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बच्‍चों की दांतों के देखभाल के टिप्‍स

सामान्‍यतया बच्‍चे के दांत 6 महीने बाद निकलने शुरू हो जाते हैं, ऐसे में उनके दांतों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

दंत स्वास्‍थ्‍य By Nachiketa SharmaFeb 04, 2014

बच्‍चे के दांत


सामान्‍यतया बच्‍चे के दांत 6 महीने बाद निकलने शुरू हो जाते हैं, लेकिन कुछ बच्‍चों के दांत 1 साल बाद निकलते हैं। इनको प्रारंभि‍क दांत या दूध के दांत कहा जाता है। बच्‍चे के ये दांत 3 साल तक निकलते हैं और 6 साल बाद गिरने शुरू हो जाते हैं उसके बाद स्‍थायी दांत निकलते हैं। लेकिन स्‍वस्‍थ दांतों के लिए जरूरी है स्‍वस्‍थ मसूड़ों का होना। आगे के स्‍लाइडशो में जानिए बच्‍चों के दांतों की देखभाल कैसे करें।

जब निकलते हैं दांत

बच्‍चों के दांत निकलने की प्रक्रिया उनके लिए बहुत तकलीफदेह होती है। इस दौरान बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है और खाने-पीने में भी उसे परेशानी होती है। दांत निकलते समय बच्चे को पतले दस्त व बुखार की शिकायत भी हो सकती है।

मसूड़ों में सूजन

जब बच्‍चे के दांत निकलने शुरू होते हैं तो उनके मसूड़ों में सूजन हो जाती है। इससे घबरायें नहीं, यह दांत निकलने की प्रक्रिया के दौरान होता है। इसके अलावा बच्‍चे के मसूड़ों में लालपन भी आ सकता है।

दूध पिलाते वक्‍त

बच्‍चे के दांत जब निकलने शुरू हो जायें तब दूध पिलाते वक्‍त ध्‍यान रखें। बच्‍चा जब दूध पी ले तो बॉटल हटा लें, सोते वक्‍त बच्चे के मुंह में यदि बॉटल लगी है तो उसे तुरंत हटा लें, क्‍योंकि ऐसा करने बच्‍चो के दांतों में सड़न आ सकती है।

दांतों को साफ करें

दूध पिलाने के बाद बच्‍चों के मसूड़ों को एक साफ कपड़े से अच्‍छे से पोंछ दीजिए। इससे उस चिपचिपी परत से जिसे प्लेक कहते हैं, उससे छुटकारा पाने में मदद मिलेगी जो कि दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है।

सॉफ्ट ब्रश का प्रयोग

बच्‍चों के दांतों को साफ करने के लिए मुलायम टूथब्रश का प्रयोग कीजिए। बच्‍चों के दांतों को नियमित ब्रश से साफ कीजिए, ध्‍यान रखिए कि बच्‍चों के ब्रश पर किसी भी प्रकार का टूथपेस्‍ट बिलकुल न लगायें, क्‍योंकि बच्‍चा इसे खा सकता जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदेह है। बच्‍चों को ब्रश दिन में दो बार सुबह और शाम कराइए।

डेंटिस्‍ट को दिखाइए

छ: महीने और एक साल के अंदर बच्‍चों के दांतों की जांच अवश्‍य कराइए। इसके लिए आप पीडियाट्रिक डेंटिस्‍ट से संपर्क कीजिए। यदि दांतों में कोई समस्‍या है तो डेंटिस्‍ट जांच से उसका उपचार कर सकता है ताकि भविष्‍य में आपके लाडले के दांतों में कोई समस्‍या न आये। इसके अलावा 12 साल तक हर छ: महीने पर डेंटिस्‍ट से संपर्क कीजिए।

आहार

खानपान का असर बच्‍चों के दांतों पर पड़ सकता है, इसलिए बच्‍चे को खिलाते वक्‍त भी ध्‍यान रखना चाहिए। बच्‍चे को अधिक शुगरयुक्‍त आहार बिलकुल न खिलाइए। ऐसे फल भी न खिलायें जो बच्‍चे की दांतों में फंस सकते हैं।

यह भी ध्‍यान रखें

जब बच्‍चे के दांत निकलने शुरू हो जाते हैं तब वह कुछ भी उठाकर खा लेता है। ऐसे में ध्‍यान रखें कि वह ऐसा कोई खाद्य-पदार्थ न खाये जो उसके दांतों के लिए नुकसानदेह हो। इस दौरान फर्श को अच्‍छे से साफ रखें क्‍योकि वह चलना भी सीखता है और अपने मुंह को बार-बार मुंह में डालता है। यदि फर्श पर कीटाणु होंगे तो वे दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

3 साल की उम्र के बाद

जब आपका बच्‍चा 3 साल का हो जाये तो उसे फ्लोराइड का टूथब्रश प्रयोग के लिए दे सकते हैं। लेकिन इस दौरान आप उसके साथ रहें और यह भी ध्‍यान रखें कि वो ब्रश के बाद थूक दे, उसे निगले नहीं।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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