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नर्वस सिस्टम के बारे में तथ्य

अगर नर्वस सिस्‍टम किसी रोग या विकार से ग्रस्त हो जाए, तो उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। नर्वस सिस्‍टम से जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे आगे के स्‍लाइड।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja SinhaJan 10, 2014

नर्वस सिस्टम

नर्वस सिस्टम यानि तंत्रिका तंत्र को शरीर का शहंशाह कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इस सिस्‍टम में ब्रेन भी शामिल होता है। अगर यह सिस्‍टम किसी रोग या विकार से ग्रस्त हो जाए, तो उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। नर्वस सिस्‍टम से जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे आगे के स्‍लाइड।

शारीरिक गठन का नियंत्रण

नर्वस सिस्‍टम विभिन्न अंगों एवं पूरे शारीरिक गठन को नियंत्रित करता है। मांसपे‍शीय निर्माण, ग्लैंड सेक्रेशन, कार्डियक फंक्शन, मेटाबोलिज्म तथा शारीरिक गठन में निरंतर घटने वाली अनेक फंक्‍शन को नर्वस सिस्‍टम कंट्रोल करता है। इसमें ब्रेन, स्पाइनल कॉर्ड और नर्वस आती हैं।

एडरनल ग्लैंड को संकेत

शारीरिक या मानसिक रूप से बहुत अधिक तनाव लेने पर शरीर अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल इससे निपटने में करता है, जिसे फ्लाइट रिस्पांस कहते हैं। इसमें नर्वस सिस्टम एडरनल ग्लैंड को एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल छोड़ने के निर्देश देता हैं।

नर्वस सिस्टम की रक्षा

नर्वस सिस्टम ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड का बना होता है। ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड एक विशेष प्रकार के आवरण से ढंके रहते हैं जो नर्वस सिस्‍टम की रक्षा करते है।

ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड का कार्य

ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड करोड़ों नर्वस तथा सेल्‍स के बने होते हैं। इनकी सेल्‍स को एनर्जी, ग्लूकोस और ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता होती है, इसलिए शरीर के कुल रक्त का 15 प्रतिशत हिस्सा मस्तिष्‍क तक पहुंचाया जाता है। यदि ब्रेन तक रक्त पहुंचने में बाधा आ जाए ब्रेन सेल की क्षति होने से मौत भी हो सकती है।

स्पाइनल कॉर्ड

स्पाइनल कॉर्ड आकर में बेलनाकार तथा अंगुली के बराबर के आकर का होता है। इसमें से 62 नर्वस निकलती है। इन्हीं नर्वस की मदद से ही हम त्वचा पर विभिन्न प्रकार की चीजों के स्पर्श का अनुभव महसूस कर पाते हैं।

आभास

किसी भी चीज का आभास हमें नर्वस सिस्‍टम के द्वारा होता हैं। जैसे कहीं पर भी गर्म लगने पर उस अंग को खींच लेना, किसी आवाज पर चौंक जाना, किसी खतरे से स्‍वयं को बचाना आदि।

प्रतिक्रियाएं

इसी तरह अन्य नर्वस भी हैं जो कि हमारे शरीर को अन्य तरह की प्रतिक्रियाएं महसूस कराती हैं जैसे दर्द, खुजली या किसी के छुने का एहसास कराना आदि। इन नर्वस में कुछ गड़बड़ी होने पर हमारा शरीर इन खतरों को महसूस नहीं कर पायेगा।

ब्रेन

ब्रेन का वजन लगभग 1200 ग्राम होता है। ब्रेन और स्‍पाइनल कॉर्ड के बीच में से एक पदार्थ निकलता रहता है जिसमें खनिज, पानी, लवण, ग्लूकोज, प्लाज्मा व प्रोटीन आदि पदार्थ होते हैं। यह पदार्थ ब्रेन और स्‍पाइनल कॉर्ड को नम और पोषण प्रदान करता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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