असंतोष और तनाव दूर करने में सहायक ब्रीदिंग एक्सरसाइज

भागदौड़ भरी इस जिंदगी में सोते-जागते, खाते-पीते हर समय दिमाग में कोई न कोई अधेड़-बुन चलती ही रहती है, और तनाव होता है, ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइज कमाल का इलाज है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Rahul Sharma / Oct 18, 2014
 ब्रीदिंग एक्सरसाइज

ब्रीदिंग एक्सरसाइज

भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम रोज कई तरह के तनावों से होकर गुजरते हैं। सोते-जागते, खाते-पीते हर समय दिमाग में कोई न कोई अधेड़-बुन चलती ही रहती है जिसके चलते तनाव असंतोष और तनाव पैदा होते हैं। ऐसे में ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से दिमाग को शांत किया जा सकता है और तनाव आदि समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। तो चलिये जानें कि ब्रीदिंग एक्सरसाइज क्या हैं और ये हमें कैसे लाभ पहुंचाती हैं।
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सांसों का महत्व

सांसों का महत्व

जीवन की डोर सांसों से ही बधी होती है इसलिए सांसे बहुत मायने रखती हैं। बहुत ज्यादा तनाव के पलों में ब्रीदिंग लेवल बहुत बढ़ जाता है, जिससे मसल्स टेंशन, एंग्जाइटी, सिर में तेज दर्द आदि की समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में यदि कुथ आसान सी डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज की जाएं, तो शरीर और मन दोनों शांत होते हैं।
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ब्रीदिंग इफैक्ट

ब्रीदिंग इफैक्ट

जब हम सांस भीतर लेते हैं तो इसके साथ हमारे शरीर में पहुंचने वाली ऑक्सीजन रक्त के माध्यम से शरीर की कोशिकाओं को पोषण देती है। वर्षों पूर्व ही ब्रीदिंग का महत्व प्राणायाम के रूप में बताया गया है। मात्र गहरी सांस लेने और छोड़ने से ही किसी व्यिक्ति को  कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
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अनुलोम–विलोम प्रणायाम

अनुलोम–विलोम प्रणायाम

अनुलोम–विलोम करने के लिए दाईं और बाईं नाक से बारी-बारी से सांस लें और छोड़ें। जिस नाक से सांस से उसके दूसरी तरफ से छोड़ें। प्राणायाम प्रणाली से सांस लेने पर हमारे दिमाग के दोनों भाग एक साथ काम करने लगते हैं। अनुलोम–विलोम करते समय हमारे दिमाग के दाएं भाग तक ऑक्सीजन पहुंच जाती है। इसके अलावा आप भस्त्रिका प्राणायाम योग या भ्रामरी प्रणायाम भी कर सकते हैं।
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उज्जयी प्रणायाम

उज्जयी प्रणायाम

संस्कृत के उज्जयी शब्द का अर्थ होता है विजेता। कहा जाता है कि उज्जई सांस लेने का तरीका विजेताओं के सांस लेने का तरीका होता है। उज्जयई श्वसन में धीरे-धीरे कर गले से सांस छोड़ी जाती है। इस दौरान ध्यान गले से होने वाली आवाज पर रखें। सांस छोड़ते हुए गले से काफी हद तक दूर से समुद्र से आने वाली आवाज की तरह आवाज आती है।
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पैदल चलना भी है ब्रीदिंग एक्सरसाइज

पैदल चलना भी है ब्रीदिंग एक्सरसाइज

दिन में तेज पैदल चलना भी एक ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यास ही होता है। इससे आपको गहरी सांस लेने की आदत पड़ती है। इसे और भी बेहतर बनाने के लिए गिनें की कितने कदम चलने में आप सांस को अन्दर भर सकते हैं।
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सुबह-सुबह लें गहरी सांसें

सुबह-सुबह लें गहरी सांसें

सुबह उठने के बाद बिस्तर छोड़ने से पहले करीब दस मिनट तक खूब गहरी सांस भरें और छोड़ें। सांस लेने और छोड़ने में बराबर समय लगायें। शुरुआत में ये थोड़ा सा मुश्किल होता है, लेकिन लाभ मिलने पर शीघ्र ही आप यह बहुत आसानी से कर पायेंगे।   
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ध्यान के दौरान डीप ब्रीदिंग

ध्यान के दौरान डीप ब्रीदिंग

ध्यान के दौरान डीप ब्रीदिंग का बड़ा महत्व होता है। डीप ब्रीदिंग के लिए सीधे बैठ जाएं और एक हाथ अपनी छाती पर रखें और दूसरे को पेट पर रख लें। अब भीतर की ओर गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे इसे छोड़ें। यदि ब्रीदिंग सही तरीके से की जाए तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं खुद-ब-खुद दूर हो जाती हैं।
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 कभी भी करें ये ब्रीदिंग एक्सरसाइज

कभी भी करें ये ब्रीदिंग एक्सरसाइज

एक से चार तक गिनते हुए धीरे-धीरे नाक से सांस लें और फिर कंधे, छाती और पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करते हुए मुंह से सांस को धीरे-धीरे ही छोड़ें। इस प्रक्रिया को दो से तीन मिनट तक दोहराएं। इसे करने से दिमाग और शरीर को बहुत आराम मिलता है।  
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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