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लंबा जीवन जीने में सहायक हैं ये सप्लीमेंट्स

लंबे और स्वस्थ जीवन की इच्छा भला किसकी नहीं होगी। अगर आप भी अधिक समय तक सेहतमंद होकर जीना चाहते हैं तो आपको कुछ सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत होती है। लेकिन इसके लिये जरूरी नहीं कि आप इन्हें गोलियों के रूप में ही लें।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Rahul SharmaJun 19, 2015

लंबा जीवन देने वाले सप्लीमेंट्स


लंबे और स्वस्थ जीवन की इच्छा भला किसकी नहीं होगी। अगर आप भी अधिक समय तक सेहतमंद होकर जीना चाहते हैं तो आपको कुछ सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत होती है। लेकिन इसके लिये जरूरी नहीं कि आप इन्हें गोलियों के रूप में ही लें। आहार के सही चयन से भी आप इन सप्लिमेंट्स का पूरा लाभ ले सकते हैं और लंबा व स्वस्थ जीवन पा सकते हैं। बस अपने आहार में कुछ सुपरफूड्स को शामिल कर लीजिये। चलिये जानें कौंन से हैं ये सप्लीमेंट्स।

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विटामिन सी


शरीर में विटामिन सी की कमी से त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन इसके अधिक सेवन से हार्ट अटैक समेत रक्त वाहिनियों से जुड़ी अन्य परेशानियां भी सामने आती हैं। साथ ही थकान ज्यादा महसूस होती है और बीमारी जल्दी-जल्दी घेरती है। इसके प्राकृतिक स्रोतों में अमरूद, किवी, पपीता, नींबू, नारंगी और स्ट्रॉबेरी आदि शामिल होते हैं।
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विटामिन डी


हड्डियों की मजबूती और उनके टूट-फूट को रोकने में विटामिन डी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उम्र बढ़ने के साथ ही गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं शुरू होने लगती हैं। विटामिन डी ब्लड शुगर कंट्रोल करने के अलावा कैंसर, इन्फेक्शन्स, अल्जाइमर जैसी तमाम तरह की बीमारियों से भी निजात दिलाता है। इसके प्राकृतिक स्रोतों में सूरज की रोशनी को सबसे उपयुक्त स्रोत माना गया है। हालांकि दूध, अंडे, मछली, लिवर आदि में भी ये प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
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विटामिन ई


शरीर में विटामिन ई स्ट्रॉन्ग इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ ही हार्ट प्रॉब्लम्स और कैंसर जैसी समस्याओं से भी यह बचाता है। प्राकृतिक रूप से पालक, टमाटर, कद्दू, ब्रोकोली, दूध, अंडे, बादाम, एवोकैडो, कीवी आदि का सेवन करके विटामिन ई की कमी को पूरा किया जा सकता है।
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विटामिन बी12


विटामिन बी12 शरीर में फैट और कार्बोहाइड्रेट को नियंत्रित करता है। साथ ही शरीर में पुराने सेल्स के डैमेजिंग और नए सेल्स को बनाने में इसका योगदान सबसे अधिक होता है। इसकी कमी से होने वाले रोगों में कमजोर याददाश्त, मसल्स में खिंचाव, खून की कमी, थकान, चिड़चिड़ापन आम होते हैं। इसे प्रकृतिक तौर पर दूध, दही, छाछ, पनीर, अंडा और मछली आ दि का सेवन कर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
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विटामिन बी 6


विटामिन बी 6 ट्रिप्टोफैन को सेरोटोनिन हार्मोन में बदलने में मदद करता है। यह हार्मोन नींद के चक्र को व्यवस्थित रखता है। इसके स्राव में गड़बड़ी से नींद की मात्रा में कमी आती है। लेकिन विटामिन बी 6 का अधिक सेवन करने से न सिर्फ आधी रात को नींद खुल जाती है, बल्कि बेतरतीब सपनों भी आ सकते हैं। इसकी कमी से त्वचा, नाड़ी, म्यूकस मैंब्रेन और सर्कुलेटरी सिस्टम प्रभावित होते हैं, साथ ही ये ऊतकों के निर्माण के लिए भी जरूरी है। इसके प्राकृतिक स्रोतों में पनीर, अंडे, मेवे, साबुत अनाज, बींस और फलीदार सब्जियां शामिल होते हैं।
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कॉफी



डेली मेल की खबर के मुताबिक एक अध्ययन में पाया गया कि रोजाना 3 से 4 कप कॉफी पीने वाले पुरुषों और महिलाओं में दिल की बीमारियों, श्वसन रोग, हृदयाघात, डायबिटीज, चोट, दुर्घटना और इन्फेक्शन के चलते मौत का खतरा कम है। इस अध्ययन के तहत 4 लाख से ज्यादा बूढ़ों की सेहत और कॉफी सेवन पर तकरीबन 14 साल तक नजर रखी गई। अध्ययन में पाया गया कि कॉफी पीने वालों की मौत की आशंका उनके मुकाबले कम थी जिन्होंने कॉफी सेवन बंद कर दिया।
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लेकिन रहें सावधान


विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सप्लिमेंट्स लेने के बजाय उनके प्राकृतिक स्रोत यानी फल-सब्जियों का सेवन करना ज्यादा बेहतर और सुरक्षित होता है। अगर सप्लिमेंट्स लेने की जरूरत पड़े भी, तो विशेषज्ञ से सलाह-मशविरा के बाद बताई गई मात्रा में ही इनका सेवन करें।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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