मानव त्वचा के बारे में चौंकाने वाले तथ्य

त्‍वचा आपके शरीर की रक्षा के लिए बेहद जरूरी होती है। यह शरीर के ऊपर चढ़ा एक आवरण है।

फैशन और सौंदर्य By Rahul Sharma / Dec 21, 2013
जानें त्वचा के बारे में रोचक तथ्य

जानें त्वचा के बारे में रोचक तथ्य

त्‍वचा आपके शरीर की रक्षा के लिए बेहद जरूरी होती है। यह शरीर के ऊपर चढ़ा एक आवरण है, जो बाहर बीमारियों और हमलों से शरीर की रक्षा करती है। इसमें कई परतें होती यह मानव शरीर का सबसे बड़ा अवयव है। आइये ङम आपको त्वचा के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताते हैं।

कितना जानते हैं आप अपनी त्‍वचा को

कितना जानते हैं आप अपनी त्‍वचा को

एक औसत वयस्क की त्वचा का फैलाव लगभग 21 वर्ग फुट है और इसका वजन 9 पाउंड यानी करीब चार किलो तक होता है। शरीर की रक्‍तवाहिनियों की लंबाई करीब 11 मील यानी करीब 18 किलोमीटर तक होती है।

इतना पसीना बह जाता है

इतना पसीना बह जाता है

गर्मी के दौरान कई स्‍थानों पर एक दिन में शरीर से तीन गैलन यानी करीब 11 लिटर तक पसीना बह जाता है। क्‍या आप यह जानते हैं कि नाखूनों के अस्तर, होठ, जननांग के सिरे और कान के पर्दे से पसीना नहीं आता।

आहार से पसीने की गंध का संबंध

आहार से पसीने की गंध का संबंध

त्वचा पर होने वाली गंध का कारण भोजन और फैटी यौगिकों को पचाने में इस्‍तेमाल हो रहे बैक्टीरिया के कारण आती है। स्तन, शिखरस्रावी पसीने की ग्रंथि का एक संशोधित रूप होते हैं।

भ्रूण के नहीं आते निशान

भ्रूण के नहीं आते निशान

यह तो आप जानते हैं कि हर व्‍यक्ति की उंगलियों के निशान दूसरे से अलग होते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि भ्रूण में तीन महीने के गर्भ तक उंगलियों के निशान विकसित नहीं होते।

उंगलियों के निशान आपकी पहचान

उंगलियों के निशान आपकी पहचान

कुछ लोगों के उंगलियों के निशान कभी भी विकासित नहीं होते। नेगली सिंड्रोम और जर्मेटोपाथिया पिगमेंटोसा रेटिकुलारिस नामक दो दुर्लभ आनुवांशिक दोषों के कारण व्‍यक्ति की उंगलियों के निशान जीवन भर नहीं बन पाते।

बंदरों के निशान

बंदरों के निशान

उंगलियों के निशान घर्षण बढ़ाने के लिए और वस्तुओं पर पकड़ बनाने में मदद करते हैं। न्यूवर्ड बंदरों की दुम के तल पर भी इसी तरह के प्रिंट होते हैं। यह उन्हें एक शाखा से दूसरी तक लटक कर जाने के लिए पूंछ से पकड़ बनाने में मदद करते हैं।

धूल कण फैलाती त्‍वचा

धूल कण फैलाती त्‍वचा

दुनिया भर में मृत त्‍वचा कोशिकायें वातावरण में अरबों टन धूल का कारण बनती हैं। आपकी त्‍वचा से हर मिनट 50 हजार कोशिकायें अलग होती हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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