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गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से होते हैं ये नुकसान

अगर आप गर्मी में बाहर से तुरंत आकर फ्रिज का ठंडा-ठंडा पानी पी लेते हैं तो आपको ये नुकसान हो सकते हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Gayatree Verma / Apr 13, 2016

गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी

गर्मी बढ़ रही है और लोगों ने चुस्की और आइसक्रीम खाना शुरू कर दिया है। ये तो अभी का समय है। जब ज़ेठ की गर्मी आएगी तो ना जाने क्या हाल होगा? तब लोग प्‍यास बुझाने के लिए बिलकुल ठंडा-ठंडा पानी पीने लगेंगे। वैसे भी आपने देखा होगा कि जब ज्यादा गर्मी होती है तो लोग बर्फ का ठंडा-ठंडा पानी पीना शुरू कर देते हैं। जबकि बिल्कुल ठंडा पानी कभी नहीं पीना चाहिए। धूप से या बाहर से खेल कर आकर तो बिल्कुल भी ठंडा पानी ना पिएं। ठंडा पानी पीने से वैसे तो नुकसान होते ही हैं, लेकिन भविष्य में ये और अधिक नुकसानदायक साबित हो जाता है।

इन समय पर ना पिएं ठंडा पानी

क्या आप खाने के समय ठंडा पानी लेकर बैठते हैं? क्या आप गर्मी में कहीं से भी बाहर आकर तुरंत ठंडा पानी पीने लगते हैं? ज्यादा गर्मी लगती है तो बर्फ का ठंडा पानी निकाल कर पीने लगते हैं क्या? अगर आपका इन प्रश्नों में से किसी भी सवाल का जवाब हां है तो आप अपने शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही भविष्य की बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं। ऐसे में अगर आप भविष्य की बीमारियों से बचना चाहते हैं तो आपको अभी ही चेत जाने की जरूरत है। साथ ही जरूरत है बर्फ का ठंडा पानी पीने से होने वाले नुकसान के बारे में जानने की।

पाइल्स और आंत के रोग

इसका कारण बर्फ का पानी भी हो सकता है इस बारे में बहुत ही कम लोगों को मालुम है। इसके लिए आप फ्रिज में रखी मिठाई का उदाहरण लें। जिस तरह से फ्रिज में रखी मिठाई जम जाती है। वैसे ही ठंडा पानी शरीर में मल को जमा देता है जो अंत में पाइल्स या बड़ी आंत से सम्बन्धित रोगों का सबसे बड़ा कारण बनता है। इससे मल कठोर हो जाता है।

कैलोरी होती है अधिक बर्न

लगातार ठंडा पानी पीने से शरीर की कैलोरीज़ ज्यादा बर्न होती है और पाचन शक्ति बाधित होती है। लेकिन इसके लिये हमें अपने पाचन को इतना कष्ट देने की क्या जरूरत है। जबकि कैलोरी बर्न करने के लिए दूसरे तरीके अपनाए जा सकते हैं। दरअसल ठंडा पानी पीने के बाद शरीर को खाना पचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे अधिक कैलोरी बर्न होती है।

पाचन शक्ति होती है कमजोर

इसी तरह ठंडा पानी आपके भोजन की पाचन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर देता है क्योंकि ठंडा पानी पीने से शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ जाने से पाचन की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। जिससे भोजन की पाचन क्रिया सही तरीक से नहीं हो पाती। ठंडे पानी से भोजन के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं या वो शरीर द्वारा अच्छी तरह से ऑब्जर्व नहीं कर पाते। वहीं दूसरा कारण है कि खाने के दौरान लार ग्रंथी से ज्वलनशील गैस निकलती है जो खाना पचाने में सहायक है। ठंडा पानी पीने से ये ज्वलनशील गैस निकलना बंद हो जाती है जिससे पाचन क्रिया बाधित हो जाती है।

खत्म हो जाते हैं पोषक तत्व

ठंडा पानी पीने से शरीर में जाने वाले खाद्य पदार्थ के सारे पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। दरअसल सामान्य तौर पर इंसान के शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस हो जाता है। ऐसे में जब आप कोई ठंडी चीज़ पीते हैं तो उससे शरीर पूरी तरह से ठंडा हो जाता है। ऐसे में शरीर के तापमान के साथ वस्तु के तापमान को सामान्य स्तर तक बैठाने के लिए शरीर को कुछ एक्सट्रा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। और शरीर ये ऊर्जा भोजन के पाचन तथा पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए खर्च होने वाली ऊर्जा में से लेता है। जिससे कि शरीर खाद्य पदार्थ से सही से पोषक-तत्व अवशोषित नहीं कर पाता।

सर्द-गर्म

लगातार या कहीं बाहर से आकर डायरेक्ट ठंडा पानी पीने से इंसान के श्वसन तंत्र में म्युकोसा को नुकसान पहुंचता है जो श्वसन तंत्र की सुरक्षात्मक परत होती है। जब यह परत संकुलित हो जाती है तो आपका श्वसन तंत्र अनावृत हो जाता है जिससे ये बाहरी और विभिन्न संक्रमणों की चपेट में जल्दी आ जाता है। ऐसे में सर्द-गर्म की समस्या इंसान को हमेशा बने रहती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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