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महिलाओं में कामेच्‍छा कमी के कारण

महिलाओं में कामेच्‍छा की कमी के कई कारण हो सकते हैं। इस स्लाइडशो में जानें क्या हैं वे कारण।

सभी By Rahul Sharma / Jan 04, 2014

महिलाओं में कामेच्‍छा की कमी

अच्‍छी सेक्‍स लाइफ को अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य का संकेत माना जाता है। लेकिन कुछ कारणों से कामेच्‍छा में कमी आ जाती है। इसके पीछे मानसिक कारण व हॉर्मोन में बदलाव भी हो सकता है। इसलिए अगर आपकी सेक्स की इच्छा में कोई बदलाव आता है तो इसके कारणों की जांच करना जरूरी हो जाता है। संभव है कि इसका संबंध शारीरिक या मानसिक स्वस्थ्य से हो।

मस्तिष्क की बीमारी

कुछ महिलाओं में कामेच्छा कम होने की वजह उनके दिमाग से जुड़ी होती है, तो कई मामलों में इसे एक शारीरिक समस्‍या माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सेक्स के प्रति उदासीनता के लिए केवल किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।

काम का बोझ

सेक्स के प्रति आकर्षण में कमी के लिए व्यस्त जीवनशैली एक बड़ा कारण है। अधिकतर मामलों में इसका कारण काम का दबाव तथा अन्य तरह के तनाव ही होते हैं। जब महिलाएं अपने कामकाज में अत्यधिक व्यस्त रहने लगती हैं और थकान का सामना करती हैं तो उन्हें यौन संबंधों में रूचि ही नहीं रहती। धीरे-धीरे उनकी इच्छा ही समाप्‍त हो जाती है।

गर्भनिरोधक गोलियां

कुछ महिलाओं में कामेच्छा की कमी का कारण गर्भनिरोधक गोलियों का अधिक सेवन होता है। ये गोलियां कुछ महिलाओं की योनि में रूखापन पैदा करने के साथ कुछ हार्मोन्स को भी बाधित कर देती हैं। जिस कारण महिलाओं की कामेच्छा में कमी आ सकती है।

मां बनने के साथ होती शुरूआत

मां बनने के बाद खासकर कामकाजी महिलाओं को, घर तथा कार्यस्थल में अत्यधिक व्यस्त रहना पड़ता है। जिस कारण उनकी सारी ऊर्जा तथा ध्यान बच्चे पर लग जाता है और इसका सीधा असर उनकी कामेच्छा पर पड़ता है।

पुरुष साथी

पुरुष शरीर का स्पर्श पाकर तथा घर्षण की संवेदना से जब स्त्रियों की कामोत्तेजना धीरे-धीरे बढ़ती है, तब तक पुरूष अपना कार्य समाप्त कर निढाल हो चुका होता है। ऐसी दशा में स्त्रियां चरमानन्द के शिखर पर पहुंचने से वंचित रह जाती हैं। जि‍स कारण समय के साथ महिलाओं की कामेच्छा में कमी आने लगती है।

रजोनिवृत्ति

रजोनिवृत्ति महिलाओं में कामेच्छा की कमी का एक बड़ा कारण है। क्योंकि रजोनिवृत्ति के बाद उनके शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की भारी कमी आ जाती है। जिससे योनि में रूखापन हो जाता है और यौन संबंध बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है। बुढ़ापा आने तथा प्रजनन क्षमता खत्म होने की भावना से उन्हें तनाव पैदा हो सकता है जिसका सीधा असर उनकी कामेच्छा पर होता है।

डायबिटीज या ब्लड प्रेशर

डायबिटीज का असर महिलाओं के सेक्स जीवन पर भी पड़ता है। डायबिटीज से ग्रसित लगभग हर तीन में से एक इंसान को इरेक्शन की समस्या होती है। डायबिटीज के कारण धमनियों में रक्त का सही संचार नहीं हो पाता है जिसके कारण सेक्स में चरम प्राप्ती में समस्या होती है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं भी सेक्स जीवन को प्रभावित करती हैं।

कुछ अन्य कारण

महिलाओं की कामेच्छा में कमी के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। जैसे अवसाद, तनाव, किसी बात की चिंता, गरीबी, शरीर की छवि या कम आत्म सम्मान, रिश्तों में नीरसता, अतीत या वर्तमान शारीरिक या भावनात्मक दुरुपयोग, यौन शोषण या बलात्कार का इतिहास (एक बड़ा कारण है) तथा अव्यक्त समलैंगिकता आदि।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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