Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

अवसाद का आपके रिश्‍तों और सेक्‍स संबंधों पर असर

अवसाद में अकसर लोगों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता। अधिक दुख, बहुत अध‍िक रोना, चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा व अन्य भावनायें प्रकट होती हैं। इस स्‍लाइड शो से आप जान सकते हैं कि अवसाद का आपके रिश्‍तों और सेक्‍स संबंधों पर क्‍या असर पड़ता हैं।

सभी By Bharat MalhotraFeb 17, 2014

अवसाद का रिश्तों पर असर

अवसाद का आपके र‍िश्ते पर कितना असर पड़ता है यह हर व्यक्‍ति‍ और अवसाद की गंभीरता पर निर्भर करता है। अवसाद में अकसर लोगों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता। अधिक दुख, बहुत अध‍िक रोना, चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा व अन्य भावनायें प्रकट होती हैं।

सेक्स और परफॉरमेंस

अवसाद के दौरान मस्त‍िष्क में किस प्रकार की रासायनिक प्रतिक्रियायें होती हैं, इस बारे में अधि‍क शोध नहीं हुए हैं और साथ ही सेक्स पर अवसाद के असर के बारे में भी हम ज्यादा नहीं जानते हैं। लेकिन, यह जरूर मालूम है कि अवसाद महिलाओं और पुरुष दोनों की सेक्स लाइफ को जरूर प्रभाव‍ित करता है।

अवसाद का असर

जिन कामों को करने के लिए शरीर को ऊर्जा और शक्ति की जरूरत होती है, अवसाद उन पर विपरीत असर डालता है। इसमें सेक्स भी शामिल है। यह बात सही है कि अवसाद से ग्रस्त कई लोगों का मन सेक्स से ऊब जाता है।

स्तंभन दोष

संभोग के दौरान लिंग में पर्याप्त उत्तेजना के न होने को स्तंभन दोष कहा जाता है। अवसाद स्तंभन दोष का एक प्रमुख कारण माना जाता है। अवसाद के कारण व्यक्त‍ि की जीवनशैली पर काफी विपरीत असर पड़ता है, जिसका असर उसके सेक्स जीवन पर भी नजर आता है।

सेक्स में अरूचि

अवसाद के कारण इनसान का मन किसी काम में नहीं लगता। वह समाज और परिवार से अलग होकर रहने लगता है। धीरे-धीरे इसका असर उसकी सेक्स लाइफ पर पड़ने लगता है। वह स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से भी सेक्स के लिए तैयार नहीं कर पाता।

फायदा भी

हालांकि, हर बार अवसाद का सेक्स पर विपरीत असर पड़े, ऐसा नहीं होता। कुछ लोग अवसाद में होने के बाद भी सामान्य सेक्स जीवन व्यतीत करते हैं। यहां तक कि कई लोगों के लिए सेक्स अवसाद को दूर करने में काफी मदद करता है। यह उन्हें आराम और संतुष्ट‍ि प्रदान करता है।

थकान का संबंध

अवसाद से व्यक्त‍ि को थकान और निराशा रहती है, इसका संबंध कामेच्छा और उत्तेजना संबंधी परेशानियों से हो सकता है, वहीं महिलाओं को सेक्स के प्रति अरूचि और ऑर्गेज्म तक पहुंचने में परेशानी होती है।

कुछ लोग टूट जाते हैं

अवसाद के कारण कुछ लोग बुरी तरह टूट जाते हैं। इस दौरान ज्यादातर लोगों की सोच नकारात्मक हो जाती है और ेसे लोग खुश रह ही नहीं पाते। अपने आसपास का खुशनुमा माहौल भी उन्हें परेशान व दुखी रखता है।

महिलाओं और पुरुषों में अलग असर

पुरुष और महिलायें अवसाद में अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं। पुरुष जहां एक ओर अध‍िक गुस्सैल हो जाते हैं, वहीं महिलायें अवसाद के दौरान दुख में डूबकर अकेले रहती हैं। अवसाद के दौरान व्यक्त‍ि अकसर ऐसा बर्ताव करता है, जो वह शायद सामान्य तौर पर न करे।

अवसाद में साथी की भूमिका

अवसादग्रस्त व्यक्त‍ि का बर्ताव काफी अलग हो जाता है, ऐसे में उसके साथी की भूमिका काफी बढ़ जाती है। अवसादग्रस्त व्यक्त‍ि को आपके साथ और समर्थन की जरूरत होती है। इससे उसे इस परेशानी से निकलने में मदद मिलती है।

बातचीत करते रहें

अवसाद से परेशान इनसान को अकेला न छोड़ें। संवाद की प्रक्रिया चलती रहनी चाहिए। संवाद से किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। एकाकीपन से व्यक्त‍ि अध‍िक परेशान रहता है।

इलाज है मौजूद

अवसाद के लक्षण नजर आते ही आपको चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। अवसाद दूर होने पर ये सभी लक्षण भी दूर हो जाते हैं। सेक्स में रूचि जागना अवसाद दूर होने के पहले लक्षणों में है।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन

पोस्टपार्टम डिप्रेशन का असर महिलाओं पर पड़ता है। बच्चे के जन्म का असर एक स्वस्थ रिश्ते पर भी पड़ता है। बच्चे के जन्म के बाद जीवन में आने वाले कई परिवर्तन रिश्तों के लिए नयी चुनौतियां पैदा हो जाती हैं। इसका असर सेक्स और र‍िश्तों दोनों पर पड़ता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK