छह उपाय, जो मधुमेह से बचाएं

नियमित संतुलित आहार, व्यायाम और वजन पर काबू कर डायबिटीज को होने से रोका जा सकता है।

डायबिटीज़ By Pooja Sinha / May 23, 2013
डायबिटीज से बचाव

डायबिटीज से बचाव

डायबिटीज आधुनिक जीवनशैली की देन कहा जा सकता है। इस बीमारी से पीछा छुड़ाना लगभग नामुममिन है। लेकिन, समय रहते अगर सतर्क हो जाएं, तो इस बीमारी के दुष्‍प्रभावों को जरूर कम कर सकते हैं। इससे हमारे लिए सामान्‍य जीवन जीना आसान हो जाता है। अच्‍छा तो यही है कि नियमित संतुलित आहार, व्यायाम के जरिए इस बीमारी को होने से रोका जाए। लेकिन, फिर भी यह बीमारी हो जाए तो आपको अतिरिक्‍त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

खानपान की आदतें सुधारें

खानपान की आदतें सुधारें

अपनी खानपान की आदतों में सुधार करके डायबि‍टीज के असर को कम किया जा सकता है। मधुमेह के रोगी को खानपान सम्‍बन्‍धी अपनी आदतों को लेकर सतर्कता बरतनी पड़ती है। उसे न सिर्फ अपने भोजन अपितु उसकी मात्रा को लेकर भी सजग रहना पड़ता है। मधुमेह रोगी को चाहिए कि वह अपने भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दे। प्रोटीन का काम शरीर की मरम्‍मत करना होता है और मधुमेह रोगी के लिए यह बेहद जरूरी पोषक तत्‍व होता है। इसके साथ ही अपने भोजन में कॉर्बोहाइड्रेट की मात्रा भी कम कर देनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कॉर्बोहाइड्रेट शुगर में परिवर्तित हो जाती है और यही शुगर आपको नुकसान पहुंचाती है।

वजन पर रखें काबू

वजन पर रखें काबू

अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले उसे नियंत्रित करें। अधिक वजन और मोटापा डायबि‍टीज का सबसे बड़ा दुश्मन है। रोजाना सुबह की आधे घंटे की वॉक, साइकलिंग, सीढ़ियों का प्रयोग, योग और एरोबिक्स आदि डायबिटीज को कन्‍ट्रोल करने में सहायक हैं। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। बिस्क-वाक नियमित करें ताकि आपकी मांसपेशियां इंसुलिन पैदा कर सकें और ग्लूकोस को पूरा एब्जार्ब कर सकें।

तनाव से दूर रहें

तनाव से दूर रहें

रक्‍त में शर्करा की मात्रा का संतुलन गड़बड़ाने में तनाव की भूमिका महत्त्‍वपूर्ण होती है। तनाव से न सिर्फ वजन बढ़ता है, बल्कि साथ ही इससे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध की भी बड़ी वजह बनता है। तो इसलिए जरूरी है कि तनाव से दूर रहा जाए। इसके लिए योग, हॉट बाथ, कसरत और मसाज आदि जैसे राहत उपायों का सहारा लिया जा सकता है।

विटामिन-के

विटामिन-के

विटामिन-के लेने से शरीर में इंसुलिन की प्रक्रिया में मदद मिलती है जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को ठीक रखता है। डायबिटीज रोग में शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ने से इंसुलिन अणु व उनके कार्य प्रभावी होते हैं। इसलिए आपके आहार में विटामिन-के की मात्रा संतुलित होना भी जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियां ले जैसे पालक व ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थों में यह विटामिन प्रचुर मात्रा में मिलता है। पुरुषों को 12 माइक्रोग्राम व महिलाओं को 90 माइक्रोग्राम विटामिन-के रोजाना लेना चाहिए।

धूम्रपान छोड़ें

धूम्रपान छोड़ें

याद रखिए धूम्रपान करने वाले मधुमेह रोगियों में हृदयाघात की आशंका 50 फीसदी अधिक होती है। धूम्रपान हमारी रक्‍त वाहिनियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हृदय रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

अधिक पानी पीएं

अधिक पानी पीएं

'जल ही जीवन है' यह तो आपने सुना ही होगा। लेकिन पानी सिर्फ प्‍यास बुझाने के ही काम नहीं आता, बल्कि कई रोगों के इलाज में भी मददगार होता है। मधुमेह रोगियों के लिए भी पानी काफी अच्‍छा होता है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अगर आप मधुमेह में भी स्‍वस्‍थ जीवन जीना चाहते हैं तो अधिक मात्रा में पानी पिएं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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