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रोज कीजिये इन पोषक तत्‍वों का सेवन

एक स्वस्थ जीवन बिताने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन के अलावा भी कई पोषक तत्व हैं जिनका सेवन हमें रोज करना चाहिए।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Shabnam Khan / Dec 15, 2014

जरूरी है इन पोषक तत्वों का सेवन

स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है एक स्वस्थ शरीर और एक स्वस्थ शरीर की जरूरत है पौष्टिक आहार। पौष्टिक आहार वह आहार होता है जिसमें अधिक से अधिक पोषण तत्व मौजूद होते हैं। आमतौर पर लोग कैल्शियम, विटामिन और प्रोटीन को ही पौष्टिक तत्व मानते हैं। लेकिन सिर्फ इनका सेवन ही आपकी पौष्टिक आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं करता। आइये जानते हैं कौन-कौन से पौषक तत्व हैं, जिनकी आपको रोजमर्रा के जीवन में जरुरत होती है।

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विटामिन सी

विटामिन सी रक्त धमनियों के लिए फायदेमंद होता है। यह सभी फलों और सब्जियों में पाया जाता है। विटामिन सी की मदद से आपकी मांसपेशियों को ऑक्सीजन और ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं। इससे आपकी मसल्स टोन होती हैं। विटामिन सी से कोलेगन का निर्माण भी होता है जिसका इस्तेमाल शरीर हड्डियों और मांसपेशियों के निर्माण में करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ रोज 75 मि.ग्रा. की मात्रा में विटामिन सी लेने की सिफारिश करता है, जो आपको एक मीडियम आकार के संतरे, एक आधी लाल शिमला मिर्च या एक कप स्ट्राबेरी खाने से मिल सकता है।

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कैल्शियम

कैल्शियम का कार्य शरीर में हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाना है। यदि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए तो, ओस्टेयोपोरोसिस नाम की बीमारी हो जाती है जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती है और फ्रैक्चर भी हो सकता है। कैल्शियम को दूध से बने उत्पादों, हरी सब्जियों या फिर कैल्शियम सप्लीमेंट से प्राप्त किया जा सकता है। डॉक्टर रोज 1200 मि.ग्रा मात्रा में कैल्शियम लेने की सलाह देते हैं।

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ओमेगा 3

ओमेगा-3 मांसपेशियों के लिए बहुत अच्छा होता है। ये मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है। इसके सेवन से मांसपेशियों में रक्त प्रवाह ठीक प्रकार से होता है। इसके अलावा इंसुलिन भी नियंत्रण में रहता है। नतीजतन डायबिटीज की समस्या में राहत मिलती है। ओमेगा 3 मछली में पाया जाता है। लेकिन अगर आप शाकाहारी हैं, या रोज मछली नहीं खा सकते तो आप अपने आहार में अलसी के बीज, अखरोट, भांग के बीज खा सकते हैं इससे भी आपको ओमेगा- 3 मिलेगा। इसके अलावा, फिश ऑयल के कैप्सूल भी रोज खाए जा सकते हैं।

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विटामिन बी

विटामिन बी, विटामिन बी1, बी2,बी3, बी6, बी7 और विटामिन बी 12 का समूह होता है। ये सभी स्वास्थ्य के लिए तो ज़रूरी हैं ही, साथ ही मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी सहायक होते हैं। विटामिन बी प्रोटीन मेटाबोलिज्म और ऊर्जा उत्पादन से लेकर नर्वस सिस्टम को भी मजबूत करता है। विटामिन बी के सभी तत्व साबुत अनाज, अंडे, लीन मीट, फली, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियों में पाए जाते हैं। केवल बी12 नॉनवेज में पाया जाता है। इसलिए शाकाहारियों को इसका सप्लीमेंट्स लेना ज़रूरी है इसकी मात्रा 2.4 माइक्रोग्राम होनी चाहिए।

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मैग्नीशियम

मैग्नीशियम मांसपेशियों के लिए बहुत ज़रूरी है। डॉक्टर्स का कहना है कि कई महिलाओं को मैग्नीशियम की उचित मात्रा नहीं मिल पाती है। जब आप वेटलिफ्टिंग करते हैं तो मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन और दर्द को कम करने के लिए मैग्नीशियम फायदेमंद होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ रोज 310 से 320 मि.ग्रा. मैग्नीशियम लेने की सलाह देता है। अगर आप हफ्ते में तीन से चार दिन वेट लिफ्टिंग करते हैं तो आपको 400 मि.ग्रा. तक मैग्नीशियम लेने की आवश्यकता है। पालक, नट्स, फलियां और साबुत अनाज में मैग्नीशियम पाया जाता है।

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विटामिन डी

सूरज की रोशनी हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसमें विटामिन डी होता है। विटामिन डी से रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है। विटामिन डी मांसपेशियों के संकुचन, फंक्शन और विकास के लिए ज़रूरी है। आप रोज विटामिन डी की 4000 से 6000 इंटरनेशनल यूनिट के सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।

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विटामिन ई

विटामिन ई एंटीऑक्सीडेंट्स से कोशिका झिल्ली रिकवर होती है, जो ज़्यादा एक्सरसाइज़ करने से मृत हो जाती हैं। वर्कआउट करने के बाद मुठ्ठीभर बादाम खाने से न सिर्फ आपको प्रोटीन, फैट और फाइबर मिलता है बल्कि यह विटामिन ई का अच्छा स्रोत है। विटामिन ई की 300 मि.ग्रा. से ज़्यादा मात्रा लेने में जी मितलाना, पेट दर्द और कमज़ोरी आती है। इसलिए रोज 15 मि.ग्रा. के आसपास की मात्रा में ही विटामिन ई लें।

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