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कैसे बदलें मौसम के साथ खानपान

बदलते हुए मौसम में खानपान में बदलाव ज़रूरी हो जाता है। ऐसा करने से आप स्वस्थ बने रहते हैं।

स्वस्थ आहार By Shabnam Khan / Nov 10, 2014

मौसम के साथ बदलें खानपान

बदलते हुए मौसम में सेहत का ख्याल रखना एक बड़ी चुनौती होता है। मौसम के साथ साथ हमारे शरीर में भी कई परिवर्तन होते हैं। जरा सी लापरवाही करने पर सर्दी, जुकाम, गले में दर्द, पेटी की बीमारियां, मोटोपा आदि आसानी से हो जाते हैं। डायबिटीज़ के रोगियों के लिए तो और मुश्किल वक्त होता है। अब जहां तक मौसम की बात है तो आप उसे बदलने से तो रोक नहीं सकते, लेकिन आप अपने खानपान में थोड़ा सा परिवर्तन लाकर नए मौसम का मज़ा ले सकते हैं।
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अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट

उच्च कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाने से मूड ठीक रहता है। दरअसल, ऐसा इंसुलिन की वजह से भी हो सकता है। कार्बोहाइड्रेट खाने के बाद शरीर इंसुलिन हार्मोन का निर्माण करने लगता है, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है। इसके अलावा इंसुलिन दिमाग में पाए जाने वाले ट्राइपटोफन को भी संचालित करता है, जिससे अच्छा महसूस करने का संकेत मिलता है। इस कारण, इस तरह के खानपान से डिप्रेशन का खतरा कम हो जाता है। इसके लिए, आप अंडे का सफेद वाला हिस्सा, टमाटर, चावल, गेहूं, सेब, ड्राइफ्रूट्स आदि ले सकते हैं।
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विटामिन डी

शरीर में खून के स्तर को बनाए रखने का काम विटामिन डी करता है। इससे हड्डियां सेहतमंद रहती है। विटामिन डी वजन कम होने से रोकने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करता है। ऐसे में जब मौसम बदल रहा हो तो विटामिन डी की भूमिका और विशेष हो जाती है। अगर आप धूप में नहीं निकल पाते तो आपको ज़रूर विटामिन डी की कमी होगी। कोशिश करें की भरपूर मात्रा में विटामिन डी लें।
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फल व सब्जियां

अलग-अलग रंगों के सब्जियां और फल खाने से लोग तंदुरुस्त रहते हैं। गाजर, मूली, टमाटर जैसी सब्जियां अधिक मात्रा में लेनी चाहिए। इनमें एंटीऑक्सिडेंट तत्व होते हैं, जो शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। हरे, पीले, लाल और जामुनी रंग के फलों में भी भरपूर मात्रा में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। हर रोज़ एक हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन अवश्य करें। इनमें कैलोरी कम होती है और ये हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती हैं।
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डेयरी प्रॉ़डक्ट


डेयरी प्रॉडक्ट्स में अच्छे प्रोटीन, विटामिन और मिनरल होते हैं। ये कैल्शियम से भरपूर होते हैं। इनके लगातार सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं और ऐक्स्ट्रा फैट कम होता है। आप दूध, दही, पनीर, चीज आदि में से किसी का भी सेवन कर सकते हैं। दूध रात को खाने के बाद लें। इससे शरीर में गर्माहट बनी रहेगी और ठंड नहीं लगेगी। सर्दियों में रात के वक्त दही का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।
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आंवला लें

बदलते हुए मौसम में आंवला बहुत फायदा करता है। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में। इसमें विटामिन-सी की काफी मात्रा पाई जाती है जो कि एक अच्छा एंटी-ऑक्सिडेंट है। आंवले के नियमित सेवन से संक्रमण की बीमारियां नहीं होतीं। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होने के कारण ये पाचनतंत्र को भी तंदुरूस्त रखता है। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है।
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हल्दी

हल्दी को अच्छा एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, पेट को साफ रखने वाला माना जाता है। ये लिवर और हृदय के लिए स्वास्थ्यवर्धक होती है। यह जोड़ों के दर्द को कम करती है और कैंसर पर नियंत्रण में भी मददगार है। सर्दियों में दूझ में हल्दी मिलाकर पीने से जुकाम व खांसी जैसी आम समस्याओं से निपटा जा सकता है। साथ ही, ये अस्थमा में भी फायदेमंद है।
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रेड मीट से दूरी

अगर आप सर्दियों के मौसम में अधिक मीट खाना शुरू कर देते हैं तो आपको मोटापे की समस्या हो सकती है। और अगर आप रेड मीट खाते हैं तो आपके लिए संभलना बहुत जरूरी है। इससे मोटापा ज्यादा बढ़ता है। आप रेड मीट से दूरी बनाकर चिकन व फिश पर ज़ोर दें। इससे आपको सर्दी से लड़ने की ताकत ज्यादा मिलेगी, मोटापा कम मिलेगा।
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