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रोजमर्रा की इन आदतों से आप कर रहे हैं अपना ब्रेन डैमेज

रोजमर्रा की बहुत सारी कई चीजें हमारे ब्रेन को लगातार डैमेज कर रही है। आइए ब्रेन डैमेज करने वाली ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानते हैं जिन्‍हें जानकर ब्रेन डैमेज को रोका जा सकता है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja SinhaDec 04, 2015

ब्रेन डैमेज करने वाली आदतें

आजकल लगभग हर कोई तनाव भरी जिंदगी जी रहा है। अच्‍छी नौकरी, प्रमोशन, अच्‍छे लाइफ पार्टनर की तलाश आदि का प्रेशर हमारा ब्रेन हर रोज उठाता है। नियमित रूप से एक्‍सरसाइज और योग करके आप शरीर को तो फिट बना लेते हैं लेकिन क्‍या ब्रेन को फिट रखने के लिए आप कुछ करते हैं। रोजमर्रा की बहुत सारी कई चीजें हमारे ब्रेन को लगातार डैमेज कर रही है। आइए ब्रेन डैमेज करने वाली ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानते हैं जिन्‍हें जानकर ब्रेन डैमेज को रोका जा सकता है।

बीमारी में दिमाग का इस्‍तेमाल

हमारा ब्रेन की एक ऐसा पार्ट है जो बीमारी में भी अच्‍छे से काम करता है। इंफेक्‍शन की समस्‍या में ब्रेन लिम्‍फ नोड्स को सिग्‍नल भेजकर इंफेक्‍शन को बढ़ने से रोकता है। लेकिन इस समय ब्रेन के ज्‍यादा काम करने से बॉडी के सेल्‍स भी डैमेज होने लगते है। इसलिए बीमारी के दौरान डॉक्‍टर की सलाह से पूरा आराम और डैमेज हुए सेल्स को रिकवर करने की कोशिश करनी चाहिए।

सिर ढककर सोना

अक्‍सर लोग ज्‍यादा सर्दी होने पर सिर को भी ढककर सो जाते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि ऐसा करने से ब्रेन के काम करने की क्षमता कम होने लगती है। जीं हां सिर ढककर सोने से जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन ब्रेन को नहीं मिल पाता और कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ने लगती है। शोधों से भी यह बात समाने आई हैं कि डिमेन्शिया और क्रोनिक सिरदर्द से पीड़ित ज्यादातर मरीज सिर ढककर सोते थे।

ओवरइटिंग

जरूरत से ज्यादा खाना भी ब्रेन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ओवरइटिंग की वजह से ब्रेन पर असर पड़ता है जिससे बॉडी में इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इंसुलिन सिर्फ मोटापा और डायबिटीज बढ़ाने में ही नहीं बल्कि आर्टरीज की हार्डनेस के लिए भी जिम्मेदार होता है जिससे उम्र बढ़ने के साथ ही दिमाग पर भी असर दिखाई देने लगता है।

कम सोना

देर रात तक चैटिंग, मूवी और खाना खाने की आदत भी ब्रेन को डैमेज करने वाली होती है। साथ ही परीक्षा के दौरान देर रात तक जागकर पढ़ना भी ब्रेन को डैमेज कर सकता है क्‍योंकि इससे ब्रेन सेल्स कमजोर होने लगते है और अंत में काम करना बंद कर देते हैं। स्वीडन के शोधकर्ताओं ने भी पाया कि नींद से मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलती है। अगर ऐसा ना हो तो दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले अणु काम में लग जाते हैं।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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