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महिलाओं में जेनिटल हर्पस से जुड़े तथ्‍य

जेनिटल हर्पस यौन संचारित संक्रमण है, जो एचएसवी (दाद सिंप्लेक्स वायरस) के कारण होता है। यह वायरस जननांगों, गर्भाशय ग्रीवा सहित शरीर के अन्‍य भागों की त्‍वचा को प्रभावित करता है।

सभी By Pooja Sinha / Aug 06, 2014

महिलाओं में जेनिटल हर्पस

जेनिटल हर्पस यौन संचारित संक्रमण है, जो एचएसवी (दाद सिंप्लेक्स वायरस) के कारण होता है। यह वायरस जननांगों, गर्भाशय ग्रीवा सहित शरीर के अन्‍य भागों की त्‍वचा को प्रभावित करता है। हर्पस वायरस के दो प्रकार होते हैं एक एचएसवीपी-1 या हर्पस टाइप-1 और दूसरा, एचएसवी-2 या हर्पस टाइप-2। image courtesy : getty images

जेनिटल हर्पस के कारण

हर्पस एक क्रोनिक कंडीशन है। यह लंबी अवधि तक होने वाला रोग है। कई महिलाओं में इस वायरस के होने पर भी लक्षण दिखाई नहीं देते। एचएसवी से पीड़ि‍त महिलाओं में जेनिटल हर्पस पाया जाता है। जेनिटल हर्पस एचएसवी के सक्रिय होने से फैलता है। जब यह सक्रिय होता है तो वायरस आमतौर जननांग क्षेत्र में दिखाई घावों का कारण बनता है। संक्रमित व्‍यक्ति से संबंध बनाने में यह आपको भी संक्रमित कर सकता है।  image courtesy : getty images

एचएसवी अत्यधिक संक्रामक

जेनिटल सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी) आसानी से होने वाला मानव संक्रामक है। यह करीब और सीधे संपर्क द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे में पारित हो जाता है। संचरण का सबसे सामान्य तरीका, योनि, गुदा या मुख मैथुन के माध्यम से होता है। एचएसवी से संक्रमित महिला आमतौर पर निष्क्रिय रहती है।  image courtesy : getty images

हर्पस में संक्रमण

एचएसवी-1 से होने वाले हर्पस में संक्रमण होठ, मुंह और चेहरे पर तेजी से फैलता है, जबकि एचएसवी-2 से होने वाला संक्रमण गुप्तांगों को प्रभावित करता है। इसमें वायरस नर्व सेल्स में प्रवेश कर जाते हैं जिससे त्वचा तेजी से संक्रमित होती है। तेज बुखार, बहुत अधिक डिस्चार्ज, गला खराब होना, त्वचा पर रैशेज और कुछ मामलों में याददाश्त जाने जैसी समस्याएं इससे हो सकती हैं।  image courtesy : getty images

जेनिटल हर्पस के लक्षण

दुर्भाग्य से, अधिकांश महिलाओं में जेनिटल हर्पस के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन फिर भी कुछ लक्षण देखने को मिल जाते हैं। हर महिला में लक्षण अलग अलग हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में, पहली बार जननांग दाद से संक्रमित होने पर लक्षण दो से 10 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते है। इसके लक्षणों में जननांग या गुदा क्षेत्र में खुजली या जलन महसूस होना, पैर, नितम्बों, या जननांग क्षेत्र में दर्द, योनि से तरल पदार्थ का स्राव, पेट में दबाव की भावना महसूस करना शामिल है।  image courtesy : getty images

जेनिटल हर्पस का निदान

आमतौर पर जेनिटल हर्पस का निदान जननांग क्षेत्र की त्‍वचा में होने वाले परिवर्तन को देखकर होता है। लेकिन इस वायरल को पहचानने के लिए एचएसवी जीनोम और कई प्रकार के परीक्षण किये जा सकते है।  image courtesy : getty images

जेनिटल हर्पस का इलाज

जननांग दाद के लिए कोई इलाज नहीं है। लेकिन एंटी-वायरल दवाओं का इस्‍तेमाल करके जननांग दाद की गंभीरता और आवृत्ति को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा कुछ घरेलू उपचार भी लक्षण गंभीरता को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन कोई इलाज प्रदान नहीं कर सकते है। image courtesy : getty images

गर्भावस्था में जेनिटल हर्पस

जेनिटल हर्पस से बचाव के लिए मौखिक एंटीवायरल दवाओं का इस्‍तेमाल गर्भावस्था में किया जा सकता है। लेकिन गर्भवती होने पर किसी भी दवा को देने से पहले अपनी डॉक्‍टर से जांच जरूर करवा लें। image courtesy : getty images

जेनिटल हर्पस की रोकथाम

जेनिटल हर्पस की रोकथाम मुश्किल है, हालांकि सेक्‍स के दौरान रोग के प्रसार को रोकने में कंडोम मदद कर सकता है। लेकिन इसमें त्‍वचा के हिस्‍से और ओरल सेक्‍स के दौरान जननांग संपर्क इसमें शामिल नहीं होता है। जननांग त्वचा अल्सर से छूएं दूसरों के वस्त्र पहने से एचएसवी संचारित हो सकता है।  image courtesy : getty images

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