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जानें सूजन से कैसे झट से मुक्ति दिलाएगी हल्दी

हल्दी एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इनफ्लैमटरी गुणों से भरपूर होती है और इससे कई तरह की बीमारियां ठीक हो सकती हैं, हल्दी से किसा भी तरह की सूजन को भी ठीक किया जा सकता है, आइए हम आपको बताते हैं यह कैसे प्रभावी है।

घरेलू नुस्‍ख By Rahul SharmaAug 06, 2015

सूजन से मुक्ति दिलाए हल्दी

एंटी-ऑक्सीडेंट व एंटी-इनफ्लैमटरी गुणों से भरपूर हल्दी वाला दूध मुक्त रैडिकल्स से लड़ने वाले ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट का बेहतरीन स्रोत होता है। माना जाता है कि इससे कई तरह की बीमारियां ठीक हो सकती हैं। इसमें मौजूद कैल्शियम और मिनिरल और अन्‍य पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। हल्दी से कई तरह की सूजन भी ठीक होती है। चलिये जानें सूजन को ठीक करने के लिये हल्दी का क्या महत्व है।
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हल्‍दी के प्रकार

आकार के आधार पर हल्‍दी 2 प्रकार की होती है, पहली लम्‍बी और दूसरी गोल। सख्त और नर्म के आधार पर भी हल्दी 2 प्रकार की होती है। एक लौहे जैसी सख्त और दूसरी नर्म व सुगन्धित, जोकि मसाले के तौर पर काम आती है। एक ऐसी भी हल्दी होती है जो कि सिर्फ जंगलों में पाई जाती है जिसे आंबा हल्दी के नाम से जाना जाता है। इसका उपयोग मसालों में नहीं किया जाता लेकिन यह ख़ून की अशुद्धी, खुजली व सूजन को मिटाती है।
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हल्‍दी में पाये गये आवश्‍यक


लगभग मात्रा - पानी 13.1 ग्राम प्रतिशत, प्रोटीन 6.3 ग्राम प्रतिशत, वसा 5.1 ग्राम प्रतिशत, खनिज पदार्थ (लवण) 3.5 ग्राम प्रतिशत, रेशा 2.6 ग्रामप्रतिशत, कारबोहा‍‍इड्रेट 69.4 ग्राम प्रतिशत, कैल्शियम 150 मिलीग्राम प्रतिशत, फास्फोरस 282 मिलीग्राम प्रतिशत, लौह 18.6 मिलीग्राम प्रतिशत, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन ए 50  मिलीग्राम प्रतिशत, विटामिन-ए 50.U./100 ग्राम, विटामिन बी 3 मिलीग्राम प्रतिशत, विटामिन बी 6 व सी, नियासिन, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड।
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चोट की सूजन कम करने में


पत्थर, लाठी, डण्डे आदि से लगी चोटों के कारण हुई सूजन को दूर करने के लिए हल्दी चूर्ण को पानी के साथ मिलाकर गुनगुना कर लगाना चाहिए। अगर चोट पर खून निकल जाने के बाद सूजन आ गई हो तो हल्दी को खाने वाले चूने के साथ मिलाकर लेप लगाने से चोट पकने की नौबत नहीं आती और सूजन भी दूर हो जाती है।
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सूजन के साथ दर्द और जलन



शरीर के किसी भी स्‍थान की सूजन के साथ दर्द और जलन भी हो तो हल्‍दी के पेस्‍ट का लेप लगाने से इन तकलीफों से आराम मिल जाता है।
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फोड़े-फुन्‍सी की सूजन


फोड़े-फुन्‍सी पकाने के लिये हल्‍दी की पुल्टिस रखने से फोड़े-फुंसी जल्दी पककर ठीक हो जाते हैं। बिच्छू, मक्खी जैसे किसी विषैले कीड़े के काटने पर भी हल्दी का लेप लगाने से लाभ होता है और सूजन में कमी आती है।
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आर्थराइटिस की सूजन


हल्दी एक कमाल की एंटी-इनफ्लैमटरी है। ऐसे में यह गठिया अर्थात आर्थराइटिस की सूजन को कम भी करती है। इससे त्वचा संबंधी समस्याओं को भी काफी हद तक रोका जा सकता है। हल्दी के दूध को गठिया के निदान तथा रियूमेटॉइड गठिया के कारण हुई सूजन के उपचार में भी प्रयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करती है।
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स्तन की सूजन को कम करने में


कभी-कभी दुग्धपान कराते वक्त या सहवास के समय स्तनों पर अधिक दबाव पड़ने से या बहुत कसी हुई ब्रा पहनने से स्तनों में सूजन आ जाती है। इस स्थिति में गवारपाठे के रस के साथ हल्दी चूर्ण को मिलाकर गुनगुना गर्म करके स्तन पर लेप करने से स्तनों की सूजन दूर हो जाती है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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