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स्वास्थ्य के लिए लाभदायक तेल

तेल हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। जानें कौन सा तेल हमारे स्वास्थ्य को किस प्रकार लाभ पहुंचाता है।

घरेलू नुस्‍ख By Rahul Sharma / Jan 06, 2014

स्वास्थ्य, सौंदर्य और तेल

तेल हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनका प्रयोग वैदिक काल से होता आ रहा है। इनके प्रयोग से शरीर सुन्दर और सुडौल बनता है। ये रोगनाशक भी होते हैं। भोजन में तेल या घी का प्रयोग न करने से शरीर में सूखापन आ जाता है और शरीर अस्वस्थ हो जाता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए तेल बहुत लाभदायक होते हैं, लेकिन कौंन से तेल भोजन में उपयोग में लाया जाए यह बेहद जरूरी है। तेल को खाने व नहाने से पूर्व शरीर पर मालिश करने से शरीर में बल और सौन्दर्य बढ़ता है। स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए तेल बहुत लाभदायक होता है।

मछली का तेल

मछली के तेल में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड ज्यादा उम्र वाली महिलाओं की मांसपेशियां को भी मजबूती प्रदान करता है। इस तेल में पाया जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है। शोध बताते हैं कि हल्के-फुल्के व्यायाम के साथ मछली के तेल का नियमित सेवन करने से बढ़ती उम्र की रफ्तार को धीमी किया जा सकता है।

अखरोट का तेल

अखरोट के तेल में विटामिन और प्रोटीन होते हैं जो कि त्‍वचा की झुर्रियां खत्‍म करते हैं। इसमें फाइबर, ओमेगा-3, प्रोटीन और कुछ मिनरल भी पाये जाते हैं, जो कि हृदय रोग और कैंसर में लाभकारी होते हैं। खुजली की बीमारी में इस तेल से काफी लाभ होता है। अखरोट में ओमेगा3 फैटी एसिड होता है और यह अस्थमा, अर्थराइटिस, त्वचा की समस्याओं, एक्ज़ीमा और सोरियासिस जैसी बीमारियों से बचाता है।

जैतून का तेल

जैतून के तेल को ऑलिव ऑयल भी कहते हैं। शरीर में इसकी मालिश सर्दी को दूर करने, सूजन को मिटाने, लकवा, सुन्न, गठिया, कृमि और वात आदि रोग को खतम करने के लिए बहुत लाभदायक होती है। साथ ही उपयुक्त मात्रा में इसका सेवन भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

अलसी का तेल

अलसी के तेल में विटामिन ‘ई’ प्रचुर मात्रा में होता है। इसका सेवन करने से वात, कफ, खांसी और नेत्र के रोगों में लाभ पहुंचता है। इसके अलावा कुष्ठ रोगियों के लिए भी इस तेल का सेवन करना लाभकारी होता है। आग से जले हुए घाव पर इस तेल का फोहा लगाने से जलन और दर्द में तुरन्त आराम मिलता है। अलसी की हरी, ताजी व कोमल पत्तियां खाने से श्वास अच्छी होती है। अलसी का तेल औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

तिल का तेल

तिल के तेल में विटामिन ए और ई होता है। तिल का तेल अन्य तेलों की तुलना में स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा होता है। तिल का तेल सिर में लगाने से बाल चिकने, बड़े और काले होत हैं। इसके सेवन से दिमाग तेज होता है और उसकी खुश्की दूर होती है। तिल के तेल में लहसुन की कली डालकर गर्म करके कुछ बूंदें कान में डालने से काम का दर्द दूर हो जाता है। यह तेल भोजन के बजाय मालिश करने में ही अधिक गुणकारी रहता है।

नारियल का तेल

नारियल के तेल में विटामिन ई होता है। यह ठंडा, भारी, ग्राही, पित्तनाशक व हृदय और बाल बढ़ाने वाला होता है। यह तेल बालों में लगाने से बाल चिकने, काले और लम्बे होते हैं। इसका सेवन दिमाग की खुश्की को दूर करता है। दक्षिण भारत में इस तेल का इस्‍तेेमाल भोजन पकाने में भी किया जाता है।

सरसों का तेल

सरसों के तेल में विटामिन ए, बी व ई पाया जाता है। यह तेल गर्म होता है और रक्त एवं पित्त को समाप्‍त करता है। इसके सेवन से कफ, शुक्र और वात रोग नष्ट हो जाते हैं। यह कुष्ठ, खुजली आदि रोगों को भी दूर करता है। सरसों के तेल का दीया जलाने से वायु शुध्द होती है। सरसों के तेल की बड़ी खासियत यह है कि यह कभी जमता नहीं इसलिए दिल के लिए भी इसे अच्‍छा माना जाता है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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