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जानें कैसे फ्लू के लिए अरोमाथेरेपी है लाभदायक

अगर आप भी फ्लू जैसे संक्रामक बीमारी से परेशान हैं, तो घबराइए नहीं क्‍योंकि अरोमाथेरेपी में मौजूद आवश्‍यक तेलों के उपयोग से इसका इलाज किया जा सकता है।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja SinhaSep 15, 2015

फ्लू के लिए अरोमाथेरेपी

फ्लू संक्रामक बीमारी है जो सर्दियों में होती है। यह इन्फ्लूएन्जा वायरस से होता है। जो हवा से या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क से फैलता है। अरोमाथेरेपी से इसका उपचार हो सकता है, इसमें मौजूद आवश्यक तेलों को शरीर में नाक (सुगंध से) या त्वचा के माध्यम से पहुंचाया जाता है। इसे आप नहाने के पानी, हवा में फैलाकर या अपनी त्‍वचा में सीधे लगा सकते हैं। ये शरीर को संक्रमण और बैक्‍टीरिया से लड़ने में मदद कर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं। यहां कोल्‍ड और फ्लू के मौसम में स्‍वस्‍थ रहने में मदद करने वाले ऐसे ही कुछ अरोमाथेरेपी ऑयल की सूची दी गई है। लेकिन अगर आप इन आवश्‍यक तेलों से परिचित नहीं है तो इन्‍हें प्रयोग करने से पहले अरोमाथेरेपिस्‍ट की सलाह जरूर ले लें।

टी ट्री आवश्यक तेल

चाय के पेड़ से निकाला टी ट्री आवश्‍यक तेल दक्षिण पूर्व क्वींसलैंड और न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यूकेलिप्टस का तेल एक प्रकार का हर्ब है जिसमें  एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-माइक्रोबिल, एंटीसेप्टिक और एंटीवायरल गुण पाये जाते हैं। टी ट्री तेल की कुछ बूंदों को पानी में मिलाकर इंहेल करने या पानी में कुछ बूंदे मिलाकर नहाने से सर्दी और फ्लू में होने वाले परेशानी से लड़ने में मदद मिलती है।

पाइन आवश्यक तेल

चीड़ के पेड़ से लिया जाने वाला पाइन आवश्यक तेल, नासिका मार्ग को साफ करने में मदद करता है। साथ ही यह गले में खराश और दर्द से राहत दिलाने में सहायक होता है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, (धूम्रपान से होने वाली खांसी) खांसी, फ्लू या गले में खराश के लिए, 2-3 बूंदों को पानी में डालकर स्‍टीम लें। या आप 8-10 बूंदे नहाने के पानी में मिलाकर भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
Image Source : organicfacts.net

लैवेंडर आवश्यक तेल

लैवेंडर आवश्यक तेल में एंटीसेप्टिक और एंटीमाइक्रोबिल गुण पाये जाते है। लैवेंडर ऑयल में एक ऐसी शांत खुशबू (अरोमा) होती है जोकि इसे एक उत्कृष्ट तंत्रिका टॉनिक बनाता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए लैवेंडर तेल को उबलते पानी में मिलाकर इससे भाप लें। ऐसा करने से साइनस का संक्रमण खत्म होगा और नाक की रुकावट से राहत मिल जाएगी।

यूकेलिप्टस आवश्‍यक तेल

एंटीवायरल और डिकन्जेस्टन्ट यूकेलिप्‍टस आवश्‍यक तेल जुकाम और कन्‍जेशन को दूर करने में मदद करता है। भाप के रूप में यू‍केलिप्‍टस तेल को इनहेल करने से बंद नासिक मार्ग खुल जाता है। साथ ही सूजन को शांत करने और बैक्‍टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है। इस तेल को गर्म पानी में डाल कर स्टीम लें। आधा कप पानी में कुछ बूंदे यूकेलिप्टस तेल की डालें। इस पानी को ढककर उबालें। फिर इस पानी से स्टीम लें।

अजवायन आवश्यक तेल

अजवायन के आवश्यक तेल में एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते है। कई अरोमाथेरेपिस्‍ट कंजेशन को दूर करने के लिए इसे ट्रीटी, लेमन और यूकेलिप्‍टस तेल के साथ मिक्‍स करके नहाने के पानी या भाप लेने की सलाह देते है। लेकिन ध्‍यान रहें कि उच्च रक्तचाप की समस्‍या होने पर इसका इस्‍तेमाल न करें।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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