• shareIcon

फ्लू के बारे में कुछ बड़े मिथ

फ्लू की गंभीरता को देखते हुए इससे बचना जरूरी होता है। लेकिन अभी भी कई कारणों के चलते लोगों के बीच फ्लू को लेकर कई सारे मिथ व्याप्त हैं।

फ्लू By Rahul Sharma / Oct 28, 2014

फ्लू से जुड़े मिथ

फ्लू के हर मौसम में बड़ी संख्या में लोग इस गंभीर स्थिति पैदा कर सकने वाले वायरस से पीड़ित होते हैं। इसलिए इस समस्या से बचना जरूरी होता है। लेकिन अभी भी कई कारणों के चलते लोगों के बीच फ्लू को लेकर कई सारे मिथ हैं। अतः इस ववायरस के बारे में सही जानकारी कर इसकी रोकथाम करना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा। तो चलिये जानते हैं कि लोगों के बीच इस वायरस को लेकर किस प्रकार के मिथ व्याप्त हैं, ताकि इससे बचकर रहा जा सके।
Image courtesy: © Getty Images

आप फ्लू शॉट (टीका) से फ्लू हो सकता हैं

ये सत्य नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दरअसल फ्लू का टीका मृत वायरल कणों से बनाया जाता है, और जब तक वायरस जीवित न हों, यह आपको संक्रमित नहीं कर सकता। तो फ्लू शॉट से फ्लू होने की बात सरासर गलत है।
Image courtesy: © Getty Images

युवा व स्वस्थ लोगों को फ़्लू से नहीं है खतरा

युवा व स्वस्थ लोगों को फ़्लू के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, ये सरासर गलत धारणा है। हालांकि यह सच है इन्फ्लूएंजा, युवा अंतर्निहित बीमारियों वाले बुजुर्ग आदि के लिए सबसे जोखिम भरा होता है, लेकिन यह स्वस्थ लोगों में भी गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है।
Image courtesy: © Getty Images

फ्लू में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण शामिल होते हैं

फ्लू में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण देखने को नहीं मिलते। यह सिर्फ एक मिथ है कि फ्लू में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या होती ही है। हालांकि हो सकता है कि फ्लू में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या भी हो जाए। लेकिन इसे फ्लू के लक्षण के तौर पर नहीं देखआ जा सकता।
Image courtesy: © Getty Images

गर्भवती महिलाओं को फ्लू शौट नहीं देना चाहिए

यह भी पूरी तरह से गलत है, बल्कि गर्भवती महिलाओं को तो जितना जल्दी हो सके, फ्लू शोट दे देना चाहिए। फ्लू शौट गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं, और मां और शिशु दोनों की रक्षा भी करता हैं।  
Image courtesy: © Getty Images

हाथ धोने से फ्लू को रोका जा सकता है

हाथ धोने से फ्लू को रोके जा सकने की बात एक मिथ ही है। हाथ धोना सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन ये इंफ्लुएंजा के वायरस को नहीं रोक सकता। इंफ्लुएंजा का वायरस छूत की बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति की लार की बूंदों के माध्यम से हवा में फैलता है।
Image courtesy: © Getty Images

यदि फ्लू हो, तो इसका अर्थ है कि शॉट ने काम नहीं किया

ऐसा नहीं है, फ्लू का टीका खसरे या पोलियो की रक्षा वाले टीके की तरह नहीं होता है, जोकि सौ प्रतिशत रक्षा करते हैं। फ्लू का शॉट एक बार में केवल 60 से 90 प्रतिशत तक ही प्रभावी होता है। तो इसके लगने के बाद भी संक्रमण की आशंका बचती है।
Image courtesy: © Getty Images

एंटीबायोटिक्स फ्लू से लड़ सकते हैं

एंटीबायोटिक दवाएं इस वायरस पर काम नहीं करती हैं। जबकि फ्लू से लड़ने के लिए कुछ एंटीवायरल दवाएं (आरएक्स) होती हैं। इसलिए कभी भी फ्लू होने पर खुद से एंटीबायोटिक्स देने की गलती न करें।
Image courtesy: © Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK