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अगर दांत हैं पीले और सड़े, तो हो सकते हैं ये 5 गंभीर रोग

दांतो की सड़न सिर्फ दांतो के लिए नहीं बल्कि आपकी पूरी सेहत को प्रभावित करती है। गंदे दांत कई घातक बीमारियों का कारण हो सकते हैं जानिए कैसे।

मुंह स्‍वास्‍थ्‍य By Rashmi Upadhyay / Jan 25, 2018

दांतों की समस्या और बीमारियां

दांतों में सड़न या गंदे दांत आपकी खूबसूरती और स्वास्थ्य दोनों को ही प्रभावित करते हैं। अक्सर दांतों की समस्या को हल्के में लेते हैं, लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। दांतो की समस्या कई गंभीर बीमारियों का कारण हो सकती हैं? मधुमेह, रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याओं के पीछे दांतों की बीमारियां हो सकती हैं।

डायबिटीज

मधुमेह रोगियों में मसूड़ों में सूजन, दांतों का ढीलापन और मुंह से बदबू आना आदि समस्या पायी जाती है। इन रोगियों में मुंह की लार में पाए जाने वाले कीटाणु अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए उनके मसूड़ों और जबड़े की हड्डी में संक्रमण हो जाता है। ऐसे में दांत कमजोर हो जाते हैं। मधुमेह के रोगियों को अपना ब्लडशुगर नियंत्रण में रखना चाहिए।

उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रोगियों में मसूड़ों से खून आना, दुर्गध और मुंह में सूखापन आदि की समस्या पायी जाती है। इसलिए इन रोगियों को अपने रक्तचाप को नियंत्रण में रखना चाहिए।

हृदय रोग

दांतों की ठीक से सफाई करना आपको हार्ट अटैक से बचाता है। एक शोध के मुताबिक दांतों को साफ रखकर आप दिल के दौरे से बचे रह सकते हैं, क्योंकि दांतों और मसूड़ों की बीमारी का दिल की बीमारी के साथ सीधा संबंध है।

फेफड़ों पर असर

दांतों की नियमित सफाई नहीं करने पर ये गंदे, बदरंग व खराब हो जाते हैं, इनकी गंदगी एवं परत से दांत व मसूडें दोनों भी खराब होने लगते हैं। दांतों की गंदगी व बीमारी फेफड़े तक पहुंचकर उसे भी संक्रमित कर सकती है। उसकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। कुछ भी खाने व पेय पीने के बाद कुल्ला कर मुंह साफ करना चाहिए जबकि दिन भर में दो समय दांतों की नियमित सफाई करनी चाहिए। यह सफाई अच्छी तरह करनी चाहिए। साफ दांत हमारे जीवन को महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कैंसर

दांतों की बिगड़ी सेहत मुंह और गले के कैंसर का कराण हो सकते हैं। मसूड़ों से खून आना या दांतों से जुड़ी किसी प्रकार की समस्या को नजरअंदाज ना करें। दांतो को स्वस्थ रखने के लिए दिन में दो बार ब्रश करें और महीने में एक बार डेंटिस्ट के पास जरूर जाएं।

पीरियोडोंटिस

यदि जिन्जीवाइटिस का उपचार नहीं किया जाता तो वह गंभीर रूप लेकर पीरियोडोंटिस में बदल जाती है। पीरियोडोंटिस से पीड़ित व्यक्ति में मसूड़ों की अंदरूनी सतह और हड्डियां दांत से दूर हो जाती हैं। दांतों और मसूड़ों के बीच स्थित इस छोटी-सी जगह में गंदगी इकट्ठी होने लगती है और दांतों और मसूड़ों में संक्रमण फैल जाता है। अगर ठीक से इलाज न किया जाए तो दांतों के चारों ओर मौजूद ऊतक नष्ट होने लगते हैं।

कैसे करें दांतों की सफाई

स्वस्थ दांतों कि लिए जरूरी है कि इसका खास खयाल रखा जाए। हर रोज दिन में दो बार ब्रश करें। रात को सोने से पहले ब्रश करना कभी ना भूलें। बच्चों को बचपन से ही यह आदत डालें जिससे वो बड़े होकर भी इस आदत को अपनाएं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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