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ह्रदय से जुड़ी समस्याओं को रोकने के 10 बेहतरीन तरीके

हालांकि वास्तविक लक्षण दिखाई देने से पहले हृदय समस्‍याओं के बारे में जानना आसान नहीं होता है। लेकिन कुछ प्रभावी उपायों को अपनाकर हृदय रोगों को रोका जा सकता है।

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja SinhaApr 04, 2014

स्वस्थ हृदय

हृदय समस्‍याएं जैसे कोरोनरी हृदय रोग, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और जन्‍मजात हृदय रोग अब काफी आम हो गया है। हालांकि वास्तविक लक्षण दिखाई देने से पहले हृदय समस्‍याओं के बारे में जानना आसान नहीं होता है। लेकिन कुछ प्रभावी उपायों को अपनाकर हृदय रोगों को रोका जा सकता है।

तनाव को कम करें

किसी भी प्रकार का तनाव आपके दिल की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा ज्‍यादा खाने, अपर्याप्‍त नींद, धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन और अपनी उपेक्षा करने के कारण होता है। इसके लिए आपको तनाव के स्‍तर को कम करने के उपाय खोजने होगे। इसके अलावा संतुलित आहार, नियमित रूप से एक्‍सरसाइज और भावनात्‍मक रूप से समर्थन के लिए परिवार और दोस्‍तों से जुड़ना होगा।

धूम्रपान न करें

यह हम सभी जानते हैं कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और दिल के दौरे और अन्य बीमारियों को बढ़ा सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, धूम्रपान बंद करके आप हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकते है। इसके अलावा धूम्रपान छोड़ने के एक या दो साल के भीतर जन्मजात हृदय रोग के खतरे को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

नियमित रूप से 20 मिनट साइकिलिंग करें

शोधकर्ताओं ने सीने में हल्‍के दर्द या एनजाइना का अनुभव करने वाले लोगों को नियमित रूप से 20 मिनट तक साइकिलिंग करने की सलाह दी है। आप यह एक्‍सरसाइज स्थिर साइकिल पर भी कर सकते हैं। यह सरल एक्‍सरसाइज कैलोरी जलाने के  साथ-साथ आपके मूड, हड्डियों, मस्तिष्क और हृदय के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स लें

स्विस लोगों द्वारा किए गए एक अध्‍ययन के मुताबिक, जो लोग फोलिक एसिड, विटामिन बी -6 और विटामिन बी 12 का  संयोजन लेते हैं उन लोगों में हृदय रोगों का जोखिम कम होता है। इसलिए हृदय रोगों से बचने के लिए नियमित रूप से विटामिन बी कॉम्‍प्‍लेक्‍स लेना चाहिए।

रक्तचाप की निगरानी

उच्‍चरक्तचाप हृदय रोगों के लिए अच्‍छा नहीं होता है। उच्‍चरक्तचाप में दिल को कार्य करने में कठिनाई महसूस होती है, जिससे दिल को नुकसान भी हो सकता है। इसके अलावा उच्‍च रक्तचाप से दिल के दौरे, स्‍ट्रोक, गुर्दे की विफलता, आंख की क्षति और दिल की विफलता का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करते रहें। साथ ही नियमित एक्‍सरसाइज और तनाव प्रबंधन करके रक्तचाप को कम करें ताकि हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकें।

डार्क चॉकलेट

क्‍या आप इस बात से वाकिफ है कि चॉकलेट खाना वास्‍तव में आपके जीवन को बचा सकती है। अध्ययन के अनुसार, चॉकलेट खाने वाले लोगों में न खाने वालों की तुलना में हृदय रोग विकसित होने की संभावना लगभग 37 प्रतिशत कम होती है।

विटामिन डी

शरीर में विटामिन डी की कमी से हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए विटामिन डी के स्‍तर को बढ़ाने के लिए कुछ देर नियमित रूप से सुबह की धूप में बैठें। अध्‍ययन के अनुसार, विटामिन डी के स्‍तर में कमी वाली महिलाओं में हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और स्‍ट्रोक की संभावना सामान्‍य स्‍तर वाली महिलाओं की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक होती है।

ग्रीन टी का सेवन

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप ग्रीन टी लेते हैं या ब्‍लैक। लेकिन नियमित रूप से चाय का सेवन करना चाहिए। डच अध्‍ययन के अनुसार, ए‍क दिन में दो या अधिक कम पीने वाले लोगों में हृदय रोगों को खतरा कम होता है। जबकि अन्‍य एक अध्‍ययन के अनुसार, एक दिन में तीन कम पीने वाले लोगों में हृदय रोगों का खतरा लगभग 11 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

सोडा की जगह संतरे का जूस लें

हृदय रोग से जुड़ी जलन आपके आहार के कारण होती है। न्यूयॉर्क की स्टेट यूनिवर्सिटी हुए एक अध्‍ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि मीठे पानी में पाया जाने वाला ग्‍लूकोज लोगों में तेज जलन को पैदा करता है लेकिन एक गिलास संतरे के जूस से ऐसा कुछ नहीं हुआ। क्‍योंकि विटामिन सी में पाया जाने वाल एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्‍व जलन से सुरक्षा प्रदान करता है।

दांतों को सफाई Floss Your Teeth

पेरीडोंटल रोग से प‍ी‍ड़ि‍त लोग हार्टअटैक और स्‍ट्रोक के अधिक जोखिम पर होते हैं। मसूड़ों का पुराना बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन रक्त वाहिकाओं के अंदर सूजन से हृदय रोग और दिल के दौरे दोनों को पैदा कर सकता है। इसलिए, नियमित रूप से अपने  दांतों को साफ करने आदत डालें।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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