• shareIcon

महिला स्‍खलन से जुड़ी कुछ बातें

पुरुषों की तरह महिलायें भी स्‍खलित होती हैं, लेकिन उनका स्‍खलन पुरुषों की तरह नहीं होता है, इनका स्‍खलन बाहर की तरफ न होकर अंदर की तरफ होता है, कई बार महिलाओं को इसका एहसास भी नहीं होता।

सभी By Pradeep Saxena / Sep 09, 2014

महिला स्‍खलन

पुरुषों की तरह महिलायें भी स्‍खलित होती हैं, लेकिन उनका स्‍खलन पुरुषों की तरह नहीं होता है। महिलायें इसके बारे में बात करने से बचती हैं। नियमित व्‍यायाम (इसमें कीगल व्‍यायाम सबसे अधिक फायदेमंद है) करके श्रोणि की मांसपेशियों को मजबूत किया जा सकता है। इसके अलावा खानपान और दिनचर्या में बदलाव करके इसकी संभावना को कम किया जा सकता है।

image source - getty images

पुरुषों से अलग है यह

महिलाओं में होने वाला स्‍खलन पुरुषों से बिलकुल अलग होता है। पुरुषों में लिंग से वीर्य का स्राव होता है, जबकि महिलाओं में यह उनकी वजाइना के अंदर की तरफ होता है। कई स्‍खलन होने पर महिला को केवल पता चलता है कि वे स्‍खलित हो गई हैं।

image source - getty images

क्‍यों होता है स्‍खलन

मनोचिकित्‍सकों के अनुसार, नींद में यौन संबंध या इसी तरह की किसी यौन उत्‍तेजना के ख्‍याल पैदा होने से स्‍खलन होता है। किशोरावस्‍था में यह बहुत सामान्‍य बात है। इसे लेकर किसी भी तरह का भ्रम नहीं पालना चाहिए। क्‍योंकि इस स्थिति से सभी इससे गुजरते हैं।

image source - getty images

कब होता है स्‍खलन

स्‍खलन अक्‍सर सुबह के वक्‍त तीन से पांच बजे के बीच ही अधिक होता है। उत्‍तेजना वाले सपने आने के कारण मांसपेशियों में खिंचाव होता है और श्रोणि की आंतरिक दीवाल से पानी जमा होने लगता है। जब यह बहुत अधिक जमा हो जाता है तब स्‍खलन के रूप में बाहर आ जाता है।

image source - getty images

महिलाएं इसे समझ नहीं पातीं

चूंकि महिलाओं का जननांग अंदर की तरफ विकसित होता है, इसलिए वह स्‍खलन को ठीक से समझ ही नहीं पाती हैं। महिलाओं को सोते वक्‍त कई बार जननांग या उसके आसपास दबाव पड़ने, घर्षण आदि के कारण कामोत्‍तेजना का अहसास होता है। ऐसा अक्‍सर कसे कपड़े पहनने के कारण होता है।

image source - getty images

होता है इसका एहसास

भले ही महिलायें स्‍खलन को समझ नहीं पाती हैं, लेकिन यौन उत्‍तेजना के कारण उन्‍हें इस बात का एहसास हो जाता है कि वे स्‍खलित हो गई हैं। रात में अचानक एक तीव्र व सुखद अहसास के साथ नींद के खुलने के साथ ही उन्‍हें चिपचिपापन और गीलेपन का अहसास होता है।

image source - getty images

सेहत के लिए सही

महिलाओं में स्‍खलन के कारण इसका सकारात्‍मक असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। कामोत्‍तेजना बढ़ने से जननांग में रक्‍तसंचार होता है, जो यौन व प्रजनन स्‍वास्‍थ्‍य के हिसाब से बहुत उपयुक्‍त है। इससे योनि का लचीलापन बना रहता है, जो आगे चलकर पुरुष के साथ यौन संबंध बनाने में तो सहज करता ही है,  प्रसव के समय बच्‍चे के बाहर आने में भी आसानी होती है।

image source - getty images

इससे बचाव के लिए कुछ सुझाव

कामुक कल्‍पनाएं करना, पोर्नोग्राफी की फिल्‍मे देखना, शराब, सिगरेट, अधिक तला, मसालेदार खाने के कारण स्‍खलन होने की संभावना बढ़ जाती है। मसालेदार भोजन यौन उत्‍तेजना बढ़ाने में सहायक हैं। इसलिए इनसे दूर रहने की कोशिश करें।

image source - getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK