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गुस्से के नुकसान और इसके प्रबंधन के तरीके

"कहते हैं गुस्सा इंसान का परम शत्रु होता है", और यह बात सच भी है, गुस्सा दबा कर रखने से ये मानसिक रोगी बना सकता है और तुरंत करने से समस्याओं का कारण, इसलिए इसके प्रबंधन के तरीके को जानना बेहद जरूरी होता है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Rahul Sharma / Aug 12, 2014

गुस्से को करें काबू

गुस्से का परिणाम आपके साथ-साथ आपसे जुड़े लोगों के लिए भी हानिकारक होता हैय! अर्थात क्रोध जिस पर किया जाए वह प्रभावित होता है और जो करता है वो भी। क्रोध मनुष्य का परम शत्रु है, इसे काबू में रखेंगे तो स्वस्थ सुखी हो खुश रहेंगे। तो चलिये जाने गुस्से को काबू करने के तरीके।
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दबा गुस्सा और गुस्से के नुकसान

गुस्सैल नेचर किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक की आशंका को तीन गुना तक बढ़ा सकता है। 55 साल की उम्र के बाद यह छह गुना हो जाती है। खासतौर पर गुस्से को दबाना बेहद हानिकारक हो सकता है। इससे कई मानसिक रोग भी हो सकते हैं। इसलिए गुस्से को दबाना नहीं चाहिए, लेकिन इसका सही प्रबंधन करना बेहद जरूरी है। गुस्सा निर्णय लेने की क्षमता को कम कर देता है। यह किसी भी उम्र में बहुत खराब है लेकिन युवावस्था में तो यह ज्यादा खराब स्थिति पैदा कर देता है। इसके कारण आपके संबंध और भविष्य दोनों खराब हो सकते हैं।
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धैर्य और विवेक

गुस्से को काबू करने के लिए धैर्य और विवेक बेहद जरूरी होते हैं। क्रोध आए तो मन में धैर्य रखकर उसे रोकें और सोचें कि जो आप गुस्से में कहने या करने जा रहे हैं उसका क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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गुस्से को समझें

हम किसी रॉकेट साइंस की बात नहीं कर रहे ह। बस यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि गुस्से के कारण, उसके प्रति आपकी प्रतिक्रिया और उससे होने वाले दुष्परिणामों के बारे में सोचे और समझें। क्रोध के प्रति सजग और सतर्क रहें। अपने क्रोध के कारणों का विश्लेषण करते रहें, इससे क्रोध को लेकर आपमें समझ उत्पन्न होगी।
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गिनती गिनें

फोन पर, बॉस के सामने या फिर दोस्तों या सहकर्मियों से बातचीत के दौरान कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं जब हमें सामने वाले की कोई बात बुरी लग जाती है और तेज गुस्सा आ जाता है। ऐसे में ओवर रिएक्ट न करते हुए सबसे पुराना नुस्खा आजामाएं और 10 तक गिनती गिनें। या गुस्सा कम करने का पुराना मगर कारगर नुस्खा है।
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सैर व एक्सरसाइज

आपकी शारीरिक फिटनेस का भी स्वभाव पर काफी फर्क पड़ता है। नियमित व्यायाम, सैर या फिर योग करने से हम फिर रहते हैं और मन भी शांत रहता है। शरीर और मन स्वस्थ होने पर गुस्सा कम आता है। इसलिए नियमित व्यायाम करना चाहिए व पौष्टिक आहार खाना चाहिए।
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अच्छी चीजों पर ही धायान दें

यदि आपको अपने से संबंधित किसी इंसान के शारीरिक हाव-भाव और हरकतें अच्छे नहीं लगते लेकिन उसके विचार और बोलने का ढंग अच्छा लगता है तो आप उसके अच्छे व्यवहार पर ध्यान दें। यह आपके गुस्से को शांत करने में मदद करेगा।
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बॉडी को करें रिलेक्स

गुस्से को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप गुस्सा आना पर अपनी मांसपेशियों को रिलेक्स करें। अपनी गुस्से में कसी मुट्ठी को खोलें और कसे जबड़े को रिलेक्स कर दें। गहरी सांसें लें और दो से तीन बार शरीर को ढ़ीला कार हलके से जंप करें। सारा गुस्सा हल्का हो जाएगा।
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नज़रिया बदलें

अगर आप किसी ऐसी स्थिति में फंस जाते हैं कि उस में कुछ विशेष नहीं कर सकते हैं, तो उससे लड़ने और गुस्सा करने के बजाए उस परिस्थित को दूसरे नजरिए से देखने की कोशिश करें। अपने जीवन की कुछ अच्छी चीजों के बारे में सोचे जब आपने ऐसी परिस्थियों को सामना कर जीत हासिल की थी।  
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खुशबू का सहारा लें

दबा हुआ तनाव और दबा हुआ गुस्सा अच्छी खुशबू से दूर हो सकता है। इसलिए आप भीमी खुशबू वाले तेलों या इत्र आदि का प्रयोग कर सकते हैं। शुद्ध लेवेंडर तेल रूई में लगाकार अपनी जेब या पर्स में डाल लें या किसी ऐसी जगह पर जहां तनावपूर्ण स्थितियों में उसे आसानी से निकाला जा सके। इसे सूंघने से आपका गुस्‍सा शांत हो जाएगा।
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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