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जानें किन रोगों में बच्‍चों को न दें एंटीबॉयटिक दवायें

बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन के प्रसार को रोकने के लिए दी जाने वाली दवाएं कई बार कुछ बीमारियों में जरूरत न होने के बावजूद हम अपने बच्‍चों को दे देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते है तो यह गलत है। आइए इस स्‍लाइड के माध्‍यम ऐसी की कुछ बीमारियों के बारे में जानें जि

परवरिश के तरीके By Pooja SinhaJul 29, 2016

इन बीमारियों में बच्‍चों को न दें एंटीबॉयटिक दवायें

शरीर में होने वाले किसी भी तरह के बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन के प्रसार को रोकने के लिए एंटीबॉयटिक दवाओं का इस्‍तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि एंटीबॉयटिक की खोज बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन से निपटने में जादू की छड़ी की तरह काम करती है और वक्त गुजरने के साथ एंटीबॉयटिक का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। लेकिन अधिकतर लोग इसका गलत तरीके से सेवन करते हैं। इसके अलावा जरूरत न होने पर भी हम इन दवाइयों का सेवन करते और अपने बच्‍चों को भी करवाते हैं। जबकि कुछ बीमारियों में इनकी जरूरत नहीं होती है। अगर आप अपने बच्चे को वायरल इंफेक्‍शन में एंटीबॉयटिक दवाइयां दे रहे हैं तो ये गलत है। आइए इस स्‍लाइड के माध्‍यम ऐसी की कुछ बीमारियों के बारे में जानें जिनके होने पर आपके बच्‍चों को एंटीबॉ‍यटिक की जरूरत नहीं होती है।

कान में इंफेक्‍शन

छोटे बच्‍चों के कान में अक्‍सर किसी न किसी कारण से इंफेक्‍शन हो ही जाता है। ऐसे में डॉक्‍टर कभी-कभी कान में इंफेक्‍शन के लिए एंटीबायोटिक दवाइयां देते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम मामलों में होता है। समस्‍या होने पर हम भी खुद से बच्‍चे को एंटीबॉयोटिक दवाइयां देने लगते है। लेकिन बेहतर होगा कि बच्‍चे की किसी अच्‍छे डॉक्‍टर से जांच करवायें।

बुखार में एंटीबॉयटिक

बच्‍चे को बुखार होते ही हमारा सबसे पहला काम उसे एंटीबॉयटिक दवायें खिलाना होता है, लेकिन यह सही नहीं है। डॉक्‍टर कहते हैं कि ऐसा करना गलत है। सबसे पहले बुखार का कारण जानें कि बुखार किन कारणों से है। अगर वायरल इंफेक्शन के कारण बुखार है तो इसमें एंटीबायोटिक दवाइयां बिलकुल भी असर नहीं करती हैं। वायरल इंफेक्शन के लिए पेरासिटामोल काफी असरदार होती है। सिर्फ बैक्टीरिया इंफेक्‍शन के कारण होने वाले बुखार में ही बच्‍चे को एंटीबॉयटिक दवाइयां देनी चाहिए।

मौसम बदलाव के कारण होने वाली सर्दी जुकाम

मौसम बदलाव के कारण होने वाली सर्दी जुकाम में भी हम अपने बच्‍चों को एंटीबॉ‍यटिक दवाएं दे देते हैं। जबकि ऐसा करना ठीक नहीं है। अक्‍सर कमजोर इम्‍यूनिटी के कारण बच्‍चे वायरल इन्फेक्शन की तरह मौसम बदलने पर भी सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में एंटीबॉयटिक दवाइयों की बजाय अपने बच्‍चे के लिए घरेलू उपचार अपनाएं वो ज्यादा जल्दी असर करते हैं।

गला खराब होने पर

गला खराब होने पर भी एंटीबॉयटिक दवाइयां देने ठीक नहीं होता। जीं हां पांच साल से कम उम्र के बच्चों का अक्सर वायरल इन्फेक्शन के कारण गला खराब हो जाता है। ऐसे में आप कभी भी एंटीबॉयटिक दवाइयां खिलाने की गलती न करें बल्कि ये समस्या बिना दवाइयों के ही कुछ दिन में अपने आप ही ठीक हो जाती है।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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