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इशारे कि आपके शरीर में बहुत ज्‍यादा है कार्टिसोल की मात्रा

तनाव के कारण उपजा कोर्टिसोल नामक हार्मोंन आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए इस हार्मोंन के लक्षणों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja Sinha / Aug 29, 2014

कोर्टिसोल की मात्रा

हम सब इस बात को अच्‍छे से जानते है कि तनाव हमारे लिए बुरा है। लेकिन फिर भी हम तनाव में रहते हैं। हालांकि हम मन को शांति में रखने का दावा करते है लेकिन जीवन के शांत होने के बाद हम अगले ही पल कोर्टिसोल (तनाव से उपजा हार्मोन) और एपिनेफ्रीन की मांग करने लगते हैं। तनाव हमें महत्वपूर्ण मूल्यवान और उपयोगी लग सकता है लेकिन क्‍या आप जानते हैं यह हमारे स्वास्थ्य को नष्ट कर सकता हैं। लेकिन अगर आप भी तनाव की दीवाने हैं तो यहां पर दिये दस संकेत से आप जान सकते हैं कि कोर्टिसोल आपके पसंद की दवा हैं। image courtesy : getty images

पीठ और सिर दर्द का अनुभव

कोर्टिसोल के स्‍तर के लंबे समय तक उच्‍च रहने से आपके अधिवृक्क ग्रंथियों जर्जर होना शुरू कर देते हैं। इससे प्रोलैक्टिन स्तर बढ़ कर पीठदर्द और मांसपेशियों में दर्द के रूप में, शरीर में दर्द की संवेदनशीलता को बढ़ा देता है। अत्यधिक कोर्टिसोल मस्तिष्‍क को दर्द के लिए अतिसंवेदनशील कर देता है  और थोड़ी सी भी टीस सिर दर्द के कारण मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को उत्तेजित करने लगती हैं। image courtesy : getty images

नींद में कमी

कोर्टिसोल का स्तर रात के समय आपके शरीर को आराम और पुनर्भरण की अनुमति देता है। लेकिन कोर्टिसोल के स्तर के बहुत अधिक होने से आप पूरा दिन थकान महसूस करने के बाद भी रात को सो नहीं पाते।  image courtesy : getty images

थकान महसूस करना

कोर्टिसोल के उच्‍च स्‍तर के कारण आप अच्‍छे से सोने के बाद भी थकावट महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि समय के साथ कोर्टिसोल का उच्च स्तर अधिवृक्क ग्रंथि जर्जर होने से क्रोनिक थकान की संभावना अधिक हो जाती है। image courtesy : getty images

वजन बढ़ना

जी हां! यदि आप चाहते हैं कि आपका वजन न बढे तो तनाव मुक्त जीवन जीना शुरू कीजिए। क्‍योंकि कोर्टिसोल के बढ़ने से  अच्‍छी तरह से खाने और एक्‍सरसाइज के बाद भी आपका वजन बढ़ने लगता हैं, विशेष रूप से आपके पेट के आसपास। image courtesy : getty images

जुकाम और अन्य संक्रमण का खतरा

कोर्टिसोल शरीर की प्राकृतिक आत्म मरम्मत तंत्र को निष्क्रिय कर देता है इसका मतलब स्‍वस्‍थ रखने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से प्रकृति द्वारा डिजाइन की गई है। कोर्टिसोल के बढ़ने से आपकी इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो जाता है और आप आसानी से संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। image courtesy : getty images

अस्वस्थ खाद्य पदार्थों के प्रति लालसा

कोर्टिसोल रक्त शर्करा को बढ़ा कर आपको मधुमेह के जोखिम में डाल देता है। उच्‍च ग्‍लूकोज का स्‍तर इंसुलिन के स्‍तर को टक्‍कर देता है, जिससे आपके ब्‍लड में शुगर में गिरावट आने लगती है और अचानक से आपके मन में खाद्य पदार्थों के प्रति लालसा पैदा हो जाती है।  image courtesy : getty images

सेक्स ड्राइव पर असर

तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के उच्‍च होने कामेच्छा उत्प्रेरण हार्मोंन जैसे टेस्टोस्टेरोन पर हस्‍तक्षेप करने लगते हैं। जिससे सेक्‍स इच्‍छा कम होने लगती है। image courtesy : getty images

पेट की समस्‍या

आपका गैस्ट्रोइंटेस्टिनल सिस्‍टम कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोंन के प्रति बहुत ही संवेदनशील होता है। तनाव हार्मोंन के बहुत अधिक बढ़ने पर आपको मतली, हार्टबर्न, पेट में ऐंठन, दस्‍त या कब्‍ज का अनुभव होता है। image courtesy : getty images

बहुत अधिक चिंता

तनाव में कोर्टिसोल और एपिनेफ्रीन हार्मोंन के बढ़ने से अक्‍सर आप बहुत अधिक घबराहट, बेचैनी, आतंक की भावना, यहां तक ​​कि पीड़नोन्माद का भी अनुभव कर सकते है।  image courtesy : getty images

ऊर्जाहीन महसूस करना

कोर्टिसोल का उच्च स्तर सेरोटोनिन के उत्पादन को कम कर देता है जिससे आप हमेशा निराशा से घिरे रहते हैं और ऊर्जाहीन महसूस करते हैं। image courtesy : getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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