अन्‍य प्राकृतिक पदार्थ के साथ जमा हो जाता है।) रोजाना ब्रशिंग और फ्लोसिंग द्वारा दूर नहीं होता है। तब जिन्जिवाइटिस की समस्‍या होती है। image courtesy : getty images

जिंजीवाइटिस के लिए घरेलू उपाय

जिंजीवाइटिस अक्सर दंत स्वच्छता का ध्‍यान रखने के कारण होता है। जिंजीवाइटिस का इलाज नही किया जाए तो यह प्रोडोन्टिटिस नामक बीमारी को बढा सकता है और दांत और जबड़े के स्थायी नुकसान का कारण बन सकता है। लेकिन बहुत सारे घरेलू उपाय इस समस्‍या के लक्षणों से राहत प्रदान करने में आपकी मदद कर सकते है। image courtesy : getty images

एलोवेरा

एलोवेरा मसूड़ों की सूजन को कम करने में सहायक होता है। यह सूजन को कम करने के साथ-साथ, बैक्‍टीरिया को नष्‍ट करने और जल्‍दी चिकित्‍सा में मदद करता है। जिंजीवाइटिस की समस्‍या से बचने के लिए एलोवेरा जैल को मसूड़ों पर लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। फिर पानी से कुल्‍ला कर लें। इस उपचार को तब तक दोहराये जब तक समस्‍या ठीक न हो जाये। image courtesy : getty images

बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा जिंजीवाइटिस के लिए एक लोकप्रिय घरेलू उपाय है। बेकिंग सोडा में थोडा़ सा पानी मिलाकर, इसे अपनी उंगली से मसूड़ों पर लगाये। इस उपाय से बैक्‍टीरिया से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। image courtesy : getty images

पुदीने के पत्ते

गले में ठंडक का एहसास दिलाने वाला पुदीना एक ऐसा हर्ब है, जिसका सेवन हर मौसम में किया जाता है। पुदीना बहुत ही स्वादिष्ट और रिफ्रेशिंग होता है। यह खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। जिंजीवाइटिस की समस्‍या होने पर कुछ पुदीने की पत्तियों को आधे घंटे के‍ लिए पानी में भिगो कर, फिर इस मिश्रण से कुल्‍ला करें। जिंजीवाइटिस की समस्‍या के साथ सांसों में बदबू का इलाज करने में भी मदद करता है। image courtesy : getty images

लौंग

लौंग मसूड़ों की सूजन के लिए सबसे बढि़या घरेलू उपचारों में से एक है। समस्‍या होने पर एक लौंग लेकर उसे मसूड़ों पर धीरे-धीरे रगड़ें। इसके अलावा आप लौंग की जोड़ी को मसूड़ों के पास रखकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। लौंग का तेल भी मसूड़ों की सूजन के उपचार में लाभदाय‍क होता है। image courtesy : getty images

क्रेनबेरी

जिन्जीवाइटिस मसूड़ों में टॉर्टर, प्लाक के कारण होते हैं। इससे मसूडे दुखदायी, लाल और फूल जाते हैं। जिन्जीवाइटिस की समस्‍या से बचने के लिए आप एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर क्रेनबेरी का प्रयोग कर सकते हैं। मसूडे की सूजन को दूर करने के लिए आप प्राकृतिक उपचार क्रेनबेरी जूस का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह बैक्‍टीरिया के प्रसार को सीमित करने में आपकी मदद करता है। लेकिन ध्‍यान रहें क्रेनबेरी के जूस को बिना चीनी के ही पीये। image courtesy : getty images

नींबू

विटामिन-सी से भरपूर नीबू स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल है। नीबू बहुत उपयोगी फल है। नींबू का रस बैक्‍टीरिया को मारने और सूजन को कम करने में मदद करता है। समस्‍या होने पर एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़कर, दांतों में ब्रश करने के बाद इसे माउथवॉश के रूप में उपयोग करना चाहिए। image courtesy : getty images

तेजपात

हर्बल तेजपात में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते है। समस्‍या होने पर एक बड़ी चम्‍मच तेजपात को पानी में मिलाकर कुछ मिनट के लिए उबालें। इसके बाद इसमें नमक की एक चुटकी मिलाकर इस मिश्रण को बोतल में डाल लें। इस बोतल को बाद में उपयोग के लिए आप फ्रिज में स्‍टोर कर सकते हैं। यह ब्रशिंग के बाद संक्रमित और मसूड़ों में जलन को शांत करने के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है। image courtesy : getty images

एचिनासा

एचिनासा भी जिन्जीवाइटिस से पीड़ित लोगों के लिए एक लाभकारी जड़ी बूटी है। यह प्रतिरक्षा बढ़ाने के साथ बैक्टीरियल संक्रमण प्रतिबंधित करता है। साथ ही यह मसूड़ों की सूजन और कोमलता आसान बनाता है। समस्‍या होने पर आधा चम्‍मच एचिनासा सत्त को गर्म पानी में मिलाकर इस पानी से कुल्‍ला करें। प्रतिरक्षा में सुधार करने के लिए आप इसका इस्‍तेमाल नियमित रूप से दिन में तीन बार कर सकते हैं। image courtesy : getty images

फिटकिरी

फिटकिरी एक ऐसी घरेलू औषधि है, जिसे शायद परिचय की जरूरत नहीं है। क्‍योंकि इसके बारे में लोग बहुत कुछ जानते हैं। यह त्वचा रोगों को दूर करने, शरीर के भीतरी अंगों को सुरक्षा प्रदान करने, दर्द को कम करने और सूजन की बेजोड़ दवा है। फिटकिरी से आप एक प्रभावी माउथवॉश भी बना सकते हैं। इसके लिए फिटकिरी के कुछ भाग को पानी में डिजाल्‍व करके इस मिश्रण से कुल्‍ला करें। यह मसूड़ों की लालिमा को कम करने में मदद करती है।  image courtesy : getty images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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