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इन हर्ब्‍स से बनायें स्‍नान को शानदार

गर्म पानी में हीलिंग हर्ब्‍स के साथ स्‍नान करने से थकान दूर होती है और आपको ताजगी का अहसास होता है। यही कारण है कि हर्ब्‍स के साथ जल चिकित्‍सा दिनों दिन लोकप्रिय होती जा रही है।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja Sinha / Dec 08, 2014

गर्म स्‍नान का मजा

गर्म पानी में हीलिंग हर्ब्‍स के साथ स्‍नान करने से थकान दूर होती है और आपको ताजगी का अहसास होता है। यही कारण है कि हर्ब्‍स के साथ जल चिकित्‍सा दिनों दिन लोकप्रिय होती जा रही है। गर्म पानी से स्नान करने पर मांसपेशियों को सेक मिलता है। कोशिकाओं के कारण बंद हो चुके रोमछिद्र भी खुल जाते हैं जिससे हवा अंदर जाती है और पसीना बाहर आता है। यह घरेलू उपचार तन मन को तरोताजगी देने में मददगार होता है।
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तेज गर्म पानी के नुकसान

नेचुरल मेडिसिन मूवमेंट एंड फादर ऑफ हीड्रोथेरपी के फाउंडर सेबेस्टियन कनिप्प के अनुसार, गर्म स्‍नान एक सप्‍ताह के लिए तो खुशी देता है, लेकिन नियमित रूप से गर्म स्‍नान करने से आपका शरीर कमजोर होने लगता है। जैसे केक के एक टुकड़े की तरह गर्म स्‍नान भी किसी ट्रीट की तरह लग सकता है, लेकिन नियमित रूप से गर्म स्‍नान करने के आपके शरीर का गुड ब्राउन फैट कम होने लगता है। और रोगों के विकास का जोखिम बढ़ने लगता है। इसके अलावा गर्म पानी से स्‍नान करने से आपका रक्‍तचाप कम होने लगता है, इसलिए कम रक्‍तचाप वालों को इससे बचना चाहिए। अन्‍यथा यह कमजोरी और बेहोशी का कारण बन सकता है।   
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जड़ी बूटियों का प्रयोग

गर्म स्‍नान का चयन करते समय, चिकित्सा जड़ी बूटियों को शामिल करना सुनिश्चित करें। आप हर्बल स्‍नान को तीन अलग-अलग तरीके से तैयार कर सकते हैं, लेकिन यह आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। पहला, नहाने के गर्म पानी में सीधे जड़ी-बूटियों की एक मुट्ठी मिला लें। दूसरा, यह जड़ी बूटियों को काढ़ा बनाकर, फिर इसे नहाने के पानी में मिलाये। तीसरा, आप बाजार से हर्बल स्‍नान टी बैग को खरीदें, जो चाय में इस्‍तेमाल टी बैग की तुलना में बहुत बड़ा होता है। फिर इसे नहाने के पानी में डाल दें। इसमें कई प्रकार के हर्ब्‍स का मिश्रण होता है, जो विशेष रूप से त्‍वचा को शांत करने के लिए बनाई जाती है। अपने स्‍नान में जड़ी बूटी को मिलाने का एक सबसे आसान तरीका है, लेकिन यह उपाय थोड़ा महंगा होता है। इसके अलावा, इससे एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है। वैसे तो जड़ी बूटियों से एलर्जी दुर्लभ होती है लेकिन हो सकती है।
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गर्म स्नान के लिए जड़ी बूटी

कुछ जड़ी बूटियों की अच्‍छी गंध होती है जबकि कुछ में औषधीय प्रभाव होते हैं। अपनी जरूरत के हिसाब से हर्ब्‍स चुन सकते हैं। इसके अलावा कुछ भोजन में प्रयोग होने वाले हर्ब्‍स भी स्‍नान के लिए बहुत अच्‍छे होते हैं।
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कैमोमाइल

कैमोमाइल एक कमाल की कोमल, एंटीसेप्टिक तथा एनाल्जेसिक गुणों से भरपूर जड़ी बूटी है। नहाने के पानी में इसे मिलाने से दर्द से राहत मिलती है । कीड़े आदि के काटने पर भी इसके पानी से नहाना आराम देता है। साथ ही इसके उपयोग से एक्जिमा और त्वचा की सूजन जैसे समस्‍याओं को ठीक किया जाता है। इसके अलावा यह त्वचा पर उम्र बढ़ने और प्रदूषण के प्रभाव को कम करता है।
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सिंहपर्णी फूल

सिंहपर्णी दानेदार पत्‍तों वाला पीला फूल होता है। सिंहपर्णी एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन सी से भरपूर होता है। इसी के कारण यह शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्‍स से लड़कर त्‍वचा को नयी ऊर्जा प्रदान करता है। इसके अलावा, सिंहपर्णी के फूल को पानी में डालकर स्‍नान करने से सर्दियों में होने वाली उदासी दूर होती है।
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नीलगिरी

यूकेलिप्‍टस जिसको हम नीलगिरी के नाम से भी जानते हैं, यूकेलिप्‍टस रोगाणुओं का नाश करता है और त्‍वचा में जल्‍दी समा कर ठंडक का एहसास देता है। नीलगिरी का तेल प्राकृतिक पीड़ानाशक भी है जो जोड़ों और शरीर के दर्द से मुक्‍ती दिलाता है। इसको गर्म पानी में डालकर नहाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। नीलगिरी के इस्‍तेमाल से फेफड़े खुलते है और आपको सांस लेने में मदद मिलती है। इसके साथ ही यह नए ऊतकों के विकास में मदद करता है, बैक्टीरिया से बचाता है।
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अदरक

साधारण सा दिखने वाला अदरक कई गुणों की खान है। आयुर्वेद में भी अदरक के इस्‍तेमाल को करने के लिए कहा जाता है। अदरक में एंटी-ऑक्सीडेंट पर्याप्त मात्रा में होते हैं। कसा हुआ अदरक नहाने के पानी में मिलाने से शरीर में रक्‍त संचार सुधरता है। जिससे त्वचा के कई रोगों को दूर किया जा सकता है।
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चमेली

चमेली एक खुशबूदार फूल है। इसकी खुशबू तन-मन को आनंदित करती है। इसके साथ ही यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी फायदेमंद होती है। चमेली के फूल सफेद और पीले होते हैं। इसका स्‍वाद तीखा और प्रकृति ठंडी होती है। चमेली के इस्‍तेमाल नहाने के पानी में करने से आपका मूड फ्रेश होता है।
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लैवेंडर

लैवेंडर का इस्‍तेमाल नहाने के पानी में करने से मानसिक सुकून मिलता है। तनाव कम होता है। इम्युनिटी में सुधार होता है। श्वसन और रक्त संचार प्रक्रिया पर अच्छा असर होता है। त्वचा रोगों में भी फायदेमंद। इसका नियमित इस्‍तेमाल मन पर सकारात्मक असर डालता है। इसके अलावा अपने एंटीसेप्टिक व दर्दनिवारक प्रभाव की वजह से इसे मामूली रूप से जलने, कीड़े के काटने, डंक लगने आदि में भी इस्तेमाल किया जाता है।
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रोजमेरी

आमतौर पर रोजमेरी का प्रयोग खाने में फ्लेवर और सुगंध लाने के लिए किया जाता है। लेकिन, इसका रोजाना इस्‍तेमाल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है यानी आपका शरीर बीमारियों का बेहतर ढंग से सामना कर पाता है। साथ ही यह संतुष्टि देता है। कार्यकुशलता और मूड दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है। मांसपेशियों का तनाव कम होता है। पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है।
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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