• shareIcon

एचआईवी उपचार को प्रभावित कर सकती हैं 8 गलतियां

एचआईवी उपचार के दौरान आपके द्वारा की जाने वाली ग‍लतियों से ईलाज प्रभावित हो सकता है, और संक्रमण फैलकर घातक हो सकता है।

सभी By Nachiketa Sharma / Jun 20, 2014

एचआईवी का उपचार

एचआईवी या ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस से एड्स नामक बीमारी होती है जो जानलेवा हो सकती है। इस बीमारी के होने के बाद शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता समाप्‍त हो जाती है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स के लक्षणों का विकास संक्रमण के 6 महीने से लेकर 10 साल के बीच में कभी भी हो सकता है। इस बीमारी का ईलाज संभव है, लेकिन उपचार के दौरान अगर आपसे कुछ गलतियां हो जायें तो यह उपचार को प्रभावित कर सकती हैं।

image courtesy - getty

विशेषज्ञ चिकित्‍सक से उपचार

एचआईवी संक्रमण का निदान होने के बाद इसके उपचार के लिए ऐसे चिकित्‍सक के पास जायें जो इस मामले का विशेषज्ञ हो। कुछ लोग इसके निदान के बाद सामान्‍य चिकित्‍सक से इसका उपचार करातें हैं जिसके कारण संक्रमण फैलता जाता है और व्‍यक्ति को एड्स हो सकता है। इसलिए ऐसे डॉक्‍टर से संपर्क कीजिए जो इस मामले का जानकार हो और आधुनिक तकनीक से लैश हो।

image courtesy - getty

योजनाओं का पालन न करना

एचआईवी संक्रमित व्‍यक्ति उपचार के दौरान चिकित्‍सक द्वारा निर्धारित योजनाओं का सही तरीके से अनुसरण नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण संक्रमण बढ़ता जाता है। इसके उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं के साइड-इफेक्‍ट भी होते हैं, सिरदर्द, तनाव आदि इसके दवाओं से हो सकता है। जिसके कारण मरीज बीच में ही इसकी दवाओं का सेवन रोक देते हैं और इसका परिणाम घातक होता है।

image courtesy - getty

नियमित रूप से दवाओं सेवन न करना

एचआईवी संक्रमण से उपचार के दौरान चिकित्‍सक ने जिन दवाओं का सेवन करने का निर्देश आपको दिया है उन दवाओं को सेवन नियमित कीजिए। अगर आप दवाओं का रोज सेवन नहीं करते हैं और बीच में इसे लेना भूल जाते हैं तो यह अच्‍छी बात नहीं। इससे आपका उपचार प्रभावित हो सकता है।

image courtesy - getty

सही जानकारी न देना

एचआईवी उपचार के दौरान इसके साइड इफेक्‍ट आपको परेशान कर सकते हैं, चाहे वे सामान्‍य हों या तकलीफदेह। अगर इस बीमारी के उपचार के दौरान आपको किसी प्रकार की समस्‍या हो रही है तो इसके बारे में अपने चिकित्‍सक से परामर्श लीजिए और उसका उपाय निका‍लने की कोशिश कीजिए। लेकिन कुछ लोग इसके उपचार के दौरान होने वाली चुनौतियों को अपने चिकित्‍सक से छुपाते हैं जिसके कारण समस्‍या गंभीर हो सकती है।

image courtesy - getty

लक्षणों को छुपाना

एचआईवी के लक्षण अगर वैसे ही हैं जैसे उपचार से पहले थे और दवाओं का असर उनपर बेअसर है तो इसे बिलकुल भी न छुपायें, चिकित्‍सक से इसके बारे में सलाह कीजिए। अगर दवायें सही तरीके से काम नहीं कर रही हैं इसका मतलब उपचार के तरीके को बदलने की जरूरत है।

image courtesy - getty

पूरक दवाओं का सेवन

एचआईवी उपचार के दौरान आप अन्‍य दवाओं का सेवन बिलकुल भी न करें, इससे समस्‍या बढ़ सकती है। कुछ लोग इसके उपचार के दौरान ताकत देने वाली वाली पूरक दवाओं का सेवन करते हैं जो फायदे के बजाय नुकसानदेह हो सकती हैं।

image courtesy - getty

दांतों की जांच न कराना

एचआईवी उपचार के दौरान अपने डेंटिस्‍ट के पास भी नियमित रूप से टेस्‍ट के लिए जाइए। क्‍योंकि इसके संक्रमण का साइड-इफेक्‍ट आपके दांतों पर सबसे अधिक फैलता है जिसे रोकना बहुत जरूरी है।

image courtesy - getty

शराब का सेवन

इसके उपचार के दौरान एल्‍कोहल और ड्रग्‍स का सेवन करने से बचना चाहिए। क्‍योंकि शराब के सेवन से आपका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर होता है जो कि उपचार में बाधक हो सकता है। एल्‍कोहल सबसे ज्‍यादा व्‍यक्ति के लीवर को प्रभावित करती हैं और लीवर को कमजोर बना देती हैं। इसलिए एल्‍कोहल का सेवन बिलकुल भी न करें।

image courtesy - getty

सकारात्‍मक सोच रखें

एचआईवी संक्रमण होने का मतलब यह नहीं कि आपको एड्स हो गया, एचआईवी का उपचार आसानी से हो सकता है। इस बीमारी के उपचार के दौरान हताश बिलकुल भी न हों, हमेशा सकारात्‍मक सोच रखें और खुद को एक्टिव रखें।

 

image courtesy - getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK