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आहार जो छीन सकता है आपकी याददाश्‍त

खान-पान से न केवल आपका स्‍वास्‍थ्‍य ठीक रहता है बल्कि दिमाग भी मजबूत होता है, लेकिन इन खानों से बचना बहुत जरूरी है नही आप भुलक्‍कड़ हो सकते हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Nachiketa Sharma / Jul 09, 2013

दिमाग पर असर

ऐसा मान जाता है खाना सेहत के लिए अच्‍छा होता है और उससे दिमाग भी तेज होता है। लेकिन क्‍या आपको पता है कुछ खाद्य-पदार्थ ऐसे भी हैं जो आपके दिमाग को कमजोर तो करते ही हैं साथ ही उनका अधिक मात्रा में सेवन करने से आपकी तार्किक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए जरूरी है ऐसे खाने के बारे में जानिए और हो सके तो इनसे दूर रहने की कोशिश कीजिए।

ज्‍यादा नमक

नमक में सोडियम पाया जाता है, लेकिन ज्‍यादा नमक खाने से इसका बौद्धिक क्षमता पर असर पड़ता है। ज्‍यादा नमक खाने से ब्‍लड प्रेशर बढ़ता है जिसके कारण बेचैनी होती है। इसके कारण सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए ज्‍यादा नमक का सेवन करने से बचना चहिए, यह आपके ब्‍लड प्रेशर को बढ़ाने के साथ-साथ दिमाग को कमजोर बनाता है।

कचौड़ी और समोसे

कुछ लोगों को समोसे और कचौड़ी खाने का बहुत शौक होता है। लेकिन इस प्रकार के खाद्य-पदार्थ में तेल का प्रयोग ज्‍यादा होता है, ज्‍यादा तला हुआ खाना आपकी मानसिक क्षमता में कमी लाता है। यह आपकी तंत्रिका कोशिकाओं को धीरे-धीरे नष्‍ट कर देता है। इसलिए इस प्रकार के तले-भुने खाने से परहेज करना आपके सेहत और दिमाग दोनों के लिए अच्‍छा है।

शराब और एल्‍कोहल

शराब दिमाग का संतुलन बिगाड़ती है, इसके अलावा एल्‍कोहल आदमी की निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है। जो लोग नियमित रूप से शराब का सेवन ज्‍यादा मात्रा में करते हैं वो निर्णय लेने में खुद को दुविधा की स्थिति में पाते हैं। शराब ज्‍यादा पीने से याददाश्‍त तो कमजोर होती है ही साथ ही आदमी की तार्किक क्षमता भी प्रभावित होती है।

ट्रांस फैट से बचें

ट्रांस फैट कई प्रकार के रोगों के लिए जिम्‍मेदार होता है। ट्रांस फैट का सेवन करने से मोटापा, हृदय रोग और कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ जाता है। इसके अलावा ट्रांस फैट दिमाग में सिकुड़न पैदा कर देता है। ट्रांस फैट खाने वालों को अल्‍जाइमर्स हो सकता है, जिसके कारण उनकी याददाश्‍त और तार्किक क्षमता में भारी गिरावट आती है।

फास्‍टफूड को कहें ना

लोगों में फास्‍टफूड खाने का चलन सा हो गया है, लेकिन यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ दिमाग को कमजोर बनाता है। फास्‍टफूड खाने से दिमाग में मौजूद रसायनों की संरचना बदलती है। इसके अलावा बेचैनी और डिप्रेशन से जुड़े लक्षण शुरू हो जाते हैं। फास्‍टफूड डोपामाइन (यह एक प्रकार का हार्मोन है जो एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है) के उत्‍पादन में कमी लाता है।

निकोटीन से बचें

निकोटीन दिमाग का सबसे बड़ा दुश्‍मन है। निकोटीन का सेवन करने से दिमाग से खून, ऑक्‍सीजन और ग्‍लूकोज का प्रवाह बाधित होता है। इसके अलावा ज्‍यादा निकोटीन का सेवन करने से चीजों को समझने में दिक्‍कत होती है। निकोटीन का नियमित सेवन करने से आदमी भुलक्‍कड़ बन जाता है और किसी भी काम को ठीक तरह से नही कर पाता।

मीठा भी है नुकसानदेह

लोग मीठे के प्रति दीवाने होते हैं, लेकिन क्‍या आपको पता है ज्‍यादा स्‍वीट खाने से न केवल शरीर का शेप बिगड़ता है बल्कि दिमाग भी कमजोर होता है। ज्‍यादा मीठा खाने से तार्किक क्षमता और नई बातों को सीखने की क्षमता पर असर होता है। इसलिए ज्‍यादा मीठा खाने से पहले अपने दिमाग के बारे में सोच लीजिए।

प्रोसेस्‍ड प्रोटीन से बचिए

प्रोटीन को मांसपेशियों के विकास के लिए जरूरी माना जाता है। लेकिन प्रोसेस्‍ड मीट हॉटडॉग, सॉसेज खाने से परहेज कीजिए। क्‍योंकि इसमें मौजूद प्रोटीन तंत्रिका तंत्र के लिए नुकसानदेह होते हैं। लेकिन आप सामान्‍य प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए मांस, सालमन, दाल और बादाम का सेवन कर सकते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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