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मोटापा बढ़ाती है ये मासूम गलतियां

अधिकतर लोगों का मानना है कि मोटापा महज खानपान से बढ़ता है। जबकि ऐसा कतई नहीं है। मोटापे के लिए हमारी जीवनशैली अहम भूमिका निभाती है। दिनभर में ऐसी तमाम मासूम गलतियां करते हैं जिस कारण मोटापा हमें जकड़ लेता है। आइये इन मासूम गलतियों के बारे में जानते

वज़न प्रबंधन By Pooja SinhaJun 12, 2015

गलतियों से बढ़ता मोटापा

मोटापा किसी के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है। मोटापा यानी बीमारी का घर। यही वजह है कि मोटापे से हर कोई दूर रहना चाहता है। अधिकतर लोगों का मानना है कि मोटापा महज खानपान से बढ़ता है। जबकि ऐसा कतई नहीं है। मोटापे के लिए हमारी जीवनशैली अहम भूमिका निभाती है। कहने का मतलब यह है कि हम दिनभर में ऐसी तमाम मासूम गलतियां करते हैं जिस कारण मोटापा हमें जकड़ लेता है। आइये इन मासूम गलतियों के बारे में जानते हैं।
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बार बार वजन देखना

भला वजन नापने से मोटापे का क्या रिश्ता? मगर है। कैसे? दरअसल जब हम नियमित अपना वजन देखते हैं यदि उसमें जरा भी बदलाव न महसूस करें तो हमें तनाव होने लगता है। तनाव हमारे असंतुलित हारमोन के लिए जिम्मेदार होता है। यही नहीं तनाव के कारण मोटापा भी बढ़ता है। सो, बार बार वजन करके मोटापे को न्योता न दें।
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रह रहकर मीठा खाना

हमारी बढ़ती क्रेय शक्ति ने हमें खानपान का शौकीन बना दिया है। आॅफिस हो या घर। मीठे से हम दूर नहीं भागते। जबकि रुक रुककर मीठा खाने से हमारे शरीर अतिरिक्त वसा जमा होती है जो मोटापे को आमंत्रित करता है। मीठे के शौकीन होने के बावजूद कम खाएं। फिट रहेंगे।
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देर तक सोना

बस पांच मिनट और...। हर घर में सुबह सुबह इसी तरह के जुमले सुनने को मिलते हैं। निःसंदेह नींद हमारी जरूरत है। लेकिन बदलती जीवनशैली ने शारीरिक काम खत्म कर दिये हैं। ऐसे में देर सुबह तक सोना हमारे बेडौल शरीर के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
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टीवी देखते हुए खाना

टीवी देखते हुए हाथ में चिप्स, कुरकुरे, कुकीज जैसी न जाने कितनी चीजें होती हैं। जब मजा ज्यादा बढ़ाना हो तो कोल्ड ड्रिंक्स भी इसमें शामिल कर ली जाती है। लेकिन इन सबके दौरान आपको यह नहीं पता चलता कि आप बैठे बैठे असंख्य कैलोरी खा गए हैं। कैलोरी मोटापे के लिए जिम्मेदार  है।
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हर रिसर्च पर अमल करना

निःसंदेह रिसर्च यानी शोध इसलिए होते हैं ताकि हम जान सकें कि क्या खाना हमारे लिए पर्फेक्ट है और क्या नहीं। लेकिन हर रिसर्च पर अंधविश्वास करना सही नहीं है। मसलन कॉफी। कॉफी में शारीरिक फायदे मौजूद हैं। यह टाइप-2 डायबिटीज से बचाता है। कुछ कैंसर में भी यह कारगर है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप एक ही दिन कई कप कॉफी पी जाएं। बार बार कॉफी पीना यानी मोटापे को गले लगाना है।
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नाश्ता न खाना

खासकर लड़कियां यह सोचती हैं कि नाश्ता न खाने से वह पतली रहेंगी। मगर जरा रुकिये! क्योंकि आप नाश्ता न करने से पतली तो होंगी नहीं वरन कमजोर हो जाएंगी। इतना ही नहीं आपका शरीर फूल भी सकता है, जिसे हम मोटापा कहते हैं। ध्यान रखें कि कमजोरी सिर्फ पतले लोगों में ही नहीं होती बल्कि मोटे लोगों में भी कमजोरी होती है।
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समूह में खाना

अच्छी बात यह है कि जब भी हम समूह में खाते हैं, अच्छा खाते। लेकिन बुरी बात यह है कि समूह में अकसर हम 35 से 40 फीसदी ज्यादा खा जाते हैं। हैरानी तब होती है जब हम 6-7 के समूह में हम तकरीबन 75 फीसदी ज्यादा खा जाते हैं। कहने का मतलब यह है कि समूह में खाना अकसर मोटापे से दोस्ती करना होता है। जबकि अकेले में हम उतना ही खाते हैं, जितने की जरूरत होती है।
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फास्ट फूड खाना

फास्ट फूड देखते ही दिल कहता है ‘जी ललचाए, रहा न जाए’। बच्चों से लेकर जवान और वृद्ध तक फास्ट फूड से तौबा नहीं करते। लेकिन शायद आपको यह बताने की जरूरत नहीं है कि फास्ट फूड शरीर के लिए कितना हानिकारकर है। यह हमारा कोलेस्ट्रोल बढ़ाता है। अतिरिक्त वसा जमा करता है। मतलब यह कि फास्ट फूड से मोटापा भी फास्ट आता है। सो, इस मासूम और ललचायी गलती से जरूर दूर रहें।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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