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मासिक धर्म से जुड़ी 5 बड़ी भ्रांतियां

सारे भ्रांतियों और गलतफहमियों का एक ही कारण है- अपवित्रता। उन दिनों इतनी सारी हिदायतें इसलिए दी जाती हैं क्योंकि लड़कियां उन दिनों में अपवित्र हो जाती है। जबकि ये जानना ज्यादा जरूरी है कि पवित्रता का क्या पैमाना है?

महिला स्‍वास्थ्‍य By Gayatree Verma / Nov 20, 2015

माहवारी नहीं है बीमारी

पहले तो समाज में माहवारी के उन दिनों को बीमारी समझने पर रोक लगनी चाहिए। समाज, शब्दों में तो इसे बीमारी नहीं कहता लेकिन जिस तरह से उन दिनों में लड़कियों के साथ व्यवहार होता है वैसा केवल बीमारी के दिनों में मरीजों से ही किया जाता है। वो भी किसी छुआ-छूत वाली ही बीमारी में। आचार नहीं छूना, मंदिर नहीं जाना, ये नहीं करना, वो नहीं करना... आदि कई हिदयातें हैं जो भ्रांतियों के रुप में हम सब के बीच फैली हुई हैं। जरूरी है इन भ्रांतियों से जुड़े सच को जानकर इन्हें खत्म किया जाए।

व्यायाम ना करें

पीरियड्स के दौरान लड़कियों को व्यायाम ना करने की हिदायत दी जाती है। दर्द के दौरान तो लड़कियां बिल्कुल भी काम नहीं करती। लेकिन ये बिल्कुल गलत है। आराम करने से दर्द दूर नहीं होता बल्कि उन दिनों में और भी ज्यादा सक्रिय रहने से किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती। व्यायाम तो उस दौरान जरूर करना चाहिए। व्यायाम रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह को सुचारु कर पेट में दर्द और ऐंठन को दूर करे में सहायक होता है।

खराब हो जाएगा आचार

आचार खराब होने की भ्रांतियां सबसे अधिक सामान्य है जो बिल्कुल ही निराधार और हास्यास्पद है। ऐसा लगता है कि उन दिनों में लड़कियों के हाथ से जीवाणु, विषाणु और कीटाणु (मतलब सारे खतरनाक जीव) एक साथ निकलकर आचार में चले जाएंगे और आचार को बर्बाद होने से कोई नहीं रोक पाएगा।

किचन में मत घुसो

इन दिनों में लड़कियों को किचन में घुसने नहीं दिया जाता। स्पीचलेस!!!

मंदिर नहीं जाए

पीरियड्स के दौरान लड़कियों को मंदिर नहीं जाना चाहिए क्योंकि इससे भगवान अपवित्र हो जाते हैं। इसका मतलब समझ रहे हैं। भगवान, मतलब जिन्होंने हमें बनाया इस प्रकृति को बनाया वो अपवित्र हो जाएंगे। जबकि ये पीरियड वाला आइडिया भगवान का ही रहा होगा तभी इसे लड़कियों में डाला गया होगा ना!

पति को भी शुरू हो जाएंगे पीरियड्स

ये हमारे सभ्य समाज का सबसे बड़ा चुटकुला है जिस पर दिल खोलकर हंस सकते हैं। समाज के कई हिस्सों में लोगों का मानना रहा है कि अगर पीरियड्स के दौरान पत्नी अपने पति के साथ सोती है तो पति के भी पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। इसका कोई तुक नहीं है तो केवल हंसिए इस पर और अपने इस सभ्य समाज के भोलेपन पर जिसने ऐसे चुटकुले बनाकर भोली-भाली लड़कियों को खतरनाक रुप देने का काम किया है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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